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हरियाणा शिक्षा विभाग का तुगलकी फरमान, 'सांसद या मंत्री दिखने पर खड़े होकर स्वागत करेंगे अफसर'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:07 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में अब सरकार अधिकारियों को सांसदों, मंत्रियों और विधायकों का सम्मान कार्यालय व बैठकों के दौरान खड़े होकर करना होगा। प्रदेश की मनोहर लाल सरकार ने इस संबंध में प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, डीसी, मंडलायुक्तों सहित सभी प्रबंध निदेशकों को सरकुलर जारी कर दिया है।
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी सरकुलर में सांसदों और विधायकों के सम्मान में अफसरों को अपनी कुर्सी से खड़े होकर स्वागत करने और उचित मान-सम्मान देने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी जानकारी और सरकारी काम में भी अफसरों को सांसदों-विधायकों की मदद करनी होगी।
सरकारी अफसर अब मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की फोन कॉल्स को नजरअंदाज भी नहीं कर सकेंगे। ज्यादा व्यस्त होने की स्थिति में एसएमएस के जरिए तुरंत इन जनप्रतिनिधियों को जवाब देना होगा। इसके अलावा सभी अधिकारियों की भाषा भी सभ्य होनी चाहिए। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इन जनप्रतिनिधियों के सभी अनुरोधों को ध्यानपूर्वक सुना जाए।
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क्षेत्र में कोई प्रोग्राम होने पर संबंधित सांसद, विधायक को जरूर बुलाएं और सुविधाजनक सीट दें। अगर एक सांसद का निर्वाचन क्षेत्र दो जिलों में पड़ता है तो अधिकारी दोनों जिलों में सांसद को बुलाएं। ऐसा न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव समय-समय पर इन आदेशों की समीक्षा भी करेंगे।
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मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी सरकुलर में सांसदों और विधायकों के सम्मान में अफसरों को अपनी कुर्सी से खड़े होकर स्वागत करने और उचित मान-सम्मान देने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरी जानकारी और सरकारी काम में भी अफसरों को सांसदों-विधायकों की मदद करनी होगी।
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सरकारी अफसर अब मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की फोन कॉल्स को नजरअंदाज भी नहीं कर सकेंगे। ज्यादा व्यस्त होने की स्थिति में एसएमएस के जरिए तुरंत इन जनप्रतिनिधियों को जवाब देना होगा। इसके अलावा सभी अधिकारियों की भाषा भी सभ्य होनी चाहिए। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इन जनप्रतिनिधियों के सभी अनुरोधों को ध्यानपूर्वक सुना जाए।
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क्षेत्र में कोई प्रोग्राम होने पर संबंधित सांसद, विधायक को जरूर बुलाएं और सुविधाजनक सीट दें। अगर एक सांसद का निर्वाचन क्षेत्र दो जिलों में पड़ता है तो अधिकारी दोनों जिलों में सांसद को बुलाएं। ऐसा न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव समय-समय पर इन आदेशों की समीक्षा भी करेंगे।
Haryana Education Department has issued an order that all the officials should give a standing welcome to all the Members of Parliament. Any violation in the relevant Conduct Rules in this regard, will render the govt servant concerned liable for appropriate punishment.
— ANI (@ANI) June 19, 2018
लोकसभा कमेटी की रिपोर्ट पर हुआ एक्शन
manohar lal khattar
- फोटो : ANI
कमेटी ऑन वायलेशन ऑफ प्रोटोकॉल, नॉर्म्स, कंटेंप्ट्यूस बीहेवियर ऑफ गवर्नमेंट ऑफिसर्स विद मेंबर्स ऑफ लोकसभा ने अपनी दूसरी रिपोर्ट चार जनवरी 2018 को सदन पटल पर रखी है। इसमें सभी राज्यों को सांसदों और विधायकों के साथ सरकारी नौकरों के व्यवहार को लेकर सख्त हिदायतें जारी करने की सिफारिश की गई थी।
इस संबंध में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग 7 फरवरी 2018, पहली दिसंबर 2011, नौ अक्टूबर 2012 व 19 नवंबर 2014 को भी गाइडलाइन जारी कर चुका है। बावजूद इसके सरकारी नौकर सांसदों-विधायकों का सम्मान नहीं कर रहे थे। जिस पर लोकसभा की कमेटी ने आपत्ति जताई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोबारा गाइडलाइन जारी होने पर हरियाणा सरकार हरकत में आई है।
मुख्य सचिव से प्रोटोकॉल में ऊपर सांसद-विधायक : विज
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने सांसदों, विधायकों व मंत्रियों को सरकारी नौकरों के खड़े होकर सम्मान देने को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल में सांसद और विधायक का दर्जा मुख्य सचिव से ऊपर है। यदि सांसद या विधायक सरकारी कार्यालय में जाता है तो उनका अभिवादन होना चाहिए। विज ने कहा कुछ अधिकारी अभिवादन करते भी हैं, जबकि कुछ नहीं करते। इसके मद्देनजर सरकार ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन का सर्कुलर जारी किया है। इसमें कोई जबरदस्ती नहीं है। यह मार्क ऑफ रिस्पेक्ट के लिए है।
इस संबंध में केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग 7 फरवरी 2018, पहली दिसंबर 2011, नौ अक्टूबर 2012 व 19 नवंबर 2014 को भी गाइडलाइन जारी कर चुका है। बावजूद इसके सरकारी नौकर सांसदों-विधायकों का सम्मान नहीं कर रहे थे। जिस पर लोकसभा की कमेटी ने आपत्ति जताई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद दोबारा गाइडलाइन जारी होने पर हरियाणा सरकार हरकत में आई है।
मुख्य सचिव से प्रोटोकॉल में ऊपर सांसद-विधायक : विज
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने सांसदों, विधायकों व मंत्रियों को सरकारी नौकरों के खड़े होकर सम्मान देने को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल में सांसद और विधायक का दर्जा मुख्य सचिव से ऊपर है। यदि सांसद या विधायक सरकारी कार्यालय में जाता है तो उनका अभिवादन होना चाहिए। विज ने कहा कुछ अधिकारी अभिवादन करते भी हैं, जबकि कुछ नहीं करते। इसके मद्देनजर सरकार ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन का सर्कुलर जारी किया है। इसमें कोई जबरदस्ती नहीं है। यह मार्क ऑफ रिस्पेक्ट के लिए है।