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हरियाणा सतर्कता आयोग गठित होगा, रिटायर्ड पुलिस अफसर या जज की नियुक्ति, चल रहा मंथन
Fri, 03 Jul 2020 10:44 AM IST
खुशबू गोयल
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 03 Jul 2020 10:44 AM IST
सार
- राज्य विजिलेंस ब्यूरो की भूमिका पर भी हो रहा विचार
- इस सप्ताह हो सकता है ऐलान और जरूरी नियुक्तियां
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सीएम मनोहर लाल, गृहमंत्री अनिल विज
विस्तार
हरियाणा सरकार केंद्रीय विजिलेंस आयोग की तर्ज पर राज्य सतर्कता आयोग का गठन करने की तैयारी कर रही है। सरकार के स्तर पर इसका खाका तैयार हो चुका है। आयोग के गठन के पीछे मंशा यह है कि सीधे तौर पर आयोग की नजर भ्रष्टाचार पर रहे और किसी तरह के राजनैतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश न हो। सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।
सरकार का मानना है कि आयोग के गठन के साथ ही सरकार की पारदर्शी कार्यशैली की थीम और आगे बढ़ेगी। पिछले कार्यकाल में भी भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर जनता के बीच गई थी। विजिलेंस ब्यूरो को लेकर आम धारणा यह है कि राजनैतिक दबाव भी ब्यूरो के ऊपर रहता है। राज्य सतर्कता आयोग के लिए अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के नाम सुझाए गए हैं। जिस पर निगरानी के लिए किसी न्यायिक हस्ती को भी बैठाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री स्वयं चाहते हैं कि यह आयोग सभी तरह के दबाव से मुक्त रहे। वर्तमान में हरियाणा में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के माध्यम से ही सतर्कता विभाग से संबंधित सभी जांच की जाती हैं। अब अगर आयोग का गठन हेाता है तो विजिलेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली भी तय करती होगी, क्योंकि अभी तक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच का जिम्मा विजिलेंस के पास ही होता है।
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सरकार का मानना है कि आयोग के गठन के साथ ही सरकार की पारदर्शी कार्यशैली की थीम और आगे बढ़ेगी। पिछले कार्यकाल में भी भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर जनता के बीच गई थी। विजिलेंस ब्यूरो को लेकर आम धारणा यह है कि राजनैतिक दबाव भी ब्यूरो के ऊपर रहता है। राज्य सतर्कता आयोग के लिए अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के नाम सुझाए गए हैं। जिस पर निगरानी के लिए किसी न्यायिक हस्ती को भी बैठाया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री स्वयं चाहते हैं कि यह आयोग सभी तरह के दबाव से मुक्त रहे। वर्तमान में हरियाणा में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के माध्यम से ही सतर्कता विभाग से संबंधित सभी जांच की जाती हैं। अब अगर आयोग का गठन हेाता है तो विजिलेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली भी तय करती होगी, क्योंकि अभी तक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच का जिम्मा विजिलेंस के पास ही होता है।
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इस सप्ताह हो सकता है ऐलान
इस बात पर मंथन चल रहा है कि आयोग में किसी पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी को लगाया जाए या फिर किसी रिटायर्ड जज को। यह भी संभव हो सकता है कि पुलिस के किसी तेज तर्रार अधिकारी को आयोग की कमान दे दी जाए। बहरहाल इस बात पर चर्चा हो रही है। इसी सप्ताह सरकार इस संदर्भ में कोई ऐलान कर सकती है।
ऐसे काम करता है केंद्रीय सतर्कता आयोग
केंद्रीय सतर्कता आयोग की अवधारणा एक शीर्षस्थ सतर्कता संस्थान के रूप में की गई है। जो किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियंत्रण से मुक्त है तथा केंद सरकार के तहत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है। यह आयोग केंद्रीय सरकारी संगठनो में विभिन्न प्राधिकारियों को उनके सतर्कता कार्यों की योजना बनाने, निष्पादन करने, समीक्षा करने तथा सुधार करने में सलाह देता है।
ऐसे काम करता है केंद्रीय सतर्कता आयोग
केंद्रीय सतर्कता आयोग की अवधारणा एक शीर्षस्थ सतर्कता संस्थान के रूप में की गई है। जो किसी भी कार्यकारी प्राधिकारी के नियंत्रण से मुक्त है तथा केंद सरकार के तहत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है। यह आयोग केंद्रीय सरकारी संगठनो में विभिन्न प्राधिकारियों को उनके सतर्कता कार्यों की योजना बनाने, निष्पादन करने, समीक्षा करने तथा सुधार करने में सलाह देता है।