Haryana Assembly Election: चुनावी पिच पर हैट्रिक लगाने उतरे 12 महारथी, दो पूर्व मंत्रियों को सातवीं जीत की आस
2009 में चुनाव हारने वाले ज्ञानचंद गुप्ता पंचकूला से ही 2014 व 2019 में चुनाव जीते। इस बार फिर वे चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व परिवहन मंत्री असीम गोयल भी भाजपा के टिकट पर 2009 में चुनाव हारने के बाद लगातार 2014 व 2019 में जीते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हैट्रिक..हैट्रिक...हैट्रिक का मौका! क्रिकेट के मुकाबले में अक्सर ये शोर सुनाई देता है, लेकिन इस बार हरियाणा विधानसभा चुनाव में 12 धुरंधर हैट्रिक लगाने के लिए उतरे हैं। तीन बार जीतकर सात दिग्गज चौथी बार जीत के लिए चुनावी दंगल में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत पांच लोग पांचवीं जीत, दो दिग्गज छठवीं जीत और दो पूर्व मंत्री सातवीं जीत के लिए विपक्षियों को पटखनी देने के लिए चुनावी दंगल में उतरे हैं।
हैट्रिक लगाने को ये दिग्गज मैदान में
2009 में चुनाव हारने वाले ज्ञानचंद गुप्ता पंचकूला से ही 2014 व 2019 में चुनाव जीते। इस बार फिर वे चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व परिवहन मंत्री असीम गोयल भी भाजपा के टिकट पर 2009 में चुनाव हारने के बाद लगातार 2014 व 2019 में जीते हैं। असीम तीसरी बार अंबाला शहर से मैदान में है। यमुनानगर सीट से विधायक घनश्याम दास तीसरी बार चुनाव मैदान में है। कांग्रेस से भाजपा में आने वाले सुभाष सुधा थानेसर सीट से मैदान में हैं। घरौंदा से हरविंदर कल्याण, पानीपत ग्रामीण से महिपाल ढांडा भाजपा के टिकट पर रण में है। भाजपा सरकार के पार्ट 1 व पार्ट 2 में मंत्री रहने वाले ओमप्रकाश यादव नारनौल से प्रत्याशी हैं। नांगल चौधरी से डॉ. अभय सिंह यादव, बल्लभगढ़ से भाजपा प्रत्याशी मूल चंद शर्मा पूर्व मंत्री रहे हैं। जजपा से भाजपा में आए पूर्व मंत्री अनूप धानक उकलाना से प्रत्याशी है। भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता, बरवाला से रनबीर गंगवा रण में हैं।
गीता भुक्कल व कांडा चाैथी जीते के लिए मैदान में
कांग्रेस से पूर्व मंत्री झज्जर प्रत्याशी गीता भुक्कल, कांग्रेस से कलानौर से शकुंतला खटक, भिवानी से भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सर्राफ, सिरसा से हलोपा नेता गोपाल कांडा, गोहाना से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री जगबीर मलिक, जगाधरी से पूर्व कृषि मंत्री कंवर पाल गुर्जर हैं। बिशन लाल सैनी रादाैर से तो राजिंदर सिंह दून बहादुरगढ़ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
इन दिग्गजों को पांचवीं जीत की दरकार
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गढ़ी-सापला-किलोई से चार बार चुनाव जीत चुके हैं। वे इस बार फिर मैदान में हैं। वहीं महेंद्रगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह, नूंह से कांग्रेस प्रत्याशी आफताब अहमद, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और थानेसर सीट से पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा पांचवीं बार में मैदान में हैं। नलवा से एक बार चुनाव हार चुके पंचकूला से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन चार बार विधायक बने है।
अभय चाैटाला व करण दलाल छठी जीत के लिए मैदान में
पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला के पुत्र व इनेलो महासचिव अभय चौटाला पांच बार ऐलनाबाद सीट से विधायक रहे हैं। पलवल सीट से कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल भी छठवीं जीत के लिए मैदान में हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी हैं।
विज, कादियान ने सातवीं जीत के लिए ठोकी ताल
हरियाणा के पूर्व स्वास्थ्य व गृह मंत्री अनिल विज सातवीं बार अंबाला से मैदान में उतरे हैं। विज छह बार में दो बार टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव जीते हैं। विज चार बार भाजपा से विधायक रहे हैं। कांग्रेस नेता व पूर्व विधानसभा स्पीकर डॉक्टर रघुबीर कादियान भी सातवीं बार बेरी से मैदान में हैं। कादियान पहली बार 1987 में विधायक बने। इसके बाद 2000 से वह बेरी से लगातार विधायक बनते आ रहे हैं।