फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Assembly session, open season on Jat agitation, after a argument Walk Out

विधानसभा सत्र: जाट आंदोलन पर घमासान, तीखी बहस के बाद वॉक आउट

Thu, 02 Mar 2017 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 02 Mar 2017 09:57 AM IST
विज्ञापन
Haryana Assembly session, open season on Jat agitation, after a argument Walk Out
विधानसभा में घमासान के बाद वॉक आउट - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन जाट आरक्षण आंदोलन के काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जमकर शोर-शराबा और तू-तू, मैं-मैं हुई। विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायक अनेक बार एक-दूसरे से उलझ गए। साथ ही इनेलो और कांग्रेस विधायकों में भी आरोप-प्रत्यारोप के दौरान तीखी बहस हुई।
विज्ञापन


दो घंटे की चर्चा के बाद सीएम मनोहर लाल के जवाब के दौरान भी विपक्ष ने हंगामा जारी रखा। सीएम को तीन बार जवाब देते-देते बीच में बैठना पड़ा। विपक्ष उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और सदन में दूसरी सिटिंग शुरू होने पर इनेलो और कांग्रेस विधायक एक-एक मिनट के लिए वॉक आउट कर गए। इससे पहले चर्चा के दौरान विस का सियासी पारा चढ़ा रहा और नेताओं ने एक-दूसरे छींटाकशी और गड़े मुर्दे उखाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 
विज्ञापन


जाट आरक्षण आंदोलन पर स्थगन प्रस्ताव सदन पटल पर कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने नियम-71 के तहत चर्चा के लिए रखा। स्पीकर कंवर पाल ने प्रस्ताव रखने के साथ इस पर दो घंटे के भीतर चर्चा और न्यायालय में विचाराधीन मामले न उठाने की हिदायत दी। प्रस्ताव पर 11 बजकर छह मिनट पर कादियान ने चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि जाट आंदोलनकारियों के साथ अन्याय व वादाखिलाफी हुई है। अफसरों के बजाए मंत्रिमंडल के सदस्यों की समिति वार्ता केलिए गठित की जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

चौटाला, कादियान और जेपी के स्थगन प्रस्ताव पर भिड़े नेता

Haryana Assembly session, open season on Jat agitation, after a argument Walk Out
इस दौरान विज-कैप्टन और कादियान के बीच गर्मागर्मी भी हुई। निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी के कारण आंदोलन हुआ है। जब टाडा के केस वापस लिए जा सकते हैं तो आंदोलनकारियों के क्यों नहीं? इसके लिए सरकार को गृह मंत्रालय और केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को पत्र लिखना चाहिए।

इनके पास सीबीआई से केस वापसी कराने का अधिकार है। कैप्टन अभिमन्यु के घर आगजनी का केस सीबीआई को सरकार की अनुशंसा पर ही सौंपा गया है। इसलिए उसे भी वापस ले सकते हैं। सीएम से वह केंद्र को पत्र लिखने का आग्रह करते हैं। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कांग्रेस विधायक आनंद सिंह दांगी, रघुवीर कादियान, उदयभान, रामबिलास शर्मा और कृष्ण बेदी के बीच काफी बहसबाजी का दौर चला।
 

चौटाला ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

Haryana Assembly session, open season on Jat agitation, after a argument Walk Out
चौटाला ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल - फोटो : अमर उजाला
चौटाला ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
अभय चौटाला ने काम रोको प्रस्ताव के दौरान सरकार के साथ-साथ कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। इस मुद्दे पर राजनीति करने और प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। जिससे कांग्रेसी भी भड़क गए। सत्ता पक्ष के विधायकों व मंत्रियों के साथ भी उनकी झड़प हुई। चौटाला ने कहा कि निर्दोष लोगों को जेलों में बंद कर रखा है और हिंसक घटनाओं की एफआईआर में नामजद लोग खुले घूम रहे हैं।

सरकार गंभीर नहीं है और जानबूझकर माहौल खराब किया जा रहा है। इस पर सीएम ने अपने जवाब में कहा कि आजाद विधायक जसबीर देशवाल के घर पर हमला करने वाले सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि विधायक के खिलाफ दर्ज केस वापस लिया है। छोटू राम धर्मशाला और देवीलाल की प्रतिमा तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई की गई है। इस पर चौटाला ने सीएम ने उन उपद्रवियों के नाम मांग लिए, जिन पर कार्रवाई की गई है। सीएम के पास ऐसी कोई सूची न होने से सरकार के लिए स्थिति थोड़ी असहज हो गई। सीएम ने चौटाला को आश्वस्त किया कि उन्हें इसका ब्योरा भेज दिया जाएगा। चौटाला ने कहा कि भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed