{"_id":"6173dc1ef12bf01c8a3fd849","slug":"haryana-government-challenged-order-of-relief-to-rta-officers-in-bench","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: आरटीए अधिकारियों को राहत के आदेश को हरियाणा सरकार ने दी खंडपीठ में चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: आरटीए अधिकारियों को राहत के आदेश को हरियाणा सरकार ने दी खंडपीठ में चुनौती
Sat, 23 Oct 2021 03:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 23 Oct 2021 03:26 PM IST
सार
आरटीए कर्मियों की ओर से हरियाणा सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें हरियाणा सरकार ने आरटीए के अधिकारियों को हरियाणा राज्य परिवहन और परिवहन अधिकारियों को आरटीए में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का निर्णय लिया था।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी (आरटीए) के अधिकारियों को हरियाणा राज्य परिवहन और राज्य परिवहन के अधिकारियों को आरटीए भेजने के फैसले को रद्द करने वाले आदेश को हरियाणा सरकार ने अब खंडपीठ में चुनौती दी है। सिंगल बेंच से राहत पाने वाले अधिकारियों ने भी आदेश का पालन करवाने के लिए इस मामले में अवमानना याचिका दाखिल कर दी है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए आरटीए कर्मियों की ओर से हरियाणा सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें हरियाणा सरकार ने आरटीए के अधिकारियों को हरियाणा राज्य परिवहन और परिवहन अधिकारियों को आरटीए में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का निर्णय लिया था। सिंगल बेंच ने 10 फरवरी को अधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा था कि अधिकारियों की रजामंदी के बगैर व दूसरे विभाग में समान पद न होने की स्थिति में इस प्रकार की प्रतिनियुक्ति ठीक नहीं है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के निर्णय को गलत मानते हुए इस प्रतिनियुक्ति के आदेश को खारिज कर दिया था। इसी फैसले को हरियाणा सरकार ने खंडपीठ में चुनौती दे दी है। खंडपीठ के समक्ष इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए हरियाणा सरकार ने समय देने की अपील की। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई 26 अक्तूबर को तय की है। इसके साथ ही अधिकारियों की ओर से भी अवमानना याचिका दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि सिंगल बेंच के आदेश के बावजूद जानबूझ कर सरकार प्रतिनियुक्ति का आदेश वापिस नहीं ले रही है। ऐसे में दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन