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Haryana Assembly Election: दक्षिण हरियाणा व NCR में भाजपा की परीक्षा, लोकसभा चुनाव में घटा जीत का अंतर

Fri, 23 Aug 2024 11:42 AM IST
अंकेश ठाकुर आशीष वर्मा, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Fri, 23 Aug 2024 11:42 AM IST
सार

Haryana Assembly Election 2024: दक्षिण हरियाणा और एनसीआर में भाजपा की इस बार परीक्षा होगी। हालांकि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने यहां की 29 सीटों में से 17 पर जीत हासिल की थी।

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Haryana assembly election BJP test in South Haryana and NCR victory margin reduced in Lok Sabha elections
हरियाणा विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते दो चुनावों से भाजपा के हरियाणा की सत्ता पर काबिज होने के पीछे बड़ा कारण दक्षिण हरियाणा और एनसीआर की विधानसभा सीटें रही हैं। 2019 के चुनाव में भाजपा ने दक्षिण हरियाणा व एनसीआर की 29 सीटों में से 17 पर जीत हासिल की थी। दो महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में भी इलाके की तीनों सीटों पर भाजपा ने परचम लहराया, मगर इस बार जीत का अंतर काफी कम हो गया। तीनों सीटों पर कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी। 

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भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस की चुनौती को गंभीरता से लिया और अब पार्टी का दक्षिण हरियाणा पर खास फोकस है। पार्टी पिछले चुनाव से भी बेहतर प्रदर्शन दोहराने की कोशिश में जुटी है। पार्टी इस बात को अच्छी तरह से समझती है कि दक्षिण हरियाणा व एनसीआर की विधानसभा सीटों पर प्रदर्शन अच्छा रहा तो उसके लिए हरियाणा में हैट्रिक की राह आसान हो सकती है।
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भाजपा की पहली कोशिश जिताऊ उम्मीदवारों का चुनाव करना है। इसके लिए पार्टी ने पूरा होमवर्क करने के साथ संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से फीडबैक भी ले लिया है। दक्षिण हरियाणा व एनसीआर के एक मंत्री व कई विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर है। पार्टी इन सभी के टिकट बदल सकती है। इनकी जगह पार्टी नए चेहरों पर दांव खेलेगी। 
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उधर, पार्टी इस बार केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत को नाराज करने के मूड में नहीं है। उनकी बेटी को टिकट मिलना लगभग तय माना जा रहा है। पिछली बार उन्होंने पूरा जोर लगा दिया था, मगर बेटी को टिकट नहीं दिलवा पाए थे। इस बार स्थितियां और राव इंद्रजीत के तेवर बदले हुए हैं। हालांकि वह कुछ अन्य सीटों पर भी समर्थकों के लिए टिकट मांग रहे हैं। वहीं, पार्टी ने किरण चौधरी को राज्यसभा भेज भिवानी की जाट बहुल्य विधानसभा सीटों को अपनी पाले में खींचने की कोशिश की है। पिछली बार तोशाम से किरण चौधरी खुद कांग्रेस के टिकट से चुनाव जीती थीं। भाजपा इस बार उनकी बेटी व पूर्व सांसद श्रुति चौधरी को टिकट दे सकती है।

बाकी रही कसर पीएम मोदी पूरी करेंगे। पीएम मोदी दक्षिण हरियाणा व एनसीआर में तीन से अधिक रैलियां करेंगे। मध्य प्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर पीएम मोदी दनादन रैलियां करने वाले हैं। इसके लिए संगठन ने रैली स्थल का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।

अग्निवीर मुद्दा करेगा परेशान, पानी का मिलेगा लाभ
दक्षिण हरियाणा में सबसे अहम मुद्दा अग्निवीर का है। हरियाणा के सबसे ज्यादा लोग सेना में इसी इलाके से हैं। अग्निवीर योजना से पहले सेना में जाने वाले युवाओं को सड़कों पर दौड़ते हुए देखा जा सकता था, मगर अब फिलहाल ऐसा नहीं दिखता। इससे इन इलाकों के युवाओं में भाजपा के खिलाफ नाराजगी भी देखी गई है। हालांकि सैनी सरकार ने डैमेज कंट्रोल की पूरी कोशिश की है। पिछले दिनों कुछ सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए दस फीसदी कोटा देने व प्राइवेट नौकरियां देने वाले उद्यमियों को राहत देने वाले फैसलों को मंजूरी देकर कुछ मरहम लगाने की कोशिश की गई है, मगर यह कितना असर डालता यह तो कुछ समय बाद पता चल जाएगा। वहीं, यहां के कुछ इलाकों में 30 साल बाद पानी पहुंचा है। इससे लोग खुश हैं और भाजपा को इसका लाभ मिलना तय है।

लोकसभा चुनाव में लाखों से हजारों में आया वोटों का अंतर
गुरुग्राम लोकसभा सीट पर राव इंद्रजीत ने कांग्रेस के राज बब्बर को करीब 75 हजार वोटों से मात दी, जबकि 2019 में राव ने कांग्रेस के कैप्टन अजय यादव को करीब पौने चार लाख वोटों से हराया था। फरीदाबाद में कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस के महेंद्र प्रताप को करीब पौने दो लाख वोटों से हराया था। 2019 में गुर्जर ने कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना को छह लाख 38 हजार वोटों से हराया था। भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर धर्मबीर सिंह ने कांग्रेस के राव दान सिंह को 41 हजार वोटों से हराया। पिछले चुनाव में धर्मबीर ने कांग्रेस की श्रुति चौधरी को चार लाख 35 हजार वोटों से हराया था।

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन सीटों पर दर्ज की थी जीत
बावल, पटौदी, गुरुग्राम, सोहना, हथीन, होडल, पलवल, बड़खल, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, तिगांव, लोहारू, भिवानी, अटेली, नारनौल, नांगल चौधरी और कोसली।

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