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कोरोना संकट: हरियाणा में कर्मियों को एक साथ नहीं मिलेगा वेतन-पेंशन, राहत कोष में दिए 67 करोड़
Mon, 06 Apr 2020 10:35 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Apr 2020 10:35 PM IST
सार
- 10 अप्रैल को ग्रुप सी के कर्मचारियों को वेतन, 13 अप्रैल को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी।
- 16 अप्रैल को सरकारी कर्मियों को पेंशन, 20 अप्रैल को ग्रुप ए, बी कर्मचारियों को मिलेगा वेतन।
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सीएम मनोहर लाल (फाइल फोटो)
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विस्तार
हरियाणा की आर्थिक स्थिति पर कोरोना का असर साफ दिखने लगा है। अब तक चार हजार करोड़ से अधिक का नुकसान झेल चुकी मनोहर लाल सरकार ने कर्मचारियों के वेतन व पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार कर्मचारियों व पेंशनर्स को एक साथ वेतन और पेंशन की अदायगी नहीं करेगी। महामारी के चलते सरकारी कर्मचारियों का वेतन व पेंशन अलग-अलग समय पर दिए जाएंगे। इसे लेकर वित्त विभाग ने तिथियां निर्धारित की हैं।
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सात अप्रैल को ग्रुप डी और अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को वेतन मिलेगा। 10 अप्रैल को ग्रुप सी के कर्मचारियों को वेतन की अदायगी होगी। 13 अप्रैल को पेंशनर्स को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी। 16 अप्रैल को सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को पेंशन देने का फैसला लिया गया है। 20 अप्रैल को ग्रुप ए और बी के कर्मचारियों को वेतन मिलेगा।
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ट्रेजरी की ओर से भी सभी विभागों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ट्रेजरी तिथियों के हिसाब से ही कर्मचारियों के वेतन व पेंशन के बिल लेगी। इसके अलावा किसी और कर्मचारी के बिल नहीं लिए जाएंगे। अगर तिथि से पहले कोई बिल जमा करवाता भी है तो ट्रेजरी उन्हें रिजेक्ट कर देगी।
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वित्त विभाग के अनुसार हर महीने सरकारी, अनुबंध कर्मचारियों व सभी तरह के पेंशनर्स को 10 तारीख तक वेतन व पेंशन की अदायगी हो जाती है। इसमें 2350 करोड़ रुपये व्यय होते हैं। वर्तमान में कोरोना के कारण हालात बदले हैं। वित्तीय स्थिति पर विपरीत असर पड़ा है। इसलिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से वेतन व पेंशन देने का निर्णय लिया है। सभी कर्मचारियों को वेतन की अदायगी होगी।
कोरोना से जंग में सरकारी कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे
सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में अपने वेतन से सोमवार को तीन बजे तक 67 करोड़, 68 लाख, 86 हजार 299 रुपये का योगदान दिया है। सरकारी विभाग और उनमें काम करने वाले कर्मचारी कोरोना वायरस के बीच आवश्यक सेवाओं को अबाधित रूप से प्रदान करने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ तो अग्रिम पंक्ति मे रहकर कोरोना को हराने के लिए निडरता के साथ डटा हुआ है। इस लड़ाई में इन ठेका कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सर्वकर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि राहत राशि 93 सरकारी विभागों के 64 प्रतिशत अधिकारियों व कर्मचारियों से आई है। उन्होंने बताया कि एप प्रयोग करने की जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में अभी कर्मचारी अपनी स्वीकृति नहीं दे सके हैं। इस राशि में बोर्डों, निगमों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, विश्वविद्यालयों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों आदि के कर्मचारियों का योगदान शामिल नहीं है।
उन्होंने बताया कि 93 विभागों में 280585 कर्मचारी हैं, जिनमें से सोमवार 3 बजे तक 179687 कर्मचारियों ने ही रिलीफ फंड में सहयोग किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सभी कर्मचारियों से अपनी क्षमता अनुसार रिलीफ फंड में शीध्र आर्थिक सहयोग देने का आह्वान किया है। संघ के मुख्य संगठन सचिव धर्मबीर फौगाट, उप महासचिव सबिता, कोषाध्यक्ष राजेंद्र बाटू व प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी के कठिन समय में मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न होने के बावजूद मैदान में निडरता से डटा हुआ है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अन्य कर्मचारियों के अलावा सफाई कर्मचारी व सीवर मैन भी मजबूती के साथ सफाई अभियान में जुटे हुए हैं। पुलिस कर्मचारी भी कोरोना वायरस संक्रमण के बीच लाकडाउन को सफल बनाने के जूझ रहे हैं। बिजली कर्मचारी भी सभी आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से चलने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। जन स्वास्थ्य, अग्निशमन, सिंचाई आदि विभागों के कर्मचारी भी जुटे हुए हैं।
सर्वकर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि राहत राशि 93 सरकारी विभागों के 64 प्रतिशत अधिकारियों व कर्मचारियों से आई है। उन्होंने बताया कि एप प्रयोग करने की जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में अभी कर्मचारी अपनी स्वीकृति नहीं दे सके हैं। इस राशि में बोर्डों, निगमों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, विश्वविद्यालयों, सहकारी समितियों, पंचायत समितियों आदि के कर्मचारियों का योगदान शामिल नहीं है।
उन्होंने बताया कि 93 विभागों में 280585 कर्मचारी हैं, जिनमें से सोमवार 3 बजे तक 179687 कर्मचारियों ने ही रिलीफ फंड में सहयोग किया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सभी कर्मचारियों से अपनी क्षमता अनुसार रिलीफ फंड में शीध्र आर्थिक सहयोग देने का आह्वान किया है। संघ के मुख्य संगठन सचिव धर्मबीर फौगाट, उप महासचिव सबिता, कोषाध्यक्ष राजेंद्र बाटू व प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी के कठिन समय में मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न होने के बावजूद मैदान में निडरता से डटा हुआ है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अन्य कर्मचारियों के अलावा सफाई कर्मचारी व सीवर मैन भी मजबूती के साथ सफाई अभियान में जुटे हुए हैं। पुलिस कर्मचारी भी कोरोना वायरस संक्रमण के बीच लाकडाउन को सफल बनाने के जूझ रहे हैं। बिजली कर्मचारी भी सभी आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से चलने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। जन स्वास्थ्य, अग्निशमन, सिंचाई आदि विभागों के कर्मचारी भी जुटे हुए हैं।