हरपाल चीमा ने कैप्टन पर साधा निशाना, छोटेपुर और खैरा को लेकर कही बड़ी बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी के विधायक व पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल चीमा का कहना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार जो खेल पॉलिसी लेकर आई है, वह खिलाड़ियों के साथ भद्दा मजाक है। पेंशन से लेकर नौकरी तक में कैप्टन सरकार ने इस तरह की नीति बनाई है, जिसका फायदा एक भी खिलाड़ी को नहीं मिल पाएगा।
विपक्ष के नेता हरपाल चीमा शुक्रवार को जालंधर में थे और वह आप नेताओं के साथ मीडिया से बात कर रहे थे। उनके साथ कपूरथला के प्रधान सज्जन सिंह चीमा,जालंधर कैंट के इंचार्ज मंगल सिंह, फगवाड़ा के हरीश बंगा, जालंधर के वरिष्ठ नेता डॉ. संजीव शर्मा भी थे। चीमा ने कहा कि हरियाणा में ओलंपिक में मेडल लाने वाले को 6 करोड़ की राशि दी जाती है, जबकि पंजाब की नई पॉलिसी में महज 2.25 करोड़ की।
इसी तरह सिल्वर मेडलिस्ट को पंजाब में एक करोड़ मिलेगा जबकि हरियाणा में 4 करोड़ की राशि खिलाड़ी को दी जाएगी। कांस्य पदक के लिए पंजाब में 50 लाख व हरियाणा में 2.5 करोड़ है। आलम यह है कि पंजाब के बेहतरीन खिलाड़ी हरियाणा, राजस्थान, तामिलनाडु की तरफ से खेलने लगे हैं। जिस तरह से पंजाब के लोगों का पलायन विदेशों में हो रहा है, उसी तरह खिलाड़ी अपने भविष्य को लेकर अन्य प्रदेशों में जाने लगे हैं।
छोटेपुर और खैरा से बातचीत जारी
पंजाब में नई पॉलिसी में जो पेंशन रखी गयी है उसका लाभ 40 साल की उम्र के बाद ओलंपियन, एशियन गेम्स के खिलाड़ी को मिलेगा। बशर्ते उनकी सालाना कमाई छह लाख से अधिक न हो। हालात यह है कि जब खिलाड़ी नौकरी करने लगेगा तो 40 साल तक पहुंचते उसकी कमाई सलाना 6 लाख से अधिक ही होगी। यह एक मजाक किया गया है। आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पंजाब में मेडल लेकर धक्के खा रहे हैं। जिनके पास नौकरी नहीं है।
वहीं हरपाल चीमा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी पुराने रूठे नेताओं को मना रही है, आने वाले दिनों में अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे। जालंधर में आयोजित प्रेस वार्ता में चीमा ने कहा कि हमारी बातचीत सुखपाल खैरा, सुच्चा सिंह छोटेपुर समेत तमाम उन नेताओं से चल रही है, जो पार्टी से किसी न किसी कारण से नाराज हैं।
इस दौरान चीमा ने भाजपा प्रधान श्वेत मलिक के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया की, जिसमें उन्होंने कहा था कि जस्टिस रंजीत सिंह की रिपोर्ट के बाद पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारा खतरे में पड़ गया है। चीमा ने कहा कि दरअसल, पंजाब में जब भी अकाली भाजपा सत्ता से बाहर हुई है, पंजाब में जातीय दंगे भड़काने की नापाक कोशिश की गई है। पंजाब में सेहत सुविधाएं, शिक्षा व रोजगार ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनसे ध्यान भटकाया जा रहा है। चीमा ने कहा कि पंजाब में आप नेता सात अक्तूबर को बरगाड़ी मोर्चे में शामिल होंगे, जिसकी तैयारी की जा रही है।