सीएम मनोहर लाल ने कहा- पाक को मिला करनी का फल, पढ़ें कार्रवाई पर क्या बोले रक्षा विशेषज्ञ
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारतीय वायु सेना की सीमा पार कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को इस बात का संतोष है कि पाकिस्तान को उसकी करनी का फल मिल गया है। चूंकि, पाकिस्तान आतंकवादियों की सहायता करता है, इसलिए उसे जवाब देना अत्यंत आवश्यक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सेना पर छोड़ दिया था कि कार्रवाई के लिए समय व स्थान वह स्वयं तय करे।
मोदी कहने में नहीं करने में विश्वास रखते हैं : हरसिमरत
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि पीएम मोदी कहने में नहीं कार्रवाई करने में विश्वास रखते हैं। वहीं हरसिमरत ने पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर भी निशाना साधते कहा कि जो कांग्रेस के नेता पाकिस्तान जाकर वहां के पीएम को गले मिल चुके हैं आज उनको भी जवाब मिल गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पुलवामा शहीदों के लिए घोषित 12 लाख की मदद बहुत कम है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में मुआवजा राशि सबसे कम पंजाब सरकार ने अपने शहीदों के परिवारों के लिए घोषित की है।
इरादा युद्ध का नहीं, मगर पाक को समझ आती है यही भाषा
जैश के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर एयर स्ट्राइक को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकी हमले की हिमाकत के बाद पाकिस्तान को इस बार कड़ा संदेश देना बहुत जरूरी था। उनका कहना है कि हमारा इरादा युद्ध का कभी नहीं रहा, लेकिन सेल्फ डिफेंस में कोई भी एक्शन जायज है और पाकिस्तान को भी शायद यही भाषा समझ में आती है।
पीओके को आतंक मुक्त करने की जरूरत
एयरफोर्स के रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन सतीश भाटिया का मानना है कि यह भारत का शानदार आक्रामक कदम है और अभी पीआके को पूरी तरह से आतंक मुक्त करते हुए आगामी कार्रवाई जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बालाकोट जैश आतंकियों का एक हब प्वाइंट है। पाकिस्तान से आतंकी पहले यही पहुंचते हैं और फिर आगे विभिन्न अड्डों के लिए रवाना होते हैं।
इसके लिए भारतीय इंटेलीजेंस एजेंसियों का भी अहम रोल है, क्योंकि हर ऑपरेशन की सफलता सटीक खुफिया जानकारी पर ही आधारित होती है। इससे कश्मीर के माहौल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन हां, कश्मीर में असामाजिक तत्वों में जरूर डर का माहौल बनेगा। उन्हें समझ जाना चाहिए कि या तो आतंक का रास्ता छोड़ दें या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
पाक के लिए जरूरी था सख्त संदेश
आर्मी के रिटायर्ड कैप्टन प्रसून कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर जिस तरह के हालात बना रखे हैं, उसके मद्देनजर पाक को इस तरह का सख्त संदेश देना बहुत जरूरी था। उन्होंने बताया कि इस तरह के एक्शन से देश के फौजियों के साथ-साथ सियासी माहौल को उत्साह मिलता है और जनता में भी ये संदेश जाता है कि देश को आतंकी हमलों का सख्त जवाब देना आता है।
भारत कभी युद्ध का पक्षधर नहीं रहा है, लेकिन पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों की वजह से हमेशा भारत को उकसाने का प्रयास करता है। इस घटना के बाद पाकिस्तान अब कुछ न कुछ घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है, लेकिन पाक को ये समझ लेना होगा कि उसे हर हरकतों की अब बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।