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हरियाणा विस चुनावः कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री संपत सिंह, अमित शाह ने किया स्वागत
Wed, 09 Oct 2019 05:01 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 09 Oct 2019 05:01 PM IST
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संपत सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री संपत सिंह बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रोहतक के महम में होने वाली रैली में भगवाधारी हो गए। उन्होंने अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा ज्वॉइन की। मंगलवार देर शाम उन्होंने फैसला लिया था कि वे भाजपा ज्वॉइन करेंगे।
उनके पीए अमित ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा था कि संपत सिंह महम रैली में अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि संपत सिंह के भाजपा में जाने की चर्चाएं लोकसभा चुनाव के दौरान ही शुरू हो गई थीं, लेकिन यह बात सिरे नहीं चढ़ी।
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अब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा उनको टिकट न दिए जाने से वे कई दिनों से पार्टी नेतृत्व से खफा थे। छह अक्तूबर को वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से रोहतक में तिलियार लेक पर मिले थे, तब उनके भाजपा में जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया था।
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उनके पीए अमित ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा था कि संपत सिंह महम रैली में अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि संपत सिंह के भाजपा में जाने की चर्चाएं लोकसभा चुनाव के दौरान ही शुरू हो गई थीं, लेकिन यह बात सिरे नहीं चढ़ी।
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अब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा उनको टिकट न दिए जाने से वे कई दिनों से पार्टी नेतृत्व से खफा थे। छह अक्तूबर को वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से रोहतक में तिलियार लेक पर मिले थे, तब उनके भाजपा में जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया था।
कांग्रेस नेताओं पर टिकट बेचने तक के आरोप लगाए
हालांकि उन्होंने इस बारे में कहा था कि वे दिल्ली से लौटते समय तिलियार लेक पर रुके थे। वहां मुख्यमंत्री भी आए हुए थे तो अनौपचारिक राम-राम हुई थी। सात अक्तूबर को संपत सिंह ने हिसार में पत्रकारवार्ता करके अपने दिन का गुबार निकाला था। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर टिकट बेचने तक के आरोप लगाए थे।
साथ ही कहा था कि प्रदेश के नेताओं ने चहेतों को टिकट दिलाया और बंदरबांट की गई। जीतने वाले उम्मीदवारों की अनदेखी की गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा था कि बाकी जिलों में हुड्डा ने अपने चहेतों को टिकट दिलाने का प्रयास किया, लेकिन हिसार जिले की एक भी सीट के लिए उन्होंने कोई पैरवी नहीं की।
दूसरी पार्टी ज्वॉइन करने के बारे में संपत सिंह ने कहा था कि वे अपने कार्यकर्ताओं से चर्चा करने के बाद फैसला करेंगे।
साथ ही कहा था कि प्रदेश के नेताओं ने चहेतों को टिकट दिलाया और बंदरबांट की गई। जीतने वाले उम्मीदवारों की अनदेखी की गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा था कि बाकी जिलों में हुड्डा ने अपने चहेतों को टिकट दिलाने का प्रयास किया, लेकिन हिसार जिले की एक भी सीट के लिए उन्होंने कोई पैरवी नहीं की।
दूसरी पार्टी ज्वॉइन करने के बारे में संपत सिंह ने कहा था कि वे अपने कार्यकर्ताओं से चर्चा करने के बाद फैसला करेंगे।