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'हरियाणा फ्रेश' नाम से बोतलबंद पानी तैयार करेगी सरकार, हर जिले में जांच को बनेगी प्रयोगशालाएं
Tue, 23 Jun 2020 01:33 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 23 Jun 2020 01:33 AM IST
सार
- पानी और खाद्य पदार्थों की जांच के लिए हर जिले में होगी प्रयोगशाला
- 15 अगस्त को महाग्राम योजना के तहत सीवरेज प्रणाली का होगा उद्घाटन
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सीएम मनोहर लाल।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हरियाणा सरकार हरियाणा फ्रेश के नाम से बोतलबंद पीने का पानी लाने जा रही है। इसके लिए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। सरकार ने पब्लिक हेल्थ विभाग को इस संबंध में जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा, महाग्राम योजना के तहत पहली ग्रामीण सीवरेज प्रणाली का उद्घाटन 15 अगस्त को फरीदाबाद के ग्राम सोताई में किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है। सीएम ने विभाग के अधिकारियों को इस संयंत्र की स्थापना के लिए तौर-तरीकों व साधनों के बारे में जानकारी देने के भी निर्देश दिए। शुरुआत में इस संयंत्र से बोतलबंद मिनरल वाटर सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराया जाएगा। बाद में छात्रों को स्वच्छ और ताजा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मिनरल वाटर रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीने के पानी के अलावा राज्य के सभी जिलों में एक व्यापक परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। जहां पर न केवल पीने के पानी की जांच होगी बल्कि अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी। सीएम ने कहा कि लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
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उन्होंने विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा बनाई गई विस्तृत योजना की भी जानकारी ली।
बैठक में यह भी बताया गया कि अब तक, राज्य में लगभग 30.73 लाख ग्रामीण परिवारों में से, 23.73 लाख परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए गए हैं। जबकि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2020-21 के दौरान 7 लाख घरों में एफएचटीसी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से 4.18 लाख परिवारों को पहले ही एफएचटीसी प्रदान किया जा चुका है।