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रोडवेज हड़ताल: खट्टर सरकार ने सस्पेंड किए 120 कर्मचारी

Thu, 13 Apr 2017 09:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Thu, 13 Apr 2017 09:11 AM IST
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haryana government suspends 120 roadways workers due to strike
सीएम मनोहर लाल
हरियाणा की खट्टर सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच निजी परमिटों पर तलवारें खिंची हुई हैं। न तो सरकार पीछे हटने को तैयार है, न ही रोडवेज कर्मी झुकने के लिए।
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रोडवेज का जिम्मा संभाल रही परिवहन विभाग की महानिदेशक अनीता यादव के आदेशों के बाद सभी 22 जिलों के डिपुओं में 120 कर्मियों को निलंबित करने से गतिरोध और बढ़ गया है।
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दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता न होने से बुधवार को तीसरे दिन भी रोडवेज बसों का चक्का जाम रहा। प्रदेश में एक भी बस सड़कों पर नहीं उतरी। रोडवेज बसों के न चलने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि, सरकार कोई दिक्कत न होने का दावा कर रही है। अगर सरकार और रोडवेज कर्मियों के बीच गतिरोध न टूटा तो हालात और विकट हो सकते हैं।

सरकार की ओर से रोडवेज यूनियनों को मनाने की कोशिशें भी लगातार जारी है, बुधवार रात भी पंचकूला में परिहवन मंत्री कृष्ण लाल पंवार और हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेताओं के बीच बैठक हुई है। इसमें रोडवेज यूनियनों के नेताओं ने अपना पक्ष एक बार फिर मजबूती से रख दिया है।

रोडवेज के कर्मचारी नेता सरबत पूनिया ने बताया कि उन्होंने मंत्री को बताया है कि 853 निजी परमिट का आवंटन रद हुए बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। अब फैसला सरकार को लेना है।
 

अब तक दस करोड़ से अधिक की चपत

haryana government suspends 120 roadways workers due to strike
haryana roadways - फोटो : अमर उजाला
तीसरे दिन रोडवेज बसों के सड़क पर न उतरने से अभी तक परिवहन विभाग को दस करोड़ से अधिक का वित्तीय नुकसान हो चुका है। साथ ही जनता में साख भी खराब हो रही है। अगर सड़क पर 37 सौ बसों का आवागमन आने वाले दिनों में भी बंद रहा तो सरकार की मुश्किलें काफी बढ़ेंगी, चूंकि अभी तक वैकल्पिक परिवहन के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। सरकार निजी बस आपरेटरों के ही सहारे है, लेकिन उनके पास इतनी बसें नहीं है कि सभी यात्रियों को समय पर गंतव्य स्थल पर पहुंचा सकें। सरकार निजी स्कूलों की बसों के साथ ही अनुबंध पर कर्मचारी रखकर आने वाले दिनों में रोडवेज बसों को चलाने का निर्णय ले सकती है।

सरकार संपत्ति को न पहुंचने दें नुकसान : डीजीपी
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक केपी सिंह ने कहा कि जिला अधिकारियों को रोडवेज की हड़ताल के मद्देनजर सरकारी संपति को नुकसान न पहुंचने देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि प्राईवेट बसें संचालित हैं तो उसे किसी भी प्रकार से रोका न जाए तथा कानून व्यवस्था बनी रहे। यदि कोई भी व्यक्ति संपति को नुकसान पहुंचाता है या कानून के विरुद्ध कार्य करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जींद व रोहतक में अतिरिक्त पुलिस बल को भी तैनात किया गया है और जिलों में पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि आवश्यकता पड़ती है तो वे जरूरत के अनुसार होम गार्ड की भी तैनाती करें। अब तक चक्का जाम शांतिपूर्ण चल रहा है और कहीं भी कोई भी ज्यादती की कोशिश नहीं की गई है। कर्मचारी अपने धरने पर बैठे हुए हैं और किसी ने भी किसी प्राइवेट बस को रोकने की कोशिश नहीं की है।
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