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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब तेजाब पीड़ितों को मिलेगी पेंशन

Wed, 26 Sep 2018 09:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 26 Sep 2018 09:49 AM IST
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Haryana farmers to get pension nowAcid victims
manohar lal khattar - फोटो : ANI

हरियाणा में तेजाब पीड़ितों के जख्मों पर राज्य सरकार ने और मरहम लगाने का काम किया है। हरियाणा सरकार इन तेजाब पीड़ितों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ मासिक पेंशन  भी देगी। जिसकी राशि जल्द तय की जाएगी। अभी तक इन पीड़ितों को 8 हजार रुपये मासिक आर्थिक प्रोत्साहन मिलता है। मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘तेजाब पीड़ित महिलाओं एवं लड़कियों को वित्तीय सहायता योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई।

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 इसके तहत तेजाब पीड़ित महिला या लड़की को मासिक पेंशन भी दी जाएगी, ताकि उन्हें आजीवन आय का निरंतर स्रोत मिल सके। सीएम का मानना है कि यह  योजना एक हद तक तेजाब पीड़ित महिला या लड़की के लिए गरिमा के साथ जीने का अधिकार बहाल करेगी। योजना के तहत 2 मई, 2011 को या उसके बाद तेजाब हमले का सामना करने वाली कोई भी महिला या लड़की इस योजना के लाभ के लिए पात्र होगी। 
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तेजाबी हमले के कई मामलों में, महिलाओं और लड़कियों ने हमले के कारण सुनने की क्षमता खो दी है। जब तेजाब श्वास नली या भोजन की नली में प्रवेश करता है, तो इससे घातक बीमारियां हो सकती हैं। तेजाबी हमलों के बाद कई मौतों की सूचना भी मिली है।

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उपचार के लिए वित्तीय सहायता भी बढ़ेगी

Haryana farmers to get pension nowAcid victims
acid attack - फोटो : फाइल फोटो

उपचार में भारी मात्रा में धन खर्च होता है और हर पीड़िता के लिए इस तरह के महंगे उपचार को वहन करना संभव नहीं है। इसलिए, तेजाबी हमले के कारण उत्पन्न होने वाली अक्षमता के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत तेजाबी हमले को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए हमले के रूप में परिभाषित किया जाता है और इसमें जाने-अंजाने में तेजाब के कारण स्वयं लगी चोटों को शामिल नहीं किया जाता है।

शरीर के किसी भी हिस्से की विकृति के मामले में भी महिलाओं और लड़कियों के  लिए वित्तीय सहायता स्वीकार्य होगी। निशक्तता के प्रतिशत के आधार पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। वित्तीय सहायता 40-50 प्रतिशत निशक्तता पर दिव्यांग पेंशन का 2.5 गुना, 51 से 60 प्रतिशत पर दिव्यांग पेंशन का 3.5 गुना और 61 प्रतिशत से अधिक पर दिव्यांग पेंशन का 4.5 गुना दिया जाएगा।

ये लोग कर सकते हैं आवेदन
पीड़िता खुद या उसके माता-पिता या उसके कानूनी अभिभावक राहत के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं। नाबालिग पीड़िता के मामले में, उसके माता-पिता या अभिभावक उसकी ओर से आवेदन कर सकते हैं। पीड़ित महिला के विवाहित होने की स्थिति में, उसका पति या माता-पिता या अभिभावक उसकी ओर से आवेदन कर सकते है। आवेदन के साथ जिला स्तर, जहां पीड़िता द्वारा या उसकी ओर से आवेदन किया गया है, पर मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट, एफआईआर / शिकायत की प्रति, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त किए गए लाभ या आवेदन की प्रति जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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