हरियाणाः डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से सेवाएं ठप, तो सरकार ने दिखाए सख्त तेवर, छुट्टियां रद्द
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हरियाणा में डॉक्टरों की 24 घंटे की हड़ताल ने मरीजों को बेहाल कर दिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर की गई हड़ताल जारी रही। सोमवार को डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर ओपीडी नहीं ली। आपात सेवाएं भी अधिकांश अस्पतालों में बाधित रहीं। मरीजों को अस्पतालों से बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा।
प्रदेश सरकार ने हालांकि, शनिवार देर रात डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की सोमवार की छुट्टी रद करते हुए ओपीडी व आपात सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए थे। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की एक न चली।
डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने विभाग के आदेशों को दरकिनार कर दिया और 24 घंटे की आईएमए की हड़ताल में शामिल होकर विरोध प्रदर्शन भी किए। डॉक्टर सेंट्रल एक्ट बनाने के साथ ही सुरक्षा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं।
आईएएम के प्रदेश सचिव डॉ. सुनील मुंजाल ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सेंट्रल एक्ट बेहद जरूरी है। डॉक्टरों पर हमला करने वालों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को अधिक से अधिक सजा व जुर्माना होना चाहिए।
उधर, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने हड़ताल से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में हड़ताल ही नहीं थी। रोहतक के पीजी डॉक्टरों का ही कुछ मुद्दा है, उसे लेकर हड़ताल हुई, बाकी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रही हैं।