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ऐतिहासिक फैसलाः 57 पंचायतों, कन्या गुरुकुल वाले गांवों, थानेसर और पेहोवा में नहीं बिकेगी शराब
Wed, 06 Mar 2019 12:36 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Mar 2019 12:36 PM IST
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57 पंचायतों, कन्या गुरुकुल, थानेसर और पेहोवा में शराब की बिक्री नहीं होगी। हरियाणा कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी देते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। बैठक में बताया गया कि हरियाणा की 57 पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने अपने यहां शराब के ठेके खोलने से इंकार किया है। सरकार ने प्रदेश की सभी पंचायतों से प्रस्ताव मांगे थे, जिनमें से 57 ने ही शबराबंदी का प्रस्ताव भेजा था। वहीं अब थानेसर नगर परिषद और पेहोवा नगरपालिका में भी शराब नहीं बिकेगी। जिन गांवों में कन्या गुरुकुल चल रहे हैं, वहां भी शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी।
हरियाणा प्रदेश की नई आबकारी नीति 2019-20 में देशी और अंग्रेजी शराब के रेट बढ़ने जा रहे हैं। मंगलवार को सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत आम लोगों के लिए शराब महंगी होगी, वहीं फौजियों के लिए सरकार ने कैंटीन में रम को सस्ता करने का निर्णय लिया है। रम पर 61 रुपये प्रति प्रूफ लीटर आबकारी शुल्क कम किया गया है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में शराब से लगभग साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।
कैबिनेट की बैठक में देसी व अंग्रेजी शराब की बिक्री का कोटा बढ़ाने के साथ ही इसे महंगा भी किया गया है। चुनावी वर्ष में सरकार को शराब की खपत ज्यादा होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने लोगों को अपने घर पर शराब का स्टॉक रखने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए लाइसेंस (एल-50) लिया जा सकेगा। इसके रेट अभी तय होने बाकी हैं, वहीं इसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। पांच हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों में अतिरिक्त सब वेंड की अनुमति होगी।
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हरियाणा प्रदेश की नई आबकारी नीति 2019-20 में देशी और अंग्रेजी शराब के रेट बढ़ने जा रहे हैं। मंगलवार को सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत आम लोगों के लिए शराब महंगी होगी, वहीं फौजियों के लिए सरकार ने कैंटीन में रम को सस्ता करने का निर्णय लिया है। रम पर 61 रुपये प्रति प्रूफ लीटर आबकारी शुल्क कम किया गया है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में शराब से लगभग साढ़े सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।
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कैबिनेट की बैठक में देसी व अंग्रेजी शराब की बिक्री का कोटा बढ़ाने के साथ ही इसे महंगा भी किया गया है। चुनावी वर्ष में सरकार को शराब की खपत ज्यादा होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने लोगों को अपने घर पर शराब का स्टॉक रखने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए लाइसेंस (एल-50) लिया जा सकेगा। इसके रेट अभी तय होने बाकी हैं, वहीं इसके लिए भी ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। पांच हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों में अतिरिक्त सब वेंड की अनुमति होगी।
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नई आबकारी नीति की अहम बातें
- शराब ठेकों के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा
- आयातित विदेशी शराब में बड़े ठेकेदारों को शामिल होने का मौका मिलेगा
- सभी मॉल, गुरुग्राम, फरीदाबाद एवं पंचकूला में लाइसेंस प्राप्त शॉपिंग क्षेत्र में आउटलेट खोले जा सकेंगे
- हलकी शराब की बिक्री के लिए हार्ड लिकर के लिए अनिवार्य लाइसेंस मांगे बिना लाइसेंस का विकल्प चुनने की अनुमति
- मेट्रो शराब लांच करने की अनुमति दी गई, जो राज्य की शराब फैक्ट्रियों में बनेगी- पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से कम से कम 20 प्रतिशत शराब कांच की बोतलों में बिकेगी
- आयातित विदेशी शराब में बड़े ठेकेदारों को शामिल होने का मौका मिलेगा
- सभी मॉल, गुरुग्राम, फरीदाबाद एवं पंचकूला में लाइसेंस प्राप्त शॉपिंग क्षेत्र में आउटलेट खोले जा सकेंगे
- हलकी शराब की बिक्री के लिए हार्ड लिकर के लिए अनिवार्य लाइसेंस मांगे बिना लाइसेंस का विकल्प चुनने की अनुमति
- मेट्रो शराब लांच करने की अनुमति दी गई, जो राज्य की शराब फैक्ट्रियों में बनेगी- पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से कम से कम 20 प्रतिशत शराब कांच की बोतलों में बिकेगी