Haryana: 45 करोड़ रुपये में बनेगा हरियाणा का पहला रोप-वे, केंद्र ने दी मंजूरी, 900 मीटर लंबा होगा प्रोजेक्ट
900 मीटर लंबाई वाला रोप-वे पूरी तरह से विदेशी (स्वीडन) तकनीक से बनाया जाएगा। यह पूरी तरह से सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों पर खरा उतरेगा। रोप-वे की वायर पूरी तरह से स्टील की होगी और यह सब विदेश से आयात की जाएगी।
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हरियाणा के नारनौल में ढोसी की पहाड़ियों पर हरियाणा का पहला रोप-वे तैयार किया जाएगा। करीब 45 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। आगामी डेढ़ साल में इसको तैयार कर शुरू कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त उपक्रम से यह तैयार किया जाएगा। हरियाणा सरकार इसके लिए जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि राशि खर्च केंद्र सरकार करेगी। केंद्र और हरियाणा सरकार की 50-50 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रहेगी।
जमीन से पहाड़ी तक जाने के लिए करीब 900 मीटर की लंबाई का बनने वाला रोप-वे पूरी तरह से विदेशी (स्वीडन) तकनीक से बनाया जाएगा। यह पूरी तरह से सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों पर खरा उतरेगा। रोप-वे की वायर पूरी तरह से स्टील की होगी और यह सब विदेश से आयात की जाएगी। रोप-वे के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है और इसका डिजाइन तैयार कराया जा रहा है।
बता दें कि 2021 को प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने ढोसी पहाड़ियों का दौरा किया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ढोसी को पर्वतारोही पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार करने का दिशा-निर्देश दिया था। इसी आधार पर यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है ताकि यहां पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
महर्षि च्यवन की तपोस्थली है ढोसी का पहाड़
ढोसी का पहाड़ वैदिक काल के ऋषि च्यवन की तपोस्थली है। यहां तपस्या करते हुए उन्होंने सर्वप्रथम च्यवनप्राश बनाया था। ढोसी के पहाड़ पर एक सुंदर जलाशय है। इसके अलावा ढोसी के पहाड़ का उल्लेख हिंदुओं के अनेक पवित्र ग्रंथों जैसे ब्रहमानस, महाभारत और पुराणों में मिलता है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी यहां कुछ समय गुजारा था। सोमवती अमावस्या पर ढोसी पर बने कुंड में स्नान का विशेष महत्व है।
ढोसी की पहाड़ियों पर रोप-वे के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि आगामी डेढ़ साल में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाए। रोप-वे शुरू होने के बाद से यहां पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दक्षिण हरियाणा के लिए काफी अहम प्रोजेक्ट होगा। -एमडी सिन्हा, प्रधान सचिव, पर्यटन विभाग।