हरियाणा का कर मुक्त बजट: मनोहर लाल ने खोला घोषणाओं का पिटारा, प्वाइंट्स में पढ़ें किसको-क्या मिला
हरियाणा सरकार का पिछला बजट 1.53 लाख करोड़ रुपये का था। इस बार पिछले साल के मुकाबले 15.6 प्रतिशत की वृद्धि है। यह 29 हजार 618 करोड़ रुपये के घाटे वाला बजट है।
विस्तार
हरियाणा की गठबंधन सरकार ने अपने तीसरे बजट में गांव-शहर की डगर पकड़ी है। सरकार की नजर अप्रैल में होने वाले शहरी निकायों चुनावों के साथ इसी साल संभावित पंचायती राज चुनावों पर रही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को विधानसभा में 1.77 लाख करोड़ रुपये का कर मुक्त बजट पेश कर हर वर्ग के लिए घोषणाओं का पिटारा खोला। हालांकि, कच्चे-पक्के कर्मचारियों को निराशा भी हाथ लगी। वे पुरानी पेंशन बहाली, मानदेय व वेतन में बढ़ोतरी की आस लगाए बैठे थे।
2022-23 का बजट पांच बिंदुओं समर्थ हरियाणा, अंत्योदय, सतत विकास, संतुलित पर्यावरण और सहभागिता पर आधारित है। महिलाओं, किसानों व युवाओं का खास ख्याल रखा गया है। 17 सतत विकास लक्ष्य निर्धारित कर बेहतर व स्थायी भविष्य की रूपरेखा तैयार की गई है। इसका लक्ष्य समाज में समानता, शांति और सुरक्षा सुनिश्चित कर गरीबी को कम करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बतौर वित्त मंत्री उन्होंने हरियाणा के लिए वज्र बजट प्रस्तुत किया है। बजट न केवल अर्थव्यवस्था को वज्र जैसी शक्ति देगा, बल्कि आने वाले 25 सालों में प्रदेश के विकास को तेज गति प्रदान करने का आधार भी बनेगा। कोविड से पहले की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए तीन उपाय किए गए हैं। आर्थिक विकास के पुराने लक्ष्य को दोबारा हासिल किया जाएगा। सरकार को पर्यावरण की भी चिंता है। पानी, जंगल, वायु और जमीन को बचाने के लिए विशेष ध्यान देंगे।
विभागों को मिला इतना बजट
विभाग आवंटन
- कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्र 6497 करोड़
- सहकारिता 1537.35 करोड़
- शिक्षा, खेल कला 20445 करोड़
- स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा 8925.52 करोड़
- महिला एवं बाल विकास 2017.24 करोड़
- तकनीकी शिक्षा, दक्षता विकास 1104 करोड़
- गृह 6526 करोड़
- ऊर्जा व नवीन अक्षय ऊर्जा 7203 करोड़
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता 13050 करोड़
- ग्रामीण विकास व पंचायत 6826 करोड़
- परिवहन 3708 करोड़
- शहरी विकास 8468 करोड़
- उद्योग 598 करोड़
- सिंचाई 6136 करोड़
- जनस्वास्थ्य 4554 करोड़
- पीडब्ल्यूडी 4752 करोड़
- ब्याज भुगतान 20994 करोड़
- पेंशन 11200 करोड़
- कर्ज भुगतान 35052 करोड़
बड़ी घोषणाएं
- पलवल, चरखी दादरी, पंचकूला व फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, साथ ही नर्सिंग कॉलेज भी होगा
- स्कूल हेल्थ कार्ड के तहत 25 लाख विद्यार्थियों की साल में दो बार स्वास्थ्य जांच
- मूल चुकाने पर किसानों के कर्ज का ब्याज, जुर्माना होगा माफ
- शहरों में 75 नए सेक्टर बनेंगे, पीजीआई रोहतक में किडनी जांच
- पशुपालन व डेयरी क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए 1 लाख अंत्योदय परिवारों को आर्थिक मदद
- 8वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विषयवार ओलंपियाड व पुरस्कार
- बाजरे के प्रबंधन और ब्रांडिंग के लिए 50 करोड़ का विशेष पैकेज
- पीएम आवास योजना के तहत इस साल बनेंगे 20 हजार नए मकान
- पीएसजी और सीएनजी अपनाने पर उद्योगों को 15 लाख का अनुदान
- 21 हजार एचआईवी पीड़ितों को 2250 रुपये पेंशन
किसान
गर्मी सीजन के मक्का की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर। 100 पैक हाउस की स्थापना। 5 मशीन बैंक केंद्र। प्रगतिशील किसान कृषि दर्शन कार्यक्रम। ग्राम पंचायत की भूमि पर सांझा शेड सुविधा। मत्स्य पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड। भिवानी में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क-सेंटर ऑफ एक्सीलेंस। गुरुग्राम में सिंगापुर की तर्ज पर जलीय पौधों, मछलियों और जंतुओं का आधुनिक एक्वेरियम।
शिक्षा
बेटियों को सुरक्षित व सुलभ परिवहन सुविधा के लिए साथी योजना। अगले तीन वर्षों में 362 नये संस्कृति मॉडल स्कूल। कौशल को बढ़ावा देने के लिए एसटीईएम लैब। 10वीं-12वीं के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट। सरकारी व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए ट्विनिंग प्रोग्राम। शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए मानेसर में इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिंग टेक्नॉलाजी। नूंह में नया बहु-विषयक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना।
स्वास्थ्य
उपमंडलीय अस्पताल ऑक्सीजन सुविधा सहित 100 बिस्तर के अस्पताल में अपग्रेड होगे। बीपीएल परिवारों को 2 वर्ष में एक बार निशुल्क सामान्य स्वास्थ्य जांच सुविधा। मेडिकल कॉलेजों के स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 40 प्रतिशत सीटें सरकारी सेवा के डॉक्टरों को आरक्षित। जिला अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिक कॉर्नर। हर खंड में टीबी जांच के लिए मॉलिक्यूलर टैस्टिंग लैब की सुविधा। गरीबों की उत्तम स्वास्थ्य देखभाल के लिए मोबाइल यूनिट्स। जींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, सिरसा, यमुनानगर में नर्सिंग कॉलेज। एलोपैथी और आयुष उपचार पद्धतियों के लिए संयुक्त अनुसंधान केंद्र।
श्रमिक
नियमित चिकित्सा जांच के लिए पानीपत, सोनीपत, अंबाला, हिसार, रोहतक और जींद में औद्योगिक स्वच्छता प्रयोगशालाएं। प्रदेश में 100 बिस्तरों वाले 6 ईएसआई अस्पतालों और 14 ईएसआई औषधालयों की स्थापना। बीमित श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को निजी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा। गुरुग्राम और फरीदाबाद में बाल श्रम पुनर्वास केंद्र। प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के लिए गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद और पानीपत में 4 नये स्कूल। ईएसआईसी औषधालयों में एक्सरे मशीन, लैब व उपकरण की सुविधा।
सामाजिक सुरक्षा
मानसिक दिव्यांगों के लिए अंबाला में आजीवन देखभाल गृह। डॉ. आंबेडकर मेधावी छात्र योजना में 4 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार शामिल। गैर बीपीएल या ओपीएच राशन कार्ड धारकों को पीडीएस के लाभार्थियों में शामिल करने का लक्ष्य। अर्धसैनिक बलों के सभी पूर्व जवानों को पंजीकृत कर पूर्व सैनिकों के समान लाभ देने का निर्णय। जिलों में एकीकृत सैनिक एवं अर्ध सैनिक सदन खोले जाएंगे।