इनेलो को झटका, कांग्रेस से मिला प्रत्याशी तो जिलाध्यक्ष बोले- 50 लाख में बिका, चश्मे पर डालेंगे वोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव के बीच राई विधानसभा सीट पर शुक्रवार को बड़ी राजनीतिक हलचल रही। जहां इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया 10 साल की लड़ाई के बाद कांग्रेस प्रत्याशी जयतीर्थ दहिया से मिल गए। जिससे इनेलो को तगड़ा झटका लगा तो जिलाध्यक्ष सुरेंद्र छिक्कारा ने अपने प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया पर 50 लाख रुपये में बिकने का आरोप लगाते हुए जल्द ही पार्टी से निकालने की बात कह दी।
इसके साथ ही इनेलो जिलाध्यक्ष ने कहा कि सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता ईवीएम मशीन में चश्मे का बटन दबाने के लिए प्रचार करेंगे। जिससे साफ हो जाएगा कि इंद्रजीत दहिया का कोई जनाधार नहीं है और इनेलो को वोट डाले जाएंगे।
राई विधानसभा सीट पर कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया व इनेलो के इंद्रजीत दहिया वर्ष 2009 में आमने-सामने चुनाव लड़े थे। जिसमें जयतीर्थ ने इंद्रजीत को हरा दिया था।
उसके बाद वर्ष 2014 के चुनाव में दोनों फिर से चुनावी जंग में उतरे और जयतीर्थ दहिया ने इंद्रजीत दहिया को तीन वोटों से हरा दिया। लेकिन इंद्रजीत दहिया ने मृतकों की वोट डलवाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में केस दायर दिया जो पांच साल तक केस चला। जिसमें एक माह पहले ही हाईकोर्ट ने जयतीर्थ दहिया का चुनाव निरस्त कर दिया, लेकिन जयतीर्थ ने इंद्रजीत पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाते हुए कोर्ट में नई याचिका डाल दी। जिससे इंद्रजीत दहिया को विधायक घोषित करने का फैसला नहीं हो सका।
अब चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस से जयतीर्थ दहिया, इनेलो से इंद्रजीत दहिया, भाजपा से मोहन लाल बड़ौली, जजपा से अजीत आंतिल, लोसुपा से राजकुमार शर्मा मैदान में उतरे हुए थे। लेकिन मतदान से तीन दिन पहले इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया व कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया एक साथ आ गए। दोनों ने कहा कि वह भाई-भाई हैं और उनके सभी आपसी विवाद खत्म हो गए हैं।
50 लाख में बिका इंद्रजीत, चश्में पर डालेंगे वोट: छिक्कारा
इनेलो जिलाध्यक्ष सुरेंद्र छिक्कारा ने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि इनेलो ने इंद्रजीत दहिया पर भरोसा जताते हुए तीसरी बार प्रत्याशी बनाया था। लेकिन इंद्रजीत दहिया 50 लाख रुपये में कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया के हाथों बिक गए हैं।
इनको जल्द ही पार्टी से निकाला जाएगा। इसके साथ ही इनेलो के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता ईवीएम मशीन में चश्मे के सामने का बटन दबाएगी। जिससे यह साफ हो जाएगा कि इंद्रजीत दहिया का अपना कोई जनाधार नहीं है और उनको हर बार इनेलो के ही वोट मिलते थे।
इनेलो का जनाधार नहीं, इसलिए लगा रहे आरोप : जयतीर्थ
कांग्रेस के प्रत्याशी जयतीर्थ दहिया ने सफाई देते हुए कहा कि उनके व इंद्रजीत दहिया के गांव में पुराना भाईचारा है और अब उनके बीच चल रहे सभी विवाद खत्म हो गए हैं। वह हाईकोर्ट में डाली गई अपनी याचिका भी वापस ले लेंगे। जयतीर्थ दहिया ने कहा कि इनेलो का कोई जनाधार नहीं है, इसलिए ही यह आरोप लगाए जा रहे हैं।
अब मैं क्या कह सकता हूं : इंद्रजीत
इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया से 50 लाख रुपये में बिकने के आरोप के बारे बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अब मैं इस बारे में क्या कह सकता हूं। उन्होंने बात कही है तो वही बता सकते हैं।