हरियाणाः कर्जदार किसानों को मिलेंगी बड़ी सौगातें, राहत के लिए सरकार उठा सकती ये कदम
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हरियाणा सरकार छह जुलाई को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर किसानों व सहकारी संस्थाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। किसानों को कर्ज के दलदल से बाहर निकालने के लिए सरकार अनेक घोषणाएं कर सकती है। सूत्रों के अनुसार किसानों का सहकारी बैंकों के कर्ज का ब्याज माफ करने का दांव भी विधानसभा चुनाव से पहले चला जा सकता है।
यमुनानगर में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बड़ी घोषणाएं होने के संकेत दिए हैं। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सहकारिता और किसानों का वर्षों से गहरा संबंध है।
सहकारिता दिवस पर होने वाली घोषणाएं उसी दिन पता चलेंगी। सीएम ने कहा कि किसान व आढ़ती के बीच किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए भी किसान अपनी मर्जी से अपनी उपज बिना आढ़ती के सरकारी खरीद एजेंसियों को बेच सकते हैं।
पैसा सीधा उसके खाते में जाएगा। किसानों और आढ़तियों को अलग-अलग नहीं किया जा सकता। चूंकि दोनों के संबंध बहुत पुराने हैं। बैंक तो निर्धारित समय पर ही खुलते और बंद होते हैं, आढ़ती से किसान किसी भी समय अपनी जरूरत के लिए राशि ले सकता है।
राजस्थान का बाजरा व पंजाब का सूरजमुखी अब नहीं बिकेगा
सीएम ने कहा है कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल शुरू होने के बाद राजस्थान का बाजरा व पंजाब का सूरजमुखी हरियाणा में आकर नहीं बिक सकेगा। अभी तक यह होता था कि खरीद शुरू होने पर पड़ोसी राज्यों के किसान आकर अपन फसल बेच जाते थे और प्रदेश का किसान रह जाता था। जिस पर किसान पूरी फसल न खरीदने की शिकायत करते थे।
अब बोई और खाली जमीन का सही रिकॉर्ड सरकार के पास होगा। फसलों के भंडारण की भी दिक्कत इससे आने वाले समय में खत्म होगी। चूंकि, अभी तक कृषि विभाग के पास भी पैदावार का उपयुक्त अनुमान नहीं होता था। किसानों को पराली न जलाने के लिए और प्रोत्साहित करेंगे। जागरूकता अभियानों व कृषि उपकरणों पर सब्सिडी से पराली जलाने के मामलों में 30 प्रतिशत कमी आई है।