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हरियाणा सरकार का बड़ा कदम: निजी ITI की फीस की तय, छात्रों को ऑनलाइन ही भरना पड़ेगा

Sun, 17 Jul 2022 09:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 17 Jul 2022 09:42 PM IST
सार

विभाग की ओर से फीस तो तय थी लेकिन आईटीआई संचालक इसका पालन नहीं कर रहे थे। नए नियमों के तहत ये भी प्रावधान किया गया है कि दाखिले के समय विद्यार्थी को पांच हजार रुपये की राशि बतौर सिक्योरिटी जमा करानी होगी।

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Haryana government sets fee structure in private ITIs
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

हरियाणा सरकार ने प्रदेशभर में चल रही निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पर शिकंजा कस दिया है। हरियाणा सरकार ने निजी आईटीआई में दाखिला लेने के लिए फीस स्ट्रक्चर (ढांचा) तय कर दिया है। निजी आईटीआई इससे अधिक और कम फीस नहीं वसूल सकेंगे। खास बात ये है कि अब विद्यार्थी आईटीआई में मैनुअली फीस जमा नहीं करा पाएंगे, बल्कि उन्हें विभाग के पोर्टल पर हर तिमाही ऑनलाइन फीस जमा करानी होगी। 

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कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा के महानिदेशक ने निजी आईटीआई में सत्र 2022-23 में दाखिले को लेकर नई फीस दरों को लेकर पत्र जारी किया है। इंजीनियरिंग ट्रेड में दाखिले के लिए एक साल की फीस 26 हजार होगी और दो साल की 52 हजार रुपये होगी। इसी प्रकार, नान इंजीनियरिंग ट्रेड्स में एक साल की फीस 21200, जबकि दो साल की फीस 42400 हजार रुपये तय की गई है। 
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इसके अलावा, विभाग ने ये भी प्रावधान किया है कि ऑनलाइन जमा फीस में से 2 प्रतिशत राशि सर्विस चार्ज के बदले में विभाग अपने पास रखेगा। पहले विद्यार्थी विभाग के पास फीस जमा करेगा और बाद में 2 प्रतिशत काटकर वापस आईटीआई संचालक को भेजी जाएगी। जबकि पहले केवल निजी आईटीआई में ही फीस जमा करानी होती थी। 

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विभाग की ओर से फीस तो तय थी लेकिन आईटीआई संचालक इसका पालन नहीं कर रहे थे। नए नियमों के तहत ये भी प्रावधान किया गया है कि दाखिले के समय विद्यार्थी को पांच हजार रुपये की राशि बतौर सिक्योरिटी जमा करानी होगी। अगर किसी विद्यार्थी का दाखिला लेने के बाद नाम कट जाता है तो उसकी सिक्योरिटी राशि उसे नहीं मिल सकेगी। गौर हो कि हरियाणा में 150 के करीब निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं और यहां पर अलग अलग कोर्स कराए जाते हैं। 

नॉन अटेंडिंग के बदले अधिक फीस वसूलने के थे आरोप
बताया जाता है कि सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची थी कि निजी आईटीआई संचालक विद्यार्थियों से नॉन अटेडिंग का कोर्स कराते हैं और अधिक फीस वसूलते हैं। हरियाणा सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। इसके लिए दो साल के कोर्सों की फीस तय कर दी। मैनुअली के बजाय ऑनलाइन फीस जमा कराने से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और इससे आईटीआई संचालकों की मनमर्जी खत्म होगी।

दाखिलों के लिए पोर्टल खोलने की मांग
हरियाणा प्राइवेट आईटीआई मैनेजमेंट एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नरेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार अन्य राज्यों की आईटीआई में दाखिले शुरू हो चुके हैं लेकिन हरियाणा में अभी तक पोर्टल नहीं खोला गया है। गुप्ता ने मांग की है कि दाखिले के लिए पोर्टल खोला जाए, ताकि निजी आईटीआई में विद्यार्थियों के दाखिले हो सके। इसके अलावा, ऑनलाइन फीस जमा कराने पर दो प्रतिशत राशि काटना गलत है, इस फैसले को वापस लिया जाए।

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