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हरियाणा विस: दादूपुर नलवी पर सियासत हुई तेज, कांग्रेसी विधायकों को नेम कर निकाला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 23 Oct 2017 07:55 PM IST
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Haryana Assembly
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हरियाणा विधानसभा के पहले दिन दादूपुर नलवी नहर का मामला गर्माया रहा। अपनी तय रणनीति के तहत पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ शोक प्रस्ताव पढ़े जाने के तुरंत बाद दादूपुर नलवी नहर का मुद्दा उठा दिया। हुड्डा ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी सरकार है और वे किसानों केसाथ अन्याय नहीं होने देंगे। खास बात यह थी कि आज इस पूरी कवायद रेणुका बिश्नोई और किरण चौधरी भी स्पीकर के सामने नारेबाजी करने पहुंची।
सदन में मौजूद कांग्रेसी विधायक दादूपुर नलवी का मुद्दा लेकर स्पीकर के सामने वेल तक पहुंच गए। इस मामले में कांग्रेस की तरफ से दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर कल चर्चा होगी, लेकिन कांग्रेस के विधायकों ने स्पीकर की बात को दरकिनार करते हुए वेल में जाकर तानाशाही नहीं चलेगी और किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।
कांग्रेसी विधायकों की नारेबाजी के कारण आधे घंटे से अधिक समय तक सदन की कार्यवाही स्थगित रही। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कवंरपाल गुर्जर ने कांग्रेस के विधायकों को नेम कर बाहर निकाल दिया। बाहर जाने के बाद भी कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते रहे। इन विधायकों में गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, करण सिंह दलाल, डा. रघुबीर कादियान, किरण चौधरी, रेणुका बिश्नोई सहित अन्य विधायक शामिल थे।
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अभय चौटाला का तंज
विधानसभा में चल रही इस बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा को दिल्ली जाना था। इसलिए वे निकल गए और अपने विधायकों को यह कह कर गए हैं कि जब तक वे चले न जाएं सभी विधायक यहां चिल्लाते रहें। दस वर्ष कांग्रेस सत्ता में रही तब उन्हें नहर की सुध नहीं आई अब दिखावा कर रहे हैं।
भाजपाईयों ने लगाए मिट्टी चोरी के नारे
कांग्रेसी विधायकों ने जब स्पीकर के सामने दादूपुर नलवी को लेकर अधिक दबाव बनाया तो भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने मिट्टी चोरी के आरोप कांग्रेंस पर लगाने शुरू कर दिए। भाजपा विधायकों की इस नारेबाजी पर अभय चौटाला ने मिट्टी चोरी मामले की जांच की मांग कर डाली। साथ ही भाजपा के मंत्रियों को यह नसीहत भी दे दी कि नारे लगाना विधायकों का काम है न कि मंत्रियों का।
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सदन में मौजूद कांग्रेसी विधायक दादूपुर नलवी का मुद्दा लेकर स्पीकर के सामने वेल तक पहुंच गए। इस मामले में कांग्रेस की तरफ से दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर कल चर्चा होगी, लेकिन कांग्रेस के विधायकों ने स्पीकर की बात को दरकिनार करते हुए वेल में जाकर तानाशाही नहीं चलेगी और किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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कांग्रेसी विधायकों की नारेबाजी के कारण आधे घंटे से अधिक समय तक सदन की कार्यवाही स्थगित रही। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कवंरपाल गुर्जर ने कांग्रेस के विधायकों को नेम कर बाहर निकाल दिया। बाहर जाने के बाद भी कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते रहे। इन विधायकों में गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, करण सिंह दलाल, डा. रघुबीर कादियान, किरण चौधरी, रेणुका बिश्नोई सहित अन्य विधायक शामिल थे।
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अभय चौटाला का तंज
विधानसभा में चल रही इस बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा को दिल्ली जाना था। इसलिए वे निकल गए और अपने विधायकों को यह कह कर गए हैं कि जब तक वे चले न जाएं सभी विधायक यहां चिल्लाते रहें। दस वर्ष कांग्रेस सत्ता में रही तब उन्हें नहर की सुध नहीं आई अब दिखावा कर रहे हैं।
भाजपाईयों ने लगाए मिट्टी चोरी के नारे
कांग्रेसी विधायकों ने जब स्पीकर के सामने दादूपुर नलवी को लेकर अधिक दबाव बनाया तो भाजपा विधायकों और मंत्रियों ने मिट्टी चोरी के आरोप कांग्रेंस पर लगाने शुरू कर दिए। भाजपा विधायकों की इस नारेबाजी पर अभय चौटाला ने मिट्टी चोरी मामले की जांच की मांग कर डाली। साथ ही भाजपा के मंत्रियों को यह नसीहत भी दे दी कि नारे लगाना विधायकों का काम है न कि मंत्रियों का।