फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Election Result 2019, Randeep Surjewala Lost Election From Kaithal

एक साल में दूसरी बार रणदीप सुरजेवाला हारे, आजादी के बाद कैथल में भाजपा की पहली जीत

Fri, 25 Oct 2019 01:26 PM IST
ajay kumar नसीब सैनी, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा)
नसीब सैनी, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 25 Oct 2019 01:26 PM IST
विज्ञापन
Haryana Election Result 2019, Randeep Surjewala Lost Election From Kaithal
haryana Assembly elections - फोटो : अमर उजाला

आखिरकार राम की लीला से भारतीय जनता पार्टी का कैथल में आजादी के बाद खाता खुल गया और भाई लीला राम ने 1246 वोटों से जीत दर्ज कर कांग्रेस पार्टी के अखिल भारतीय मीडिया प्रभारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को सांस रोक देने वाले मुकाबले में पराजित कर दिया। सुरजेवाला पिछले चुनाव में 23 हजार से अधिक वोटों से जीते थे। उसे तो बरकरार नहीं रख पाए, महज 624 वोटों से जीत से दूर रह गए।

विज्ञापन


15 राउंड व इसके बाद चली बैलेट पेपरों की गिनती तक कांटे का मुकाबला रहा। अंत में लीला राम विजयी हुए। रणदीप सुरजेवाला ने हार के बाद लीला राम सहित कैथल की जनता को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज का दिन लीला राम व भाजपा का है। 
विज्ञापन


सांस रोक देने वाला रहा सुरजेवाला व लीला राम का मुकाबला:-कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला व लीला राम के बीच कांटे की टक्कर रही। पहले दो राउंड में लीला राम करीब 2000 की बढ़त बनाने में सफल हुए। इसके बाद 9वें राउंड तक सुरजेवाला ने 5000 की बढ़त बनाए रखी। जो 13वें राउंड तक सुरजेवाला की 1800 वोटों तक सिमट गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद 14वें व 15वें राउंड और बैलेट पेपरों की गिनती में सुरजेवाला 1570 वोटों से पिछड़ गए और अंतत: लीला राम भाजपा को पहली बार यहां से जितवाने में सफल रहे। वहीं लीला राम एक बार इनेलो से और अब दूसरी बार भाजपा से विधायक बनने में सफल रहे।

लीला राम की जीत के 3 कारण:-
1. भाजपा ने लीला राम गुर्जर को गुर्जर वोटों व अन्य समाज में उनकी छवि को देखते हुए उन्हें मजबूत उम्मीदवार स्वीकार करते हुए मैदान में उतारा और जीत हासिल की। 

2. पीएम मोदी की नीतियां, धारा 370 का मुद्दा व सीएम मनोहर लाल की नीतियों का असर।
3. शहर व गांव में समान रुप से लीला राम की लोकप्रिय छवि, जिसके बल पर वे सुरजेवाला को गांवों के साथ-साथ शहर में बराबर की टक्कर दे पाए।

रणदीप सुरजेवाला की हार के 3 कारण:-
1. राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी का लचीला प्रदर्शन, जींद उपचुनाव में हार।

2- पीएम मोदी की नीतियों से लोकसभा चुनाव में 55 हजार से पिछड़ने के बाद उसे कवर करने में लगा सुरजेवाला का पूरा जोर, अधिकतर कवर गए, लेकिन 624 वोटों से जीत से दूर रह गए

3. इनेलो का वोटबैंक करीब-करीब खत्म होने, जजपा के महज 6149 वोटों पर समटना। पिछले चुनाव में इनेलो की 42000 वोट थे। जो ज्यादा भाजपा को शिफ्ट हो गए। जिसका नुकसान सुरजेवाला को हुआ।

भाजपा में हुआ भीतरघात, सुरजेवाला ने मजबूती से लड़ा चुनाव:-भाजपा में भीतरघात हुआ। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कैथल विधानसभा से से कांग्रेस को 55 हजार की लीड दी थी। रणदीप सुरेजवाला ने पूरी ताकत इसी लीड को कवर करने में लगा दी लेकिन महज 624 वोटों से पीछे रह गए।

हार पर बोले सुरजेवाला
भाजपा व भाजपा के प्रत्याशी लीला राम को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि वे कैथल के विकास और प्रगति जो हमने 15 साल में की है। उसे आगे बढ़ाएंगे। आज दिन उनका है। जनता ने जो निर्णय दिया है। वह सिर झुकाकर स्वीकार है। 

जीत पर बोले लीला राम
यह पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मनोहर लाल की नीतियों पर कैथल की जनता की मुहर है। सभी को इस जीत के लिए बधाई। कैथल को विकास के मामले में आगे लेकर जाएंगे। सभी को इस जीत की शुभकामनाएं। सुरजेवाला वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने मतगणना के दिन पूरा सहयोग किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed