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हरियाणा: धान की बुआई न करने पर किसानों को मिलेगा 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

Wed, 06 May 2020 10:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 06 May 2020 10:25 PM IST
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Haryana Government launch Mera Pani Meri Virasat Scheme For Farmers
सीएम मनोहर लाल (फाइल फोटो)

हरियाणा सरकार वर्तमान सीजन में धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बुआई करने वाले किसानों को 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देगी। बुधवार से प्रदेश में जल संरक्षण के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के किसानों से अपील की है।

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उन्होंने कहा कि वे जिस प्रकार आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी जमीन को विरासत के रूप में छोड़कर जाते हैं, उसी प्रकार पानी को भी विरासत मान कर चलें, तभी जमीन भावी पीढ़ी के लिए उपयोगी होगी। मुख्यमंत्री ‘हरियाणा आज’ कार्यक्रम में प्रदेश वासियों को संबोधित कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का कुछ हिस्सा डार्क जोन में है। 36 ब्लॉक ऐसे हैं, जहां पिछले 12 वर्षों में भू-जल स्तर में पानी की गिरावट दोगुनी हुई है अर्थात जहां पानी की गहराई 20 मीटर थी, वह आज 40 मीटर हो गई है। 40 मीटर से ज्यादा गहराई वाले 19 ब्लॉक हैं, लेकिन 11 ब्लॉक ऐसे हैं,  जिसमें धान की फसल नहीं होती है।  8 ब्लॉक रतिया, सीवान, गुहला, पीपली, शाहबाद, बबैन, ईस्माइलाबाद व सिरसा ऐसे हैं जहां भू-जल स्तर की गहराई 40 मीटर से ज्यादा है और धान की बिजाई होती है, ऐसे ही क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया गया है। 

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उन्होंने कहा कि पंचायत के अधीन भूमि का जहां जल स्तर 35 मीटर से ज्यादा है, वहां पंचायती जमीन पर धान लगाने की अनुमति नहीं होगी। प्रोत्साहन राशि ग्राम पंचायत को ही दी जाएगी। इन ब्लॉक के अलावा भी यदि किसान धान की बुआई करना छोड़ना चाहते हैं तो वे पूर्व में सूचना देकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि धान के स्थान पर कम पानी से तैयार होने वाली अन्य वैकल्पिक फसलें जैसे कि मक्का, अरहर, उड़द, ग्वार, कपास, बाजरा, तिल व ग्रीष्म मूंग (बैशाखी मूंग) की बुआई करने के प्रति अपना मन बनाएं। मक्का की बिजाई के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों की भी व्यवस्था की जाएगी। मंडियों में मक्का के लिए ड्रायर की व्यवस्था करेंगे।

 

किसानों को मक्का के उत्तम गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाने के लिए कुछ कंपनियों को सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने किसानों को आवश्वासन दिया कि सरकार मक्का व दालों की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी।

जल संरक्षण की इस योजना का वेब पोर्टल भी बनाया जाएगा, जिस पर कठिनाइयों को हल करने के लिए जानकारी दे सकेंगे। जल संरक्षण की ऐसी योजनाएं 15 से 20 वर्ष पहले बना दी जानी चाहिए थी। सरकार अन्य राज्यों से भी हरियाणा के हिस्से के पानी की उपलब्धता के प्रबंध सुनिश्चित कर रही है, चाहे वह लखवार, केशाऊ व रेणूका बांधों से हो या एसवाईएल का पानी हो। इस पानी को लाने के लिए हम आगे बढ़े हैं, ताकि दक्षिण हरियाणा में पानी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के साथ-साथ उद्योगों के लिए भी पानी का प्रबंध कर रहे हैं।

किसानों को सरसों की खरीद की अदायगी के रूप में 800 करोड़ रुपए और गेहूं के लिए 820 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 4000 कैदी या बंदियों की पैरोल अवधि 5 सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है।

बहकावे में न आएं मजदूर, मांगने पर पैसे न दें
सीएम ने मजदूरों से आग्रह किया कि वे किसी के बहकावे में बिल्कुल न आएं और यदि कोई पैसे मांगता है तो उसे  पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। सरकार उन्हें निशुल्क घर भेजने के पूरे प्रबंध कर रही है। कुछ समय रुकना पड़ सकता है, लेकिन धैर्य रखें सबको घर पहुंचाएंगे।

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