फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana CM Manohar Lal Raised The Issue Of SYL During Narnaul Rally

किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के सीएम का बड़ा बयान, एसवाईएल पर पंजाब अपना हठ छोड़े

Sun, 20 Dec 2020 07:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 20 Dec 2020 07:25 PM IST
विज्ञापन
Haryana CM Manohar Lal Raised The Issue Of SYL During Narnaul Rally
रैली को संबोधित करते हुए सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला

किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक नहर) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एसवाईएल का मामला दशकों से लंबित है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही इस मामले को समय से पहले सुनने की याचिका लगाई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हक में फैसला दिया। 

विज्ञापन


दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री को बैठकर फैसला करने को कहा था लेकिन पंजाब हमारा हक देने को राजी नहीं हुआ। अब सुप्रीम कोर्ट कभी भी अंतिम फैसला सुनाएगा और हमें अपना हक मिलेगा। लोकतांत्रिक देश में राज्यों की मनमानी नहीं चल सकती। एसवाईएल पर पंजाब को अपनी हठ छोड़नी होगी। रैली के दौरान उन्हें कुछ लोगों ने काले कपड़े दिखाए। 
विज्ञापन



किसान आंदोलन के बीच रविवार को नारनौल में आईटीआई मैदान में सीएम ने जल अधिकार रैली को संबोधित किया। सीएम ने कहा कि प्रजातंत्र में विरोध करने का एक तरीका होता है। सदन व मीडिया के समक्ष या लोकतांत्रिक ढंग से सभा करके विरोध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कोई आंच आए तो उससे पहले वे राजनीति छोड़ देंगे। सरकार नए कृषि कानूनों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर की बात सोच रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एमएसपी कभी खत्म नहीं होगी। एमएसपी थी, एमएसपी है और रहेगी। इस प्रकार मंडियां भी रहेंगी। कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर आंदोलन कर रहे हैं कि वे किसान हितैषी नहीं है। बार्डर पर बैठे पंजाब के किसान भाइयों से हमें एसवाईएल के पानी की बात रखनी चाहिए। सीएम ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसानों के हित के लिए हैं। नए कानूनों में भंडारण की व्यवस्था सुधारने की बात की गई है। इसी सुधार प्रक्रिया के तहत प्रदेश की 104 मंडियों में से 88 मंडियों को ऑनलाइन किया है। 

उन्होंने कहा कि सही भंडारण न होने से हर वर्ष देश में 30 हजार करोड़ का अनाज का नुकसान होता है। हरियाणा में भी 700 करोड़ का अनाज खराब हो जाता है। इस अनाज को बचाने का प्रयास चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के सच्चे हितैषी हैं। साल 2010 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कांग्रेस सरकार ने एक कमेटी बनाई थी। उसमें एपीएमसी एक्ट में सुधार की वकालत की थी। सीएम ने कहा कि प्रदेश के किसानों के हित में नई सूक्ष्म सिंचाई योजना शुरू की है। 

सरकार बनते ही उपलब्ध पानी का समान बंटवारा कर टेल तक पहुंचाया है। इसी प्रकार सरकार ने रेणुका-किसाऊ बांध का एमओयू हो चुका है और जल्द ही रखवार बांध का एमओयू साइन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को धान की खेती छोड़ने का आह्वान किया था। 80 हजार एकड़ कम जमीन पर धान लगाया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed