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हरियाणा सरकार ने 13,500 NHM कर्मियों पर लगाया एस्मा, एसीएस ने मानी तीनों मांगें

Wed, 30 May 2018 01:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 May 2018 01:08 PM IST
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haryana government implemented asma on nhm employees
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत सभी कर्मचारियों पर सरकार ने आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) 1956 लागू कर दिया है। अब हड़ताल पर जाने से इन कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। प्रदेश में साढ़े तेरह हजार एनएचएम कर्मी कार्यरत हैं। इन्होंने 31 मई से दो दिन की हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया हुआ है। इधर, मंगलवार को जहां स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एनएचएम कर्मियों पर एस्मा लागू करने की घोषणा की।
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उधर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरआर जोवेल, एमडी एनएचएम अमनीत पी कुमार व स्वास्थ्य महानिदेशक सतीश अग्रवाल ने हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के साथ बातचीत कर उनकी तीनों मांगों को मान लिया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष रेहान रजा ने चेताया है कि बुधवार तक उन्हें मानी गई मांगों का लिखित पत्र नहीं मिला तो वीरवार से उनकी दो दिवसीय हड़ताल निश्चित है। एस्मा को वे तब मानें जब उन्हें आवश्यक सेवा नियमों के अनुसार सभी लाभ मिल रहे हों।
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जनता के सुविधाजनक उपचार के लिए सभी सिविल सर्जन को हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। एंबुलेंस, जच्चा-बच्चा, आपातकालीन व अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए एनएचएम के तहत सरकारी अस्पतालों में लगे कर्मचारियों पर भी एस्मा लागू होगा। देखने में आया है कि एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पतालों की आपातकालीन सेवाएं बाधित होती हैं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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एस्मा लगाने से मरीजों को निर्बाध रूप से उपचार संभव हो सकेगा। यदि एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो उनके खिलाफ एस्मा नियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ऐसे कर्मचारियों की दैनिक हाजिरी व अन्य गतिविधियां मुख्यालय को भेजेंगे और उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाया जाएगा। इसके लिए सिविल सर्जनों को मुख्यालय से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।


एसीएस ने ये मानी मांगें, हड़ताल टलने के आसार
एसीएस आरआर जोवेल ने एनएचएम कर्मचारी संघ के साथ वार्ता कर उनकी मांगों को मान लिया है। साथ ही बुधवार को लिखित पत्र जारी करने का आश्वासन दिया है। मानी गई मांगों में सेट्रलाइजेशन एंबुलेंस स्कीम के तहत किसी भी एनएचएम कर्मी को आउटसोर्स नहीं किया जाएगा। वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। दो प्रतिनिधि कर्मचारियों में से शामिल किए गए। कमेटी दस दिन में अपनी रिपोर्ट एसीएस को देगी। पांच सौ वंचित एनएचएम कर्मियों को भी सेवा नियमों का लाभ मिलेगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष रेहान रजा ने कहा कि एस्मा लगाने का निर्णय तानाशाही है। एस्मा तो तब लागू होगा जब वे इसकी परिधि में आते हों। अगर बुधवार को लिखित पत्र मिलता है तो हड़ताल नहीं की जाएगी।
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