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JE परीक्षा में विवादित सवाल पर सीएम ने लिया एक्शन, चेयरमैन पर गिरी गाज...निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 18 May 2018 09:43 AM IST
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Haryana CM Manohar lal khattar
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सरकार ने आखिरकार कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती को पद से हटा दिया है। जेई सिविल की परीक्षा में ब्राह्मणों को लेकर विवादित सवाल पूछे जाने पर मनोहर लाल सरकार ने यह बड़ी कार्रवाई की है। साथ ही परीक्षा के लिए पेपर सेट करने वाले मुख्य परीक्षक, पेपर सेटिंग के लिए अनुबंधित दिल्ली की कंपनी और विवादित सवाल छापने वाली पुस्तक के प्रकाशक अरिहंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह निर्णय वीरवार को यहां हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ब्राह्मण नेताओं, मंत्रियों व विधायकों के साथ बैठक में लिया।
सीएम ने बैठक के दौरान भावुक होते हुए ब्राह्मण समाज से इस चूक के लिए माफी भी मांगी है। इस कार्रवाई के अलावा सरकार पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच भी कराएगी। आयोग चेयरमैन का पद मुख्य सचिव के बराबर होता है। इसलिए जांच अधिकारी मुख्य सचिव के पद से ऊपर का होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यरत जज, रिटायर्ड जज या किसी बाहरी एजेंसी से जांच कराने के लिए राय जल्दी ही महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन सरकार को देंगे।
पहली बार हटाए गए चेयरमैन, कार्यवाहक चेयरमैन की होगी नियुक्ति
हरियाणा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन को किसी विवाद के चलते पद से हटाया गया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने भारती को पद से हटाने के सरकार के फैसले की मीडिया को जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि चेयरमैन बीबी भारती को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। जांच पूरी होने तक वह निलंबित रहेंगे। उनके स्थान पर कार्यवाहक चेयरमैन की नियुक्ति जल्दी की जाएगी। वीरवार देर शाम पंचकूला में आपराधिक एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
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जांच और एफआइआर की कार्रवाई साथ-साथ, गिरफ्तारियां संभव
चेयरमैन बीबी भारती के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच व पंचकूला थाने में दर्ज एफआईआर की कार्रवाई साथ-साथ चलेगी। पेपर सेटिंग के लिए अनुबंधित कंपनी, मुख्य परीक्षक व प्रकाशक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारियां भी संभव हैं। रामबिलास शर्मा ने कहा कि मुख्य परीक्षक से पूछताछ के दौरान जो भी नाम पूरे मामले में सामने आएंगे, उन्हें एफआईआर में शामिल किया जाएगा। एफआईआर के बाद पूछताछ के लिए गिरफ्तारियां जल्दी की जाएंगी। अनुबंधित कंपनी के तमाम अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं।
ब्राह्मणों का दबाव आया काम, विधायकों, मंत्रियों व सांसदों ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हरियाणा निवास में हुई बैठक में शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक नरेश कौशिक, बसपा से निलंबित विधायक टेकचंद शर्मा, आजाद विधायक दिनेश कौशिक, विधायक लतिका शर्मा के प्रतिनिधि जितेंद्र शर्मा, भारत भूषण शर्मा, अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरि राम दीक्षित, गौड़ ब्राह्मण सभा के प्रधान आजाद अत्री और संजीव भारद्वाज सहित लगभग दो सौ ब्राह्मण प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस सवाल को लेकर हुआ बवाल
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की 10 अप्रैल को हुई सिविल जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में ब्राह्मणों को लेकर विवादित सवाल पूछा गया था। परीक्षा में आयोग ने पूछा था कि हरियाणा में निम्न में कौन अपशकुन नहीं माना जाता। उत्तर के विकल्पों में खाली घड़ा, काले ब्राह्मण से मिलना, ब्राह्मण कन्या को देखना और फ्यूल भरा कास्केट दिया गया था। इस पर ही पूरा विवाद हुआ। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विदेश जाने के बाद राजनीति गरमा गई। विपक्ष ने तीखे हमले बोले और ब्राह्मण समाज ने आंदोलन का ऐलान कर दिया। सरकार ने खेद जताया पर बात नहीं। सीएम ने विदेश दौरे से लौटते ही पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया।
