हरियाणाः चुनावी दंगल में भाजपा का बड़ा दांव, कुश्ती के गढ़ में उतारे ये चार पहलवान
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हरियाणा में भाजपा इस बार पहलवानों पर मेहरबान है। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी पार्टी ने एक ही जिले में तीन पहलवानों को एक साथ चुनावी दंगल में उतारा हो। भाजपा ने इस बार कुछ ऐसा ही दाव चला है, जिसने एक साथ तीन पहलवानों को चुनावी दंगल जीतने के लिए उतार दिया है।
वहीं दादरी विधानसभा से बबीता फोगाट को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। योगेश्वर दत्त के बारे में सभी को पता है, लेकिन गोहाना से प्रत्याशी बनाए गए तीर्थ राणा और राई विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी मोहनलाल बड़ौली भी पहलवान हैं।
तीर्थ राणा राष्ट्रीय स्तर तक के पहलवान रहे हैं और हरियाणा के लिए कई बार जोर आजमाइश की है, जबकि मोहनलाल बड़ौली भी जिला स्तर के पहलवान रहे हैं और वह कई साल तक अखाड़ा चलाकर युवाओं को प्रशिक्षित कर चुके हैं। अब यह देखना होगा कि विपक्षी प्रत्याशियों पर इन सभी पहलवानों का दांव कितना सटीक बैठ पाता है।
हरियाणा की धरती से सबसे ज्यादा खिलाड़ी निकलते हैं और उनमें भी पहलवान सबसे ज्यादा रहते हैं। वहीं झज्जर और रोहतक के साथ सोनीपत की मिट्टी में सबसे ज्यादा पहलवान तैयार होते हैं। सोनीपत के कई गांव ऐसे हैं, जहां घर-घर में पहलवान हैं और उनको पहलवानों का गांव कहा जाता है।
इसके अलावा खिलाड़ियों के साथ लोगों का लगाव रहता है। इन सभी को देखते हुए भाजपा को लगता है कि पहलवानों की धरती सोनीपत में पहलवान ही उसकी नैया पार लगा सकते हैं। इसलिए तीन सीटों पर पहलवानों को चुनावी दंगल में उतारा गया है।
डीएसपी पद से इस्तीफा देकर चुनावी दंगल में उतरे हैं योगेश्वर
इनमें बरोदा सीट से ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त को उतारा गया है, जिन्होंने डीएसपी के पद से इस्तीफा देकर एक सप्ताह पहले की भाजपा ज्वाइन की थी। उसी समय यह माना जा रहा था कि उनको चुनाव में जरूर उतारा जाएगा, लेकिन गोहाना से पहलवान तीर्थ राणा को चुनाव में उतारकर भाजपा ने सभी को चौंका दिया।
तीर्थ राणा नेशनल स्तर के पहलवान हैं और वह प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जबकि राई से मोहनलाल बड़ौली भी पहलवान रहे हैं, जिन्होंने जिला स्तर तक कुश्ती लड़ी है। मोहनलाल बड़ौली ने 1983 से लगातार कई साल तक अखाड़ा भी चलाया, जहां युवा पहलवानों को दांवपेंच सिखाए।
इस तरह से भाजपा ने तीन सीटों पर पहलवानों को उतारा है और वह भी उन सभी सीटों से उतारे गए हैं, जिनमें खिलाड़ियों के गांव ज्यादा पड़ते हैं। अब यह देखना होगा कि यह तीनों पहलवान अपने विपक्षियों को चित करने के लिए चुनावी दांव लगा पाते है या नहीं। वहीं एक अन्य सीट पर बबीता फोगाट पर सभी की नजर रहेगी।