{"_id":"5da6be6e8ebc3e0168432f04","slug":"haryana-assembly-elections-2019-service-voters-big-vote-bank-for-parties","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा विस चुनावः सर्विस मतदाताओं पर भी गड़ी निगाहें, कई सीटें जीतने में निभा सकते हैं भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा विस चुनावः सर्विस मतदाताओं पर भी गड़ी निगाहें, कई सीटें जीतने में निभा सकते हैं भूमिका
Wed, 16 Oct 2019 12:24 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 16 Oct 2019 12:24 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में डिफेंस मतदाता (सर्विस वोटर) भी अपने आप में एक बड़ा वोट बैंक है। फौज में ड्यूटी के साथ-साथ इन मतदाताओं में भी अपने मत का इस्तेमाल करने के लिए खासा उत्साह रहता है। सभी राजनीतिक दलों की निगाहें भी इन डिफेंस सर्विस वोटरों पर गड़ी हुई हैं, क्योंकि जिन सीटों पर यदि मुकाबला कांटे का हुआ, उन सीटों पर यह सर्विस वोटर निर्णायक भी साबित हो सकता है। हरियाणा में डिफेंस सर्विस वोटरों की संख्या यदि देखें तो 4 अक्टूबर 2019 तक इन संख्या 107955 है।
यह सभी वोटर हरियाणा के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में तैनात सैन्य छावनियों व अन्य फोर्सिस के कैंपों में सेवारत हैं। चूंकि ये डिफेंस वोटर अपने सूबे और अपने घरों से काफी दूर होते हैं, इसलिए इनमें वोटिंग को लेकर खासा क्रेज भी रहता है। चूंकि अब चुनाव इन मतदाताओं के अपने सूबे हरियाणा में हैं, तो इन वोटरों का उत्साह भी पहले से ज्यादा है। भले ही ये डिफेंस वोटर प्रदेश और अपने हलकों से दूर हैं, मगर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से ये डिफेंस वोटर अपने हलकों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
अपने हलको की मौजूदा सियासी गतिविधियों का आंकलन करने के बाद ही किस प्रत्याशी को समर्थन देना है, ये मतदाता इसका फैसला करता है। विधानसभा चुनाव में कई हलकों में मुकाबाल कांटे को जाता है और प्रत्याशियों का मार्जिन भी कम ही रहता है। ऐसे में जब इन डिफेंस मतदाताओं के पोस्टल बैलेट मतगणना होती है, तो कई बार गेम पलट भी जाती है।
विज्ञापन
उधर, हरियाणा के संयुक्त निर्वाचन अधिकारी डा. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सभी सर्विस वोटरों का पोस्टल बैलेट समय पर मिल जाएं, इसके लिए इस बार विधानसभा चुनाव में भी इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटिड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) का इस्तेमाल किया गया है। इस सिस्टम से पोस्टल बैलेट ऑनलाइन ही सभी डिफेंस वोटर्स को भेज दिया गया है।
अब वे इसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजेंगे और इस स्पीड पोस्ट का खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा। पहले ये पोस्टल बैलेट साधारण डाक से आते थे और मतगणना के कई बाद पहुंचते थे। मगर चुनाव परिणाम घोषित हो जाने के बाद ये वोट खराब हो जाती थी।
विज्ञापन
यह सभी वोटर हरियाणा के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में तैनात सैन्य छावनियों व अन्य फोर्सिस के कैंपों में सेवारत हैं। चूंकि ये डिफेंस वोटर अपने सूबे और अपने घरों से काफी दूर होते हैं, इसलिए इनमें वोटिंग को लेकर खासा क्रेज भी रहता है। चूंकि अब चुनाव इन मतदाताओं के अपने सूबे हरियाणा में हैं, तो इन वोटरों का उत्साह भी पहले से ज्यादा है। भले ही ये डिफेंस वोटर प्रदेश और अपने हलकों से दूर हैं, मगर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से ये डिफेंस वोटर अपने हलकों की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
विज्ञापन
अपने हलको की मौजूदा सियासी गतिविधियों का आंकलन करने के बाद ही किस प्रत्याशी को समर्थन देना है, ये मतदाता इसका फैसला करता है। विधानसभा चुनाव में कई हलकों में मुकाबाल कांटे को जाता है और प्रत्याशियों का मार्जिन भी कम ही रहता है। ऐसे में जब इन डिफेंस मतदाताओं के पोस्टल बैलेट मतगणना होती है, तो कई बार गेम पलट भी जाती है।
विज्ञापन
उधर, हरियाणा के संयुक्त निर्वाचन अधिकारी डा. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सभी सर्विस वोटरों का पोस्टल बैलेट समय पर मिल जाएं, इसके लिए इस बार विधानसभा चुनाव में भी इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटिड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) का इस्तेमाल किया गया है। इस सिस्टम से पोस्टल बैलेट ऑनलाइन ही सभी डिफेंस वोटर्स को भेज दिया गया है।
अब वे इसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजेंगे और इस स्पीड पोस्ट का खर्च निर्वाचन आयोग वहन करेगा। पहले ये पोस्टल बैलेट साधारण डाक से आते थे और मतगणना के कई बाद पहुंचते थे। मगर चुनाव परिणाम घोषित हो जाने के बाद ये वोट खराब हो जाती थी।