फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Government negotiation fails from roadways personnel

रोडवेज कर्मियों से सरकार की फिर नहीं बनी बात, परिवहन मंत्री ने किया 3500 बसें चलने का दावा

Thu, 25 Oct 2018 09:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 25 Oct 2018 09:07 AM IST
विज्ञापन
Haryana Government negotiation fails from roadways personnel
haryana roadways - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा रोडवेज की हड़ताल को सरकार तमाम कोशिश के बावजूद खत्म कराने में नाकाम रही है। अधिकारी स्तर की वार्ता के बाद परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बातचीत भी बेनतीजा रही। हड़ताली कर्मचारियों को मंत्री भी मनाने में नाकाम रहे। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की गुरुवार को खत्म हो रही हड़ताल को और आगे बढ़ाएगी। 

विज्ञापन


कमेटी के सदस्य बैठक कर हड़ताल को तीन दिन के लिए और बढ़ा सकते हैं। गुरुवार को हड़ताल का दसवां दिन है। शुक्रवार को सरकार के चार साल पूरे हो रहे हैं। मनोहर लाल सरकार इससे पहले हड़ताल खत्म कराने के लिए प्रयासरत है, लेकिन किलोमीटर स्कीम बीच में रोड़ा बनी हुई है। मंत्री के साथ तालमेल कमेटी की बुधवार शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक हुई बैठक में भी किलोमीटर स्कीम के कारण ही कोई हल नहीं निकल पाया। 
विज्ञापन


परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, एसीएस परिवहन धनपत सिंह, परिवहन आयुक्त पंकज अग्रवाल, परिवहन महानिदेशक आरसी बिढान, अतिरिक्त परिवहन निदेश वीरेंद्र दहिया व संवर्तक सिंह स्कीम लागू करने पर अड़े रहे तो कर्मचारी इसे रद्द करने पर ही पीछे हटने को तैयार दिखे। परिवहन मंत्री ने कमेटी के समक्ष कहा कि स्कीम को कैबिनेट में पास किया जा चुका है, इसे वापस नहीं लिया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

Haryana Government negotiation fails from roadways personnel
रोडवेज का चक्का जाम - फोटो : अमर उजाला

इस पर कमेटी सदस्यों ने सवाल उठाया कि स्कीम के तहत प्राइवेट ऑपरेटरों के साथ 19 से 21 सितंबर 2018 तक एग्रीमेंट हुए हैं। जबकि रोडवेज कर्मचारी स्कीम का विरोध पहले से कर रहे हैं। 5 सितंबर को हड़ताल भी हो चुकी है। सरकार को एग्रीमेंट करने ही नहीं चाहिए थे। सरकार स्कीम लागू करने पर अड़ी रही तो कर्मचारी नेताओं ने साफ कर दिया कि इसे रद्द कराए बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी। जिस पर वार्ता टूट गई।

510 बसें चलने दो, 190 का टेंडर रद्द कर देंगे : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने वार्ता के दौरान पेशकश करते हुए कहा कि 510 बसों का टेंडर हो चुका है, इन्हें चलने दें, जबकि 190 बसों का जो और टेंडर होना है, उसे रद्द कर देंगे। रोडवेज घाटे में हैं, बसों को चलने दें। मंत्री वार्ता के दौरान असहाय नजर आए। इस पर रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्यों हरिनारायण शर्मा, सरबत सिहं पूनिया, दलबीर किरमारा, वीरेंद्र धनखड़, इंद्र सिंह बधाना, आजाद गिल, बलवान सिंह दोदवा, अनूप सहरावत, जय भगवान कादियान, बाबू लाल यादव, सुलतान सिंह, नसीब जाखड़ और विजय ढोंचक ने कहा कि कर्मचारी अपनी एक महीने की पगार और दो साल का बोनस तक छोड़ने को तैयार हैं। घाटा उससे पूरा कर लें, मगर बसें रोडवेज की ही लाएं।

विजिलेंस जांच ठुकराई, स्कीम रद्द करने पर अडे़

Haryana Government negotiation fails from roadways personnel
Haryana Roadways strike

तालमेल कमेटी के सदस्यों को परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया कि किलोमीटर स्कीम की विजिलेंस जांच करा देते हैं। अगर कोई धांधली पाई गई तो स्कीम रद्द कर देंगे। कमेटी ने कहा कि पहले स्कीम रद्द करो, उसके बाद स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराओ। इस पर मंत्री ने कहा कि प्राइवेट ऑपरेटर कोर्ट चले जाएंगे। कमेटी सदस्यों ने कोर्ट जाने की दलील को खारिज कर दिया। 

गुरुवार से सड़कों पर दौड़ेंगी लगभग 35 सौ बसें : पंवार
 हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों की बात सुनी गई है। कर्मचारी नेता सरकार की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को लगभग 2994 रोडवेज, निजी व सहकारी समितियों की बसें सड़कों पर चली हैं। उन्होंने दावा किया कि गुरुवार से सड़कों पर 34-35 सौ बसें चलेंगी। पुलिस जवान, होमगार्ड, फायर कर्मी और नवनियुक्त ड्राइवर बसों को चला रहे हैं। किसी भी राज्य से बसों की मांग नहीं की गई, अपनी बसों को चलाने के लिए सरकार सक्षम है। 309 प्रोबेशनर चालक-परिचालकों ने बुधवार को ड्यूटी ज्वाइन की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed