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हरियाणाः गेस्ट टीचरों को मिल सकता है बड़ा तोहफा, पर भनक लगते ही नाराज हो गए एचटेट पास
Sun, 24 Feb 2019 11:50 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 24 Feb 2019 11:50 AM IST
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हरियाणा के गेस्ट टीचर्स
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हरियाणा में लंबे अरसे से नियमित करने की मांग कर रहे गेस्ट टीचरों को सरकार बड़ा तोहफा दे सकती है। सरकार या तो इन्हें पक्का करेगी या फिर इनके रोजगार को सुरक्षित करने के लिए नया विकल्प ढूंढेगी। इस प्रक्रिया पर मनोहर सरकार काम कर रही है और जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है। दरअसल इन गेस्ट टीचरों की प्रथा वर्ष 2005 में कांग्रेस सरकार ने शुरू की थी। उस वक्त यह कहा गया था कि सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़े अधिकृत पदों पर पक्की भर्तियों होने तक इन गेस्ट टीचरों से काम लिया जाए, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो।
उसके बाद हर साल इन गेस्ट टीचरों का अनुबंध सरकार द्वारा रिन्यू किया जाता रहा। अब करीब चौदह साल बाद बहुत से गेस्ट टीचर ऐसे हैं, जिनकी उम्र 45 साल से पार हो चुकी है। इसके चलते वे लोग अब अपने रोजगार को सुरक्षित करने की मांग कर रहे है। ये लोग लंबे अरसे से नियमित करने की मांग को लेकर संघर्ष भी कर रहे हैं। इससे संबंधित मामले हाईकोर्ट में भी चलते रहे और इन्हीं गेस्ट टीचरों पर नेताओं की सियासत भी गरमाती रही। लेकिन अब उम्मीद जगी है कि इन गेस्ट टीचरों का मौजूदा सरकार बेड़ा पार कर देगी।
सदन में भी इस बात का इशारा शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व हुड्डा सरकार ने तो हाईकोर्ट में यह लिखकर दे दिया था कि 30 दिन के भीतर इन्हें हटा दिया जाएगा। लेकिन हमारी सरकार की ही नीयत है कि आजतक साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी गेस्ट टीचर को हटाया नहीं गया है और भविष्य में भी गेस्ट टीचरों का रोजगार सुरक्षित रहे, इसका भी इंतजाम हम आने वाले दिनों में करेंगे।
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उसके बाद हर साल इन गेस्ट टीचरों का अनुबंध सरकार द्वारा रिन्यू किया जाता रहा। अब करीब चौदह साल बाद बहुत से गेस्ट टीचर ऐसे हैं, जिनकी उम्र 45 साल से पार हो चुकी है। इसके चलते वे लोग अब अपने रोजगार को सुरक्षित करने की मांग कर रहे है। ये लोग लंबे अरसे से नियमित करने की मांग को लेकर संघर्ष भी कर रहे हैं। इससे संबंधित मामले हाईकोर्ट में भी चलते रहे और इन्हीं गेस्ट टीचरों पर नेताओं की सियासत भी गरमाती रही। लेकिन अब उम्मीद जगी है कि इन गेस्ट टीचरों का मौजूदा सरकार बेड़ा पार कर देगी।
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सदन में भी इस बात का इशारा शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व हुड्डा सरकार ने तो हाईकोर्ट में यह लिखकर दे दिया था कि 30 दिन के भीतर इन्हें हटा दिया जाएगा। लेकिन हमारी सरकार की ही नीयत है कि आजतक साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक भी गेस्ट टीचर को हटाया नहीं गया है और भविष्य में भी गेस्ट टीचरों का रोजगार सुरक्षित रहे, इसका भी इंतजाम हम आने वाले दिनों में करेंगे।
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गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की भनक से एचटेट पास नाराज
हरियाणा में गेस्ट टीचरों को पक्का करने की भनक के बाद प्रदेश में एचटेट पास उम्मीदवार नाराज है और उन्होंने शिक्षामंत्री के आवास पर जल्द प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। जेबीटी एचटेट पास एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पाल ने बताया कि रेगुलर भर्ती का विज्ञापन जारी करने के बजाय सरकार बैकडोर से भर्ती गेस्ट टीचर्स को पक्का करने व संरक्षण देने की नीति अपना रही है, जिससे प्रदेश के लाखों जेबीटी, टीजीटी व पीजीटी एचटेट पास योग्य उम्मीदवारों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि वे अपने हक के लिए हर संघर्ष करने के साथ-साथ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उनके अनुसार एक तरफ जहां शिक्षा विभाग हरियाणा में जेबीटी, टीजीटी व पीजीटी के 20000 से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पिछले 5-6 वर्षों से रेगुलर भर्ती का विज्ञापन जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों एचटेट पास उम्मीदवारों की उम्मीद उन्हें अब टूटती नजर आ रही है। दरअसल वर्ष 2014 में हुई एचटेट परीक्षा में सफल होने पर हासिल एचटेट पास प्रमाण पत्रों की वैधता की 5 साल की अवधि 1 मार्च को पूरी हो जाएगी।
ऐसे में हजारों उम्मीदवार बिना आवेदन का अवसर मिले ही अयोग्य हो जाएंगे, क्योंकि सरकार द्वारा एचटेट प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि 5 वर्ष निर्धारित है। ऐसे में वर्ष 2014 में हुई एचटेट परीक्षा पास करने वाले हजारों उम्मीदवारों के एचटेट प्रमाणपत्र 1 मार्च के बाद रद्दी के टुकड़ों में तब्दील हो जाएंगे। वर्ष 2014 में हुई एचटेट परीक्षा में जेबीटी शिक्षकों की श्रेणी में 8072 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की थी, जबकि टीजीटी व पीजीटी में क्रमश: 9316 व 5770 उम्मीदवार सफल हुए थे।
उन्होंने कहा कि वे अपने हक के लिए हर संघर्ष करने के साथ-साथ हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उनके अनुसार एक तरफ जहां शिक्षा विभाग हरियाणा में जेबीटी, टीजीटी व पीजीटी के 20000 से ज्यादा पद रिक्त पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पिछले 5-6 वर्षों से रेगुलर भर्ती का विज्ञापन जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों एचटेट पास उम्मीदवारों की उम्मीद उन्हें अब टूटती नजर आ रही है। दरअसल वर्ष 2014 में हुई एचटेट परीक्षा में सफल होने पर हासिल एचटेट पास प्रमाण पत्रों की वैधता की 5 साल की अवधि 1 मार्च को पूरी हो जाएगी।
ऐसे में हजारों उम्मीदवार बिना आवेदन का अवसर मिले ही अयोग्य हो जाएंगे, क्योंकि सरकार द्वारा एचटेट प्रमाणपत्र की वैधता की अवधि 5 वर्ष निर्धारित है। ऐसे में वर्ष 2014 में हुई एचटेट परीक्षा पास करने वाले हजारों उम्मीदवारों के एचटेट प्रमाणपत्र 1 मार्च के बाद रद्दी के टुकड़ों में तब्दील हो जाएंगे। वर्ष 2014 में हुई एचटेट परीक्षा में जेबीटी शिक्षकों की श्रेणी में 8072 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की थी, जबकि टीजीटी व पीजीटी में क्रमश: 9316 व 5770 उम्मीदवार सफल हुए थे।