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हरियाणा कांग्रेस की समीक्षा बैठक हुई, विधायकों ने पार्टी हाईकमान पर छोड़ा सीएलपी का फैसला
Fri, 01 Nov 2019 01:24 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 01 Nov 2019 01:24 PM IST
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली हार पर कांग्रेस मंथन करने जा रही है। मंथन बैठक शुक्रवार को पार्टी के चंडीगढ़ में सेक्टर-9 स्थित मुख्यालय में होगी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा की ओर से बुलाई गई बैठक में सभी विधायक, विधानसभा प्रत्याशी और जिला समन्वय मौजूद रहेंगे।
दोपहर दो बजे शुरू होने वाली बैठक में राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री विशेष तौर पर आ रहे हैं। बैठक में हार के कारण तलाशे जाएंगे। सूत्रों के अनुसार चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों के विचार भी पार्टी केवरिष्ठ नेता जानेंगे।
मधुसूदन मिस्त्री व गुलाम नबी आजद कांग्रेस प्रत्याशियों की ओर से दिए जाने वाले फीडबैक की रिपोर्ट पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को देंगे। बैठक में हारने वाले 59 प्रत्याशी अपना-अपना गुबार निकालेंगे। इसकी संभावना जताई जा रही है। बैठक में गर्मागर्मी होने के भी आसार हैं।
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कुछ प्रत्याशी पार्टी के नेताओं पर भितरघात करने के आरोप भी लगा सकते हैं। जिससे हंगामा होने की भी आशंका बनी हुई है। कांग्रेस हाईकमान ने मिस्त्री व आजाद को विशेष रूप से यह जानने के लिए ही भेजा है कि पार्टी भाजपा विरोधी माहौल होने के बावजूद कैसे हारी। हार के क्या कारण रहे।
प्रत्याशियों की नजर में हार के कौन से बड़े कारण हैं। कहीं अगर भितरघात हुआ है तो किसने किया। प्रत्याशियों से उन कांग्रेसियों के नाम भी लिए जाएंगे। प्रत्याशी भितरघात करने वालों के नाम प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा को सीधे सौंप सकते हैं। इसके बाद उन पर प्रदेश इकाई व हाईकमान चर्चा कर कार्रवाई का निर्णय लेंगे।
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दोपहर दो बजे शुरू होने वाली बैठक में राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री विशेष तौर पर आ रहे हैं। बैठक में हार के कारण तलाशे जाएंगे। सूत्रों के अनुसार चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों के विचार भी पार्टी केवरिष्ठ नेता जानेंगे।
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मधुसूदन मिस्त्री व गुलाम नबी आजद कांग्रेस प्रत्याशियों की ओर से दिए जाने वाले फीडबैक की रिपोर्ट पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को देंगे। बैठक में हारने वाले 59 प्रत्याशी अपना-अपना गुबार निकालेंगे। इसकी संभावना जताई जा रही है। बैठक में गर्मागर्मी होने के भी आसार हैं।
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कुछ प्रत्याशी पार्टी के नेताओं पर भितरघात करने के आरोप भी लगा सकते हैं। जिससे हंगामा होने की भी आशंका बनी हुई है। कांग्रेस हाईकमान ने मिस्त्री व आजाद को विशेष रूप से यह जानने के लिए ही भेजा है कि पार्टी भाजपा विरोधी माहौल होने के बावजूद कैसे हारी। हार के क्या कारण रहे।
प्रत्याशियों की नजर में हार के कौन से बड़े कारण हैं। कहीं अगर भितरघात हुआ है तो किसने किया। प्रत्याशियों से उन कांग्रेसियों के नाम भी लिए जाएंगे। प्रत्याशी भितरघात करने वालों के नाम प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा को सीधे सौंप सकते हैं। इसके बाद उन पर प्रदेश इकाई व हाईकमान चर्चा कर कार्रवाई का निर्णय लेंगे।
हुड्डा का सीएलपी बनना तय
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कांग्रेस विधायक दल का नेता बनना तय है। उनके विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने को लेकर भी मुहर लग जाएगी। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से कांग्रेस मुख्यालय में ही विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें सभी विधायक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा व पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में अपना नेता चुनेंगे।
तंवर के नुकसान पहुंचाने का भी उठेगा मुद्दा
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के जजपा व अन्य उम्मीदवारों को समर्थन देने और कांग्रेस के उम्मीदवारों का विरोध करने का मुद्दा भी समीक्षा बैठक में उठना तय माना जा रहा है। चूंकि, प्रदेशाध्यक्ष पद से हटने के बाद तंवर ने बगावती तेवर अपना लिए थे और चुनाव के दौरान फील्ड में कांग्रेस को वोट न देेने की भी अपील की।
जहां पर कांग्रेस के मुकाबले अन्य उम्मीदवार जीते हैं, वहां के प्रत्याशी तंवर पर भी अपना गुस्सा निकाल सकते हैं। तंवर ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया हुआ है, लेकिन अभी तक पार्टी हाईकमान ने न तो इस्तीफा स्वीकार करने की सूचना दी न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई।
तंवर के नुकसान पहुंचाने का भी उठेगा मुद्दा
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के जजपा व अन्य उम्मीदवारों को समर्थन देने और कांग्रेस के उम्मीदवारों का विरोध करने का मुद्दा भी समीक्षा बैठक में उठना तय माना जा रहा है। चूंकि, प्रदेशाध्यक्ष पद से हटने के बाद तंवर ने बगावती तेवर अपना लिए थे और चुनाव के दौरान फील्ड में कांग्रेस को वोट न देेने की भी अपील की।
जहां पर कांग्रेस के मुकाबले अन्य उम्मीदवार जीते हैं, वहां के प्रत्याशी तंवर पर भी अपना गुस्सा निकाल सकते हैं। तंवर ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया हुआ है, लेकिन अभी तक पार्टी हाईकमान ने न तो इस्तीफा स्वीकार करने की सूचना दी न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई।