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जानिए, जाट आरक्षण बिल पास होने पर क्या बोले मुख्यमंत्री खट्टर?

Wed, 30 Mar 2016 09:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 Mar 2016 09:27 AM IST
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haryana cm khattar statement on jat reservation
मनोहर लाल खट्टर, ह‌रियाणा के मुख्‍ययमंत्री - फोटो : amar ujala

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने सरकारी विभागों में विभिन्न पदों को भरने के लिए अब तक जितने भी विज्ञापन निकाले हैं, वह केवल 90 फीसदी पदों के लिए ही हैं।

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दस फीसदी पद सरकार के निर्देश पर पहले ही अलग रखे जा चुके हैं। अब कर्मचारी चयन आयोग के नियमानुसार इन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री खट्टर ने यह बात उस सवाल के जवाब में कही जिसमें उनसे पूछा गया था कि एचएसएससी द्वारा जारी विज्ञापनों में नौकरियों में क्या जाटों के आरक्षण का लाभ मिलेगा?
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मंगलवार को विधानसभा में जाट समुदाय सहित अन्य जातियों को आरक्षण देने के लिए किए गए अपने वादे के अनुरूप चालू बजट सत्र के दौरान हरियाणा पिछड़ा वर्ग (सेवाओं व शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण) विधेयक, 2016 और हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग विधेयक, 2016 सर्वसम्मति से पारित करवा लिए जाने के बाद विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार राजनीतिक कारणों के चलते आरक्षण के नाम पर केवल अधिसूचना जारी कर चुनावी लाभ लेना चाहती थी, इसीलिए अधिनियम नहीं बन पाया।
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बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द भी कर दिया और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में इस पर रोक भी लग गई। उन्होंने कहा कि अब हमारी सरकार की ओर से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी द्वारा इसका पूरा अध्ययन किया गया और विधानसभा में इन्हें पारित कर कानून का रूप देने के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल के हस्ताक्षर होने के बाद ये विधेयक लागू हो जाएंगे और पिछड़े वर्ग ब्लाक ‘ए’, पिछड़े वर्ग ब्लॉक ‘बी’ और पिछड़े वर्ग ब्लॉक ‘सी’ को वैधानिक दर्जा देते हुए केंद्र को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए भेजा जाएगा।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, जिसमें ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत, पंजाबी खत्री आदि जातियां शामिल हैं, के लिए भी ग्रुप ए और बी के पदों में आरक्षण पांच प्रतिशत बढ़ाकर सात प्रतिशत किया गया है, जबकि इन वर्गों की ऐसी कोई मांग नहीं थी। उन्होंने कहा कि इनके लिए वार्षिक आय सीमा तय करने की सूचना शीघ्र ही जारी कर दी जाएगी।

कांग्रेस विधायकों के सदन में न आने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बिलों को सदन में रखे जाने की जानकारी कांग्रेस विधायकों को दी गई और उन्हें आमंत्रित भी किया गया था, लेकिन वे बिना मुद्दे के बहाना बनाकर सदन में आना ही नहीं चाहते।


उन्होंने बताया कि सतलुज-यमुना लिंक नहर पर के मुद्दे पर भी कांग्रेस चर्चा से बचती रही, जबकि सब कुछ करा-कराया उन्हीं का ही है। इस अवसर पर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर, सूचना जन संपर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव एवं महानिदेशक अभिलक्ष लिखी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, सर्वजाट खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, एडवोकेट सोमबीर आर्य अशोक मदीना भी उपस्थित थे।

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