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कबूतरबाजों को पकड़ने के लिए हरियाणा सरकार का रवैया सख्त, फैसला- एसआईटी गठित करेंगे
Tue, 02 Jun 2020 10:29 AM IST
खुशबू गोयल
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 02 Jun 2020 10:29 AM IST
सार
- सर्च अभियान चला कबूतरबाजों का जड़ से सफाया करेंगे
- गृह मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश
- कबूतरबाजी से जुड़े सफेदपोश को भी नहीं बख्शने का फरमान
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विस्तार
विदेश से डिपोर्ट किए गए 76 नागरिकों के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार एक्शन मोड में आ गई है। गृह विभाग ने इस ममाले में एसआईटी गठित करने की तैयारी की है। यह एसआईटी प्रदेश भर में सर्च अभियान चला कर विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले कबूतरबाजों की धरपकड़ करेगी।
पुलिस के वरिष्ठ आईजी स्तर के किसी अधिकारी को इस एसआईटी का हेड बनाया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में सर्च अभियान चलाया जाएगा। सरकार की मंशा है कि हरियाणा में कोई भी कबूतरबाज सक्रिय न रहे। 76 लोगों को डिपोर्ट किए जाने के मामले में सूबे की छवि को भी धब्बा लगा है।
अभी तक विदेश भेजने के नाम पर ठगी के अधिकतर मामले पंजाब में सामने आते थे। पंजाब में कबूतरबाजी एक व्यवसाय बन गई है, जिसके माध्यम से भोले भाले पंजाबियों से लाखों की रकम लेकर ऐजेंट उन्हें अवैध तरीके से विदेश का बार्डर क्रास करवाने का काम करते हैं। पकड़े जाने पर यह लोग विदेश की जेलों में हवा खाते हैं।
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यह मामला सामने आते ही हरियाणा सरकार ने एडीजीपी स्तर के एक अधिकारी की ड्यूटी पीड़ितों से पूछताछ के लिए लगाई थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि यह लोग कबूतरबाजी के शिकार हुए हैं। जिसके बाद सरकार ने एसआईटी गठन के आदेश दिए हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को इस बाबत गृह एवं पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत कर इसके अंतिम रूप देने का फैसला लिया है।
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पुलिस के वरिष्ठ आईजी स्तर के किसी अधिकारी को इस एसआईटी का हेड बनाया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में सर्च अभियान चलाया जाएगा। सरकार की मंशा है कि हरियाणा में कोई भी कबूतरबाज सक्रिय न रहे। 76 लोगों को डिपोर्ट किए जाने के मामले में सूबे की छवि को भी धब्बा लगा है।
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अभी तक विदेश भेजने के नाम पर ठगी के अधिकतर मामले पंजाब में सामने आते थे। पंजाब में कबूतरबाजी एक व्यवसाय बन गई है, जिसके माध्यम से भोले भाले पंजाबियों से लाखों की रकम लेकर ऐजेंट उन्हें अवैध तरीके से विदेश का बार्डर क्रास करवाने का काम करते हैं। पकड़े जाने पर यह लोग विदेश की जेलों में हवा खाते हैं।
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यह मामला सामने आते ही हरियाणा सरकार ने एडीजीपी स्तर के एक अधिकारी की ड्यूटी पीड़ितों से पूछताछ के लिए लगाई थी। पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि यह लोग कबूतरबाजी के शिकार हुए हैं। जिसके बाद सरकार ने एसआईटी गठन के आदेश दिए हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को इस बाबत गृह एवं पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत कर इसके अंतिम रूप देने का फैसला लिया है।
यह है मामला
लॉकडाउन के दौरान हरियाणा से अमेरिका गए हुए 76 लोगों को अमेरिका में बार्डर क्रास करते हुए पकड़ा गया। जिसके बाद इन लोगों को वहां से डिपोर्ट कर दिया गया। विशेष विमान के माध्यम से इन लोगों को वापस भेजा गया। जिन्हें सरकार ने पंचकूला और आसपास क्वारंटीन करवाया, लेकिन जांच में 23 लोग संक्रमित निकले।
कोई नहीं बख्शा जाएगा
हरियाणा के एक भाजपा नेता का नाम भी कबूतरबाजी के नेटवर्क में सामने आया है। इस मामले में पुलिस उक्त नेता के मोबाइल डिटेेल और अन्य कागजात खंगाल रही है। अनिल विज ने इस मामले में स्पष्ट कर दिया है कि चाहें कोई भी हो जांच में दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोई नहीं बख्शा जाएगा
हरियाणा के एक भाजपा नेता का नाम भी कबूतरबाजी के नेटवर्क में सामने आया है। इस मामले में पुलिस उक्त नेता के मोबाइल डिटेेल और अन्य कागजात खंगाल रही है। अनिल विज ने इस मामले में स्पष्ट कर दिया है कि चाहें कोई भी हो जांच में दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।