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Haryana: एसडीएस-सीटीएम को रजिस्ट्री की शक्तियां देना भूली सरकार, एक साल पहले की घोषणा, अधिसूचना जारी नहीं की
Sat, 03 Dec 2022 01:19 PM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 03 Dec 2022 01:19 PM IST
सार
प्रदेश में 93 तहसील, 49 सब तहसील हैं। तहसील में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पद होते हैं, जबकि सब तहसील में नायब तहसीलदार की ड्यूटी होती है। इस समय प्रदेशभर में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की कमी बनी हुई है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में एसडीएम और सीटीएम को संपत्तियों की रजिस्ट्री करने की शक्तियां देने की घोषणा करने के बाद सरकार अधिसूचना जारी करना भूल गई। इससे पिछले एक साल से एसडीएम और सीटीएम रजिस्ट्री नहीं कर पा रहे हैं। उधर, प्रदेश में तहसीलदारों की संख्या कम होने के चलते एक एक तहसीलदार के पास से तीन-तीन तहसीलों के चार्ज हैं। लोगों को रजिस्ट्री कराने समेत अन्य कार्यों के लिए कई कई दिन इंतजार करने के साथ परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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प्रदेश में तहसीलदारों की कमी के चलते लोगों हो रही परेशानी को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने 1 नवंबर, 2021 से यह व्यवस्था लागू करने की घोषणा की थी। इसके लिए सरकार ने राज्य के सभी एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को उप-पंजीयक और संयुक्त उप-पंजीयक के रूप में नामित करना किया था। योजना के तहत सरकार ने हर जिले में संपत्ति इत्यादि के हस्तांतरण, दस्तावेजों के पंजीकरण की शक्तियां इन्हें सौंपी जाने की घोषणा की थी। इसके पीछे मकसद ये था कि संपत्ति के पंजीकरण का अधिकार केवल दो अधिकारियों के पास न रहकर अलग अलग अधिकारियों के पास हो, ताकि लोगों के काम जल्दी हो सकें और उनको इंतजार न करना पड़ा। दूसरा, तहसीलों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए भी एसडीएम और सीटीएम को यह जिम्मेदारी दी जानी थी। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस संबध में हरियाणा सरकार (राजस्व विभाग) ने अधिसूचना जारी नहीं की है, इसलिए यह योजना जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हो सकी।
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एक एक तहसीलदार के पास कई कई चार्ज
प्रदेश में 93 तहसील, 49 सब तहसील हैं। तहसील में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पद होते हैं, जबकि सब तहसील में नायब तहसीलदार की ड्यूटी होती है। इस समय प्रदेशभर में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की कमी बनी हुई है। करनाल की बात करें तो यहां कुल तहसीलदार और नायब तहसीलदार के 14 पद हैं। यहां अधिक से अधिक पद खाली हैं। एक के पास दो से तीन तीन तहसीलों के चार्ज हैं। इसी प्रकार की स्थिति कुरुक्षेत्र में यहां 4 तहसीलदारों में से 2 पद खाली हैं, और 6 नायब तहसीलदारों में से 2 सीट खाली हैं।
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कई तहसीलदार जा चुके जेल
तहसीलदारों की कमी के पीछे एक और कारण है। प्रदेश में कई तहसीलदार भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। इसके अलावा, कई राजस्व अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित चल रहे हैं। अकेले करनाल से ही दो तहसीलदार राजबक्श, निखिल सिंगला रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसी प्रकार, सतनाली से नायब तहसीलदार अमित यादव रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था।
जल्द लागू करेंगे नई व्यवस्था : मनोहर लाल
इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि इसकी प्रक्रिया जारी है। भ्रष्टाचार के खात्मे और लोगों की सहूलियत के लिए तहसीलों की कार्यप्रणाली में काफी बदलाव किए गए हैं। एसडीएम और सीटीएम भी रजिस्ट्री कर कर सकेंगे, इसके लिए जल्द व्यवस्था की जाएगी।