गलती का मुझे दुख, मांगता हूं माफी : मनोहर
सीएम मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि ब्राह्मण समाज की भावनाओं का आदर करता हूं। आयोग की गलती से जो ठेस समाज को पहुंची है, उसे लेकर क्षमा मांगता हूं। मुझे इसका दुख है। इस उद्बोधन के समय सीएम भावुक हो गए।
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सीएम ने बैठक के दौरान भावुक होते हुए ब्राह्मण समाज से इस चूक के लिए माफी भी मांगी है। इस कार्रवाई के अलावा सरकार पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच भी कराएगी। आयोग चेयरमैन का पद मुख्य सचिव के बराबर होता है। इसलिए जांच अधिकारी मुख्य सचिव के पद से ऊपर का होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यरत जज, रिटायर्ड जज या किसी बाहरी एजेंसी से जांच कराने के लिए राय जल्दी ही महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन सरकार को देंगे।
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पहली बार हटाए गए चेयरमैन, कार्यवाहक चेयरमैन की होगी नियुक्ति
हरियाणा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन को किसी विवाद के चलते पद से हटाया गया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने भारती को पद से हटाने के सरकार के फैसले की मीडिया को जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि चेयरमैन बीबी भारती को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। जांच पूरी होने तक वह निलंबित रहेंगे। उनके स्थान पर कार्यवाहक चेयरमैन की नियुक्ति जल्दी की जाएगी। वीरवार देर शाम पंचकूला में आपराधिक एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
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जांच और एफआइआर की कार्रवाई साथ-साथ, गिरफ्तारियां संभव
चेयरमैन बीबी भारती के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच व पंचकूला थाने में दर्ज एफआईआर की कार्रवाई साथ-साथ चलेगी। पेपर सेटिंग के लिए अनुबंधित कंपनी, मुख्य परीक्षक व प्रकाशक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तारियां भी संभव हैं। रामबिलास शर्मा ने कहा कि मुख्य परीक्षक से पूछताछ के दौरान जो भी नाम पूरे मामले में सामने आएंगे, उन्हें एफआईआर में शामिल किया जाएगा। एफआईआर के बाद पूछताछ के लिए गिरफ्तारियां जल्दी की जाएंगी। अनुबंधित कंपनी के तमाम अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं।
ब्राह्मणों का दबाव आया काम, विधायकों, मंत्रियों व सांसदों ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ हरियाणा निवास में हुई बैठक में शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स, भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक नरेश कौशिक, बसपा से निलंबित विधायक टेकचंद शर्मा, आजाद विधायक दिनेश कौशिक, विधायक लतिका शर्मा के प्रतिनिधि जितेंद्र शर्मा, भारत भूषण शर्मा, अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरि राम दीक्षित, गौड़ ब्राह्मण सभा के प्रधान आजाद अत्री और संजीव भारद्वाज सहित लगभग दो सौ ब्राह्मण प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस सवाल को लेकर हुआ बवाल
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की 10 अप्रैल को हुई सिविल जूनियर इंजीनियर की परीक्षा में ब्राह्मणों को लेकर विवादित सवाल पूछा गया था। परीक्षा में आयोग ने पूछा था कि हरियाणा में निम्न में कौन अपशकुन नहीं माना जाता। उत्तर के विकल्पों में खाली घड़ा, काले ब्राह्मण से मिलना, ब्राह्मण कन्या को देखना और फ्यूल भरा कास्केट दिया गया था। इस पर ही पूरा विवाद हुआ। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विदेश जाने के बाद राजनीति गरमा गई। विपक्ष ने तीखे हमले बोले और ब्राह्मण समाज ने आंदोलन का ऐलान कर दिया। सरकार ने खेद जताया पर बात नहीं। सीएम ने विदेश दौरे से लौटते ही पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया।
गलती का मुझे दुख, मांगता हूं माफी : मनोहर
सीएम मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि ब्राह्मण समाज की भावनाओं का आदर करता हूं। आयोग की गलती से जो ठेस समाज को पहुंची है, उसे लेकर क्षमा मांगता हूं। मुझे इसका दुख है। इस उद्बोधन के समय सीएम भावुक हो गए।