फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   haryana chief minister statement on 7th pay commission implementation

7वें वेतन आयोग को लेकर मुख्यमंत्री का दो टूक जवाब, जानिए क्या?

Thu, 11 Aug 2016 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 11 Aug 2016 08:35 PM IST
विज्ञापन
haryana chief minister statement on 7th pay commission implementation
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
प्रदेश में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री खट्टर ने दो टूक जवाब देते हुए बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आयोग की समीक्षा के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शीघ्र ही कर्मचारियों को वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ दे दिया जाएगा।
विज्ञापन


मनोहर लाल ने वीरवार को कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने हरियाणा सिविल सचिवालय की आठवीं मंजिल स्थित सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के मीडिया सेंटर व वेब स्टूडियो का औचक निरीक्षण भी किया। प्
विज्ञापन


रेस रूम, वेब स्टूडियो, सीएम वैब पोर्टल कक्ष में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने वहां कर्मचारियों की कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी ली और मीडिया सेंटर में सुविधाएं बढ़ाने का आश्वासन भी दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मुख्यमंत्री की अगुवाई की।

अनुसूचित जाति पर अत्याचार के मामलों को दी जाए प्राथमिकता

haryana chief minister statement on 7th pay commission implementation
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
मुख्यमंत्री खट्टर ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि अगर अनुसूचित जाति के लोगों खिलाफ किसी भी तरह का अत्याचार होता है, तो उस स्थिति में तुरंत मामला दर्ज किया जाए।

अगर पुलिस की तरफ से किसी भी तरह की लापरवाही बरती जाती है तो पीड़ित या असंतुष्ट व्यक्ति तुरंत संबंधित उपायुक्त से संपर्क करें। वीरवार को राज्यस्तरीय चौकसी एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि इन पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार अनुसूचित जातियों के अधिकारों के प्रति बेहद संवेदनशील है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैै। अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जन-जाति(अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को प्रभारी तौर पर लागू किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed