भजनलाल परिवार के गढ़ में सीएम बोले- राजकुमार को महंगी मूर्तियों का शौक, 30 करोड़ रुपये की मिली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को आदमपुर में आयोजित सम्मेलन में कुलदीप बिश्नोई का नाम लिए बिना उन पर जमकर हमले बोले। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदमपुर हलका एक विशेष घराने का हलका रहा है। जब तक पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल जीवित थे, तब तक यह हलका बुलंदियों पर चल रहा था लेकिन उनके जाने के बाद राजकुमार हलके को संभाल नहीं पाए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राजकुमार को महंगी मूर्तियों का शौक है और उनके पास 1 या 2 करोड़ नहीं, बल्कि 30 करोड़ रुपये की मूर्तियां मिली हैं।
मुख्यमंत्री मंगलवार को अनाज मंडी में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग एक ऐसा वर्ग है, जो अपने हुनर के दम पर अपना पालन पोषण करता है और मेहनती वर्ग है। विश्व की उत्पत्ति के साथ राजा दक्ष के साथ कला की भी उत्पत्ति हुई और तभी से इस समाज के लोग लोगों की सेवा में लगे हैं।
इतना काम करने पर भी यह समाज पिछड़ा हुआ है, इसी कारण इनका नाम भी पिछड़ा वर्ग हो गया। कार्यक्रम को पिछड़ा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष मदन चौहान ने संबोधित भी किया। इस मौके पर हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह, विधायक कमल गुप्ता, रणवीर गंगवा, बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा, जिला उपाध्यक्ष पवन खारिया, जिला पार्षद राजेश बगला, मेयर गौतम सरदाना, सुरेंद्र पूनिया आदि मौजूद रहे। वहीं सम्मेलन में माटी कला बोर्ड के चेयरमैन कर्ण सिंह रानौलिया ने सीएम मनोहर लाल को मिट्टी के कप-प्लेट भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कुलदीप समर्थकों ने की नारेबाजी
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान जब मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल का नाम लिया और कुलदीप बिश्नोई पर तंज कसा तो रैली स्थल पर मौजूद कुलदीप समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और चौधरी भजनलाल अमर रहे, कुलदीप बिश्नोई जिंदाबाद व भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
कुलदीप समर्थकों द्वारा नारेबाजी होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें पंडाल से बाहर ले गई। इस पर कुलदीप समर्थक उनके प्रतिष्ठान पर एकत्रित हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थकों की नारेबाजी सुनकर भव्य बिश्नोई प्रतिष्ठान के ऊपर बने आवास से नीचे आए और समर्थकों से जानकारी ली। भव्य बिश्नोई ने इसे भाजपा सरकार की चाल बताते हुए इसे सरकार की बौखलाहट बताया।
आदमपुर हलके की जनता को सीएम से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं : कुलदीप बिश्नोई
लोकतंत्र में सबको रैली करने का अधिकार है, लेकिन मुख्यमंत्री को तभी अधिकार है, जब हलके में काम कराए हों। चीफ मिनिस्टर दो मकसद से आए थे, पहला बैकवर्ड भाइयों को बरगलाने के लिए और दूसरा किसी तरीके से चौ. भजनलाल परिवार से आदमपुर हलका नाता तोड़ दे। आदमपुर हलके और उसकी जनता को मुख्यमंत्री से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। हमारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी और दिली रिश्ता है।
‘लाखों रुपये लेकर टिकट दिलाने का झांसा देने वाले गिरोहों से बचें’
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में टिकटों के दलाल घूम रहे हैं। कुछ प्रत्याशियों को फोन करते हैं। कहते हैं कि तुझे टिकट चाहिए तो दे दे इतने लाख। यदि पैसे देगा तो तुझे टिकट दिलवा दूंगा। ऐसा करते दो फर्जी गिरोह पकड़े गए हैं। ये गिरोह सब जगहों पर एक्टिव हैं। वे बीजेपी और कांग्रेस की टिकटें दिलाने का दावा कर रहे हैं। इतना ही नहीं ऐसे लोग सब पार्टियों की टिकटें दे रहे हैं।
ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हकीकत में उनको टिकटों से कोई मतलब नहीं होता। ऐसे लोगों को लाखों रुपये लेकर अपनी जेब भरने से मतलब होता है। टिकट मिलेगी तो मिल जाएगी नहीं मिलेगी तो भी उनका कोई नुकसान नहीं है। आज युग बदला है। हमें भ्रष्टाचार को हर कीमत पर रोकना है। ऐसे दो ग्रुप पकड़े हैं। दोनों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।
नौकरियां दिलवाने के समय पर भी ऐसे गिरोह पकड़े थे। वे ऊपर के नेताओं से पहचान बताकर प्रत्याशियों को फोन करते थे कि आप हमें पैसे दे दीजिए आपको टिकट दिलवा देंगे। ऐसा लालच दिया जाता था। जो समझदार लोग होते हैं वे समझ जाते हैं और कुछ फंस जाते हैं। ऐसे पैसों से टिकट नहीं मिलती। ऐसे विषयों में सावधानी बरतनी होती है।