हरियाणा के उपमुख्यमंत्री का बड़ा बयान- जब तक एमएसपी मिलेगी, तभी तक सरकार का हिस्सा हूं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा की गठबंधन सरकार में सहयोगी भाजपा ने किसान आंदोलन के बीच नई रिवायत शुरू की है। गुरुवार को पहली बार अनौपचारिक बैठक डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के निवास पर हुई। इससे दोनों दलों ने गठबंधन सरकार के मजबूत होने का संदेश दिया। साथ ही किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के संकेत दिए।
बैठक के बाद दुष्यंत ने कहा कि किसानों को जब तक एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) हरियाणा में मिलेगा, तब तक वह सरकार का हिस्सा हैं। प्रदेश में जिस दिन किसानों को एमएसपी नहीं मिलेगा, वह सरकार से हिस्सेदारी छोड़ देंगे। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि एमएसपी खत्म नहीं होगी। गठबंधन सरकार मजबूत है और अगले चार साल प्रदेश हित में काम करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने सबसे पहले एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लिखित में शामिल करने के लिए केंद्र से कहा था, जिसको लेकर केंद्र सरकार तैयार है। जब तक हम सरकार में हैं, किसानों की फसलों के एक-एक दाने पर एमएसपी सुनिश्चित होगी। जिस दिन एमएसपी व्यवस्था पर कोई आंच आएगी, उसी दिन वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि अगर इसके बाद भी किसी को कोई संदेह है तो वे हरियाणा में हुई बाजरे की ऐतिहासिक खरीद को देखें।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि विपक्षी नेताओं को केवल जननायक जनता पार्टी की चिंता है। चौ. देवीलाल कहते थे कि किसानों की बात सरकार तभी सुनती है जब किसान की हिस्सेदारी सरकार में हो। किसानों के आंदोलन पर सरकार की निगाह है। बॉर्डर पर बैठे किसानों के धरने की व्यवस्थाओं को देखने के लिए 1000 से ज्यादा कर्मचारी ड्यूटी पर हैं।
किसान आंदोलन पर कांग्रेस को घेरा
उपमुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य पंजाब व राजस्थान में ऐसा नहीं हैं और वहां बाजरा सड़कों पर बिक रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने तो किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि बिजाई के सीजन में पंजाब के किसानों के पास न खाद पहुंच पाई और न ही बीज। उन्होंने कहा कि इस तरह से पंजाब सरकार ने योजनाबद्ध ढंग से किसानों को परेशान किया, जिससे आज पंजाब के किसानों में रोष हैं।
सीएम मनोहर बोले उम्मीद है कि किसानों का धरना जल्द खत्म होगा
सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि अनौपचारिक बैठक में पंचायत चुनाव, किसान आंदोलन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। कुछ किसान संगठन केंद्र सरकार के साथ सहमत हैं तो कुछ असहमत। उम्मीद है जल्द ही किसानों का धरना खत्म होगा। कोरोना और ठंड को देखते हुए किसानों को धरना खत्म करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की मंडियों में एमएसपी पर बाजरा, मूंग और मूंगफली की खरीद हुई है और आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा। सीएम ने कहा, विधानसभा में पहले भी किसानों के मुद्दे पर चर्चा से विपक्षी नेता भाग चुके हैं। 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी इन कानूनों का समर्थन किया था। किसान आंदोलन राजनीति से प्रेरित है।