हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला बोले- सैनिटाइजर के लिए चलेंगी शराब फैक्ट्रियां, ठेके नहीं खुलेंगे
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हरियाणा में शराब फैक्ट्रियों को खोले जाने के सरकारी आदेश पर उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री दुष्यंत चौटाला ने तस्वीर साफ कर दी है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश सरकार द्वारा शराब फैक्ट्रियों को चालू करने के आदेश के बाद विरोधियों के वार का भी जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार फिलहाल कोई भी शराब का ठेका खोलने नहीं जा रही है।
उन्होंने बताया कि सैनिटाइजर बनाने के लिए ईएनए व एथनॉल की आवश्यकता होती है। हिमाचल व दिल्ली ने पत्र के जरिये इसकी मांग की है। ऐसे में इन शराब फैक्ट्रियों और डिस्टलरीज को चलाने की अनुमति देनी पड़ी। चौटाला ने कहा कि सरकार पर्याप्त मात्रा में ईएनए के उत्पादन के लिए कच्चे खाद्य पदार्थ की आपूर्ति अन्य राज्यों को कर रही है। सरकार शराब माफियाओं पर निरंतर लगाम कस रही है और आने वाले समय में स्टॉक चेकिंग कर कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा है कि हरियाणा लॉकडाउन के दूसरे फेज के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल के बाद जिन-जिन क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण कम होगा, वहां धीरे-धीरे हालातों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि इस गंभीर स्थिति में श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था, किसानों की फसल कटाई व खरीद, जरूरी सामान की आपूर्ति करना है।
इसके लिए सरकार लगातार तमाम वर्गों से जुड़े लोगों और अधिकारियों के साथ चर्चा कर रही है। उनके अनुसार संक्रमण से मुकाबला करने के लिए प्रदेश सरकार हालात को बारीकी से मॉनिटर करते हुए आगे बढ़ रही है। इसके लिए हरियाणा को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रेड जोन को न केवल कुछ जिलों तक सीमित किया है बल्कि उसे ब्लॉक स्तर तक लेकर जा रहे हैं।
चौटाला ने कहा कि हरियाणा में करीब 140 ब्लॉक हैं जिनको प्रतिदिन मॉनिटर किया जा रहा है। जिस ब्लॉक में कोरोना वायरस का प्रकोप अब तक नहीं पहुंचा, सरकार ने उसे ग्रीन जोन में शामिल किया है। वहीं जिस क्षेत्र में विदेश से आकर कोई नागरिक रुका, उसे ऑरेंज क्षेत्र निर्धारित किया। प्रदेश में उद्योगों की गतिविधियों को वापस पटरी पर लाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है, जिसमें सामाजिक दूरी का पालन आदि कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर योजना बनाई जा रही है।
प्रदेश भर में पिछली बार से चार गुना अधिक फसल खरीद केंद्र बेहतर सुविधा के साथ बनाए गये है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद की व्यवस्था में किसान भी सरकार का बढ़ चढ़ कर साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल से सरसों की फसल की खरीद शुरू हो जाएगी। सरकार ने प्रदेश में 5000 से ज्यादा कंबाइन की व्यवस्था कर दी है। इसके अतिरिक्त सरकार 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' एप पर किसानों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग के अनुसार कंबाइन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी कर रही है।