Haryana Budget 2023: बजट में किसानों का खास ध्यान, आधा दर्जन से अधिक नए घोषणाएं, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
धान के अधीन 2 लाख एकड़ क्षेत्र को धान की सीधी बिजाई के तहत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले सीजन में 1 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र पर ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती करने के लक्ष्य रखा गया है जिसकी खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित किया जाएगा।
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बजट में किसानों पर खासा फोकस किया गया है। किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधिकरण को लेकर हरियाणा सरकार ने आधा दर्जन से अधिक नई घोषणाएं की हैं। किसानों का खर्च घटाने के लिए 20 हजार एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बकायदा चौधरी चरणसिंह विवि हिसार, कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान जींद और सिरसा जिले के मंनियाना में प्राकृतिक खेती के लिए तीन प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का वादा किया है।
वर्ष 2023-24 में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्रों के लिए 8,316 करोड रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है। बजट में किसानों के उत्थान के साथ- साथ श्रम, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, खेल सहित सभी क्षेत्रों का ध्यान रखा गया है। क्लस्टर प्रदर्शन, संकर बीजों के वितरण, प्रमाणित बीज उत्पादन, एकीकृत पोषक तत्व और कीट प्रबंधन से बाजरे की खेती को बढ़ावा देने के लिए 27 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की जा रही है। ढैंचा की खेती बढ़ाने के लिए सरकार किसानों को 720 रुपये प्रति एकड़ मदद करेगी। नई पहल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा 500 युवा किसानों को ड्रोन संचालन में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार, पराली प्रबंधन को लेकर सरकार ने खरीद एजेंसी और किसानों दोनों के लिए राशि तय की है।
पानी बचाने की पहल
धान के अधीन 2 लाख एकड़ क्षेत्र को धान की सीधी बिजाई के तहत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले सीजन में 1 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र पर ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती करने के लक्ष्य रखा गया है जिसकी खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, भूमि सुधार के लिए इस साल 50 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तीन उत्कृष्ता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पशुपालकों के लिए खास
इसी प्रकार, पालतू जानवरों को उन्नत जांच और उपचार सेवाएं प्रदान करने के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद में दो अत्याधुनिक सरकारी वेटेरिनरी पेट क्लीनिक भी स्थापित किए जाएगे। हरियाणा पशुधन उत्थान मिशन शुरू किया जाएगा। 70 मोबाइल पशु चिकित्सा वैन चलाई जाएगी। पलवल, महेंद्रगढ़, अंबाला और फतेहाबाद में 4 पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक शुरू होंगी।
किसानों को राहत: लंबित नलकूप कनेक्शन इसी साल होंगे जारी
हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए और बड़ा राहत का फैसला लिया है। 2019 से 2021 की अवधि के लंबित नकलूप कनेक्शनों को इसी साल जारी करने का निर्णय लिया है। ऐसे 40 हजार से अधिक किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा, पानीपत थर्मल पावर प्लांट को आगामी छह वषों में चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा और यमुनानगर में 800 मेगावाट का नया प्लांट शुरू किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 584 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ऊर्जा मंत्री रणजीत चौटाला ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के लिए बजट में 8283 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 14.9 प्रतिशत अधिक है।
बेसहारा गायों को सहारा देगी सरकार
हरियाणा सरकार ने बेसहारा गायों का खास ख्याल रखा है। पहले गोशालाओं के लिए 40 करोड़ रुपये बजट था, इस बार इसे 400 करोड़ किया है। इससे बेसहारा गायों को गोशालाओं में लाया जाएगा और ग्राम पंचायतों की सहमति से नई गोशालाएं भी खोली जाएंगी। इस समय प्रदेशभर में सड़कों पर बेसहारा गाय घूमती हैं और हादसों का कारण बनती हैं।
बजट में केवल घोषणाएं हैं, किसानों को मिला तो कुछ नहीं है। न तो किसानों के कर्ज पर कोई बात कही गई है और न ही किसानों को कोई राहत दी गई है। किसान आज कर्ज तले दबा है। केवल चुनावों को देखते हुए लुभावनी घोषणाएं करने से किसान के हालात नहीं बदलेंगे। यह केवल जुमलों वाला बजट है। बजट में किसान की दशा को नहीं समझा गया। केवल भविष्य की घोषणाएं की गई हैं। रतन मान, भाकियू, प्रदेशाध्यक्ष।
ऐतिहासिक और विकास को गति देने वाला बजट है। खासकर कृषि, पशुपालन और मध्यम वर्ग के लिए बजट राहत लेकर आया है। इससे यकीनन किसानों की आय बढ़ेगी और नई योजनाओं के लाभ से किसान तरक्की की राह पर चलेगा। - जेपी दलाल, कृषि मंत्री।