Haryana Cabinet: तीन राज्य पुलिस पुरस्कारों के लिए एसओपी को मंजूरी, HSGPC अधिनियम 2023 भी पास
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अधिनियम 2023 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना के आय मानदंडों में बदलाव कर और 60 वर्षों से अधिक आयु वाले लाभार्थियों को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को हरी झंडी दी गई। बैठक में तीन राज्य पुलिस पुरस्कारों और उनके मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की मंजूरी दी गई। इसके तहत हर साल उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक, गृह मंत्री उत्कृष्ट अन्वेषण पदक और पुलिस महानिदेशक उत्तम सेवा पदक से नवाजा जाएगा।
साथ ही पदक विजेताओं को छह महीने का सेवा विस्तार भी दिया जाएगा। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव के लिए बनाए गए नियमों, सात जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने व विधवा पेंशन के लाभार्थियों की सीमा तीन लाख तक करने की मंजूरी दी। पहले सालाना दो लाख तक की आय वालों को ही विधवा पेंशन का लाभ दिया जाता था।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि पुलिसकर्मियों को तीन अलग-अलग श्रेणी में पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें अन्वेषण, वीरता और प्रशासनिक कर्तव्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को नामित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री वीरता पदक और गृहमंत्री उत्कृष्ट अन्वेषण पदक के विजेताओं को क्रमश: 2 लाख रुपये और 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री व गृह मंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र व स्क्रॉल मिलेगा। पदक विजेता ग्रुप बी व सी के पुलिस कर्मियों को सेवा में छह महीने का विस्तार भी दिया जाएगा। बशर्ते वे सेवा में किसी अन्य विस्तार का लाभ न ले रहे हों। पदक विजेताओं के नाम राज्य के राजपत्र में भी प्रकाशित किए जाएंगे।
इसके अलावा पुलिस महानिदेशक उत्तम सेवा पदक से सम्मानित होने वाले कर्मियों को डीजीपी का हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र व स्क्रॉल सहित पदक और 50 हजार रुपये मिलेंगे। एसओपी में पात्रता मानदंड, चयन समिति, समय सीमा, पदक वापस लेने, पदक का विवरण आदि सहित कई प्रावधान किए गए हैं। प्रत्येक श्रेणी में पदकों की संख्या अधिकतम 10 होगी। यानी अधिकतम 30 पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जा सकेगा। भ्रष्टाचार व अन्य मामले में फंसने पर पदक वापस लेने की स्थिति में सेवा विस्तार का लाभ नहीं मिलेगा लेकिन नकद पुरस्कार वापस नहीं लिया जाएगा।
60 वर्ष की उम्र के बाद विधवा नहीं वृद्धावस्था पेंशन मिलेगी
मंत्रिमंडल की बैठक में विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना के आय मानदंडों में बदलाव और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की लाभार्थियों को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में समायोजित करने को मंजूरी दी गई। नए संशोधनों के अनुसार 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद विधवा को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के तहत लाभ मिलेगा। वहीं, पात्रता सालाना दो लाख आय से बढ़ाकर तीन लाख कर दी गई है।
सात जातियां अनुसूचित जाति में शामिल
अहेरिया, अहेरी, हेरी, हरि, थोरी, तुरी और राय सिख जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने को प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। सीएम ने बताया कि इन जातियों को हरियाणा पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2016 में बीसी-ए श्रेणी में भी सूचीबद्ध किया गया था। अब इन जातियों को हरियाणा पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2016 की बीसी-ए श्रेणी की सूची से हटा दिया गया है। साथ ही जंगम-जोगी जाति को भी उक्त अधिनियम से हटाया जा रहा है। दरअसल, जोगी और जंगम अलग-अलग जातियां हैं। जोगी जाति क्रम संख्या 31 पर यथावत रहेगी जबकि जंगम जाति क्रमांक 72 पर नई प्रविष्टि के माध्यम से जोड़ी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह बांटेंगे पानी के बिल
बैठक में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नई योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के शुल्क के संग्रह और अन्य संबंधित सेवाओं के कार्य एसएचजी को देने को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत पानी के शुल्क की बिलिंग ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियां करेंगी। ये बिलिंग इन्फॉरमेशन सिस्टम फॉर वॉटर एंड सीवर (बिसवास) पोर्टल पर ऑनलाइन बिल भेजने के लिए एसएचजी की महिला सदस्यों को जोड़ेंगी। एसएचजी की सदस्य राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार पानी के बिल बांटेंगी और शुल्क वसूलेंगी।
कुश्ती, जूडो व बॉक्सिंग खिलाड़ियों को राहत
कुश्ती, जूडो व बॉक्सिंग खिलाड़ियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला लिया है कि ओलंपिक में खेले जाने वाले खेलों में अगर कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतेगा तो उसे भी कैश अवॉर्ड व नौकरी दी जाएगी। इससे पहले खेल नीति में इवेंट शब्द को लेकर यह स्पष्ट नहीं था। अब हरियाणा सरकार ने भार वर्ग को खत्म कर दिया है। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन खिलाड़ियों की नौकरी का रास्ता साफ हो गया है।