'80% विधायकों को टिकट नहीं देगी कांग्रेस'
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प्रदेश में हैट्रिक लगाने के लिए कांग्रेस अपने अस्सी फीसदी विधायकों को टिकट नहीं देगी। यह संकेत प्रदेश कांग्रेस प्रभारी डॉक्टर अशोक तंवर ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में जिन विधायकों की फीडबैक ठीक नहीं मिली है, पार्टी उन्हें मैदान में नहीं उतारेगी। पार्टी के इस फैसले से प्रदेश के कई मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव टिकट पाने से मरहूम हो जाएंगे। ऐसे में प्रदेश के 25 से 30 विधायकों का पत्ता साफ हो सकता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची 10 सितंबर को जारी कर देगी। उन्होंने बताया कि पार्टी का सदस्यता अभियान 31 अगस्त तक चलेगा। तंवर ने बताया कि शनिवार तक पांच-पांच नामों का पैनल स्क्रीनिंग कमेटी को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ विधानसभा क्षेत्र के लिए एक ही नाम का प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस टिकट वितरण में पार्टी युवा, महिलाएं और साफ छवि वाले नेताओं को तवज्जो देगी।
चयन के लिए मापदंड तय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीते दिनों कांग्रेस चुनाव कमेटी की हुई बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए एक मापदंड तय किए गए थे। इसमें पार्टी विरोधी गतिविधि और भितरघात में शामिल लोगों को टिकट नहीं देने का निर्णय लिया गया था।
गौरतलब है कि बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटें जीती थीं। इनमें से अंबाला शहर के विधायक विनोद शर्मा कांग्रेस छोड़कर अपनी नई पार्टी बना चुके हैं, जबकि धर्मवीर सिंह लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। धर्मवीर वर्तमान में भिवानी से भाजपा के सांसद हैं।
घोषणा पत्र तैयार
सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर हुई बैठक के बाद चुनाव घोषणा पत्र को अंतिम रूप दे दिया गया है। बैठक में कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर रामप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष तंवर समेत अन्य थे। घोषणा पत्र पर मुहर लगाने के लिए इसे हाईकमान के पास भेजा जाएगा।