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हरियाणाः शहरों में अपार्टमेंट सरीखे भवनों को अवैध निर्माण में राहत नहीं, चार चरणों से गुजरना होगा
Mon, 01 Jun 2020 01:11 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 01 Jun 2020 01:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में अपार्टमेंट सरीखे भवनों व एक से अधिक मालिकाना हक वाली संपत्तियों में अवैध निर्माण को लेकर सरकार कोई राहत नहीं देगी। ये संपत्तियां कोर एरिया में भी परिवर्तित नहीं हो पाएंगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इन भवनों को अवैध निर्माण के मामले में राहत न देने का फैसला लिया है। अन्य संपत्तियों को अवैध निर्माण हटाने पर नियमितीकरण प्रमाण पत्र मिलेगा।
इसके लिए मकान मालिकों को चार चरणों से गुजरना होगा। चारों चरण में अलग- अलग प्रावधान हैं, जिनकी अनुपालना करने पर ही संपत्ति नियमित हो सकेगी। अगर एक भी चरण का उल्लंघन हुआ तो निर्माण नियमित करने का अनुमोदन पत्र निकाय वापस ले लेंगे। इसके साथ ही अवैध निर्माण में राहत व कोर एरिया परिवर्तन कराने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
26 अगस्त 2018 से पहले का भवन प्लान अप्रूवल लेटर होने पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। संपत्ति के एक से ज्यादा मालिक होने पर आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। अपार्टमेंट व उसके तरह के भवनों के आवेदन भी मंजूर नहीं होंगे। अवैध वाणिज्यिक संपत्तियों के मामले में राहत के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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हरियाणा भवन कोड 2017 में निहित प्रावधान पूरे होने पर ही संपत्ति मालिकों को अवैध निर्माण के मामले में राहत मिलेगी। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने ये प्रावधान लागू करवाने के लिए सभी निगमायुक्तों, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारियों व नगर पालिका सचिवों को 27 मई 2020 को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों से हजारों संपत्ति मालिकों को तगड़ा झटका लगेगा।
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इसके लिए मकान मालिकों को चार चरणों से गुजरना होगा। चारों चरण में अलग- अलग प्रावधान हैं, जिनकी अनुपालना करने पर ही संपत्ति नियमित हो सकेगी। अगर एक भी चरण का उल्लंघन हुआ तो निर्माण नियमित करने का अनुमोदन पत्र निकाय वापस ले लेंगे। इसके साथ ही अवैध निर्माण में राहत व कोर एरिया परिवर्तन कराने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
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26 अगस्त 2018 से पहले का भवन प्लान अप्रूवल लेटर होने पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। संपत्ति के एक से ज्यादा मालिक होने पर आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा। अपार्टमेंट व उसके तरह के भवनों के आवेदन भी मंजूर नहीं होंगे। अवैध वाणिज्यिक संपत्तियों के मामले में राहत के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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हरियाणा भवन कोड 2017 में निहित प्रावधान पूरे होने पर ही संपत्ति मालिकों को अवैध निर्माण के मामले में राहत मिलेगी। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने ये प्रावधान लागू करवाने के लिए सभी निगमायुक्तों, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारियों व नगर पालिका सचिवों को 27 मई 2020 को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों से हजारों संपत्ति मालिकों को तगड़ा झटका लगेगा।
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इन चार चरणों का पालन अनिवार्य
पहला चरण: अवैध निर्माण के लिए राहत पाने का अनुमोदन पत्र निकायों से मिलने के एक साल के अंदर सरकारी सड़क से सटे रैंप, छज्जे, बॉलकोनी, सीढ़ियां इत्यादि हटानी होंगी। इसके बाद अवैध निर्माण हटाने का फोटो सहित स्व प्रमाण पत्र देना होगा। निकाय अधिकारी एक महीने के भीतर मौके का निरीक्षण कर स्व प्रमाण पत्र को सही ठहरा देंगे।
दूसरा चरण: अनुमोदन पत्र मिलने के 5 साल के भीतर अवैध अतिरिक्त फ्लोर हटाकर स्व प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद सत्यापन किया जाएगा।
तीसरा चरण: अनुमोदन पत्र मिलने के 9 साल के अंदर सेटबैक में किए गए अवैध निर्माण को हटाकर भवन को ग्राउंड कवरेज व प्लान के हिसाब से वास्तविक स्थिति में लाना होगा। इसके बाद स्व प्रमाण पत्र के मद्देनजर निरीक्षण कर सत्यापन किया जाएगा
चौथा चरण: अनुमोदन पत्र के दस साल पूरा होने पर कंप्लीशन प्रमाण पत्र मिलेगा। यह ऑनलाइन बिल्डिंग अप्रूवल सिस्टम से प्राप्त होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा।
दूसरा चरण: अनुमोदन पत्र मिलने के 5 साल के भीतर अवैध अतिरिक्त फ्लोर हटाकर स्व प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद सत्यापन किया जाएगा।
तीसरा चरण: अनुमोदन पत्र मिलने के 9 साल के अंदर सेटबैक में किए गए अवैध निर्माण को हटाकर भवन को ग्राउंड कवरेज व प्लान के हिसाब से वास्तविक स्थिति में लाना होगा। इसके बाद स्व प्रमाण पत्र के मद्देनजर निरीक्षण कर सत्यापन किया जाएगा
चौथा चरण: अनुमोदन पत्र के दस साल पूरा होने पर कंप्लीशन प्रमाण पत्र मिलेगा। यह ऑनलाइन बिल्डिंग अप्रूवल सिस्टम से प्राप्त होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा।