भज्जी ने करवाई वतन वापसी: ओमान गई बठिंडा की युवती को बनाया बंधक, खाने में मांस दिया, बयां की आपबीती
युवती ने बताया कि जब एजेंट ओमान भेज रहा था तो उसे बोला कि वहां हिंदू-पंजाबी परिवार के घर में काम करना है। युवती ने बताया कि जब 29 अगस्त को ओमान एयरपोर्ट पहुंची तो उसे वहां से एक मुस्लिम लड़का होटल में ले गया, जहां पर उसे रखा गया। जब उसने खाने के लिए रोटी मांगी तो उसे चिकन खाने को दे दिया गया।
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बेहतर भविष्य और कमाने के मकसद से एक एजेंट के जरिये बठिंडा से ओमान पहुंची पंजाबी युवती कमलजीत कौर ने आपबीती बयां की। कमलजीत ने बताया कि उन्हें हिंदू परिवार में काम करवाने का झांसा देकर ओमान भेजा गया। जहां पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उस पर बुर्का पहनने और अरबी भाषा सीखने का दबाव बनाया और छह दिन बंधक बनाकर रखा।
इन्कार करने पर पीटने की धमकी दी गई। पिता सिकंदर सिंह ने घर गिरवी रखकर उसे ओमान भेजा था लेकिन एजेंट ने धोखा दे दिया। किसी तरह राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की मदद से युवती की घर वापसी हुई। ओमान से वापस घर बठिंडा पहुंची कमलजीत कौर ने बताया कि अच्छे भविष्य एवं परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के मकसद से मोगा के गांव माणूके निवासी जगसीर सिंह एजेंट के जरिये 28 अगस्त को ओमान गई थी।
युवती ने बताया कि जब एजेंट ओमान भेज रहा था तो उसे बोला कि वहां हिंदू-पंजाबी परिवार के घर में काम करना है। युवती ने बताया कि जब 29 अगस्त को ओमान एयरपोर्ट पहुंची तो उसे वहां से एक मुस्लिम लड़का होटल में ले गया, जहां पर उसे रखा गया। जब उसने खाने के लिए रोटी मांगी तो उसे चिकन खाने को दे दिया गया।
युवती ने बताया कि छह दिनों तक उसने कुछ नहीं खाया सिर्फ पानी के सहारे जिंदा रही। युवती ने बताया कि जब उसने अपने साथ हो रही बर्बरता के बारे में अपने माता-पिता को बताने के लिए नया मोबाइल सिम खरीदा तो वहां मौजूद एक युवती ने मुस्लिम लोगों से उसे पिटवाने की धमकी दी। युवती ने बताया कि उसने किसी तरह हिम्मत कर एक सिम लेकर अपने पिता सिंकदर सिंह को पूरी बात बताई, जिन्होंने आगे अंकल इकबाल सिंह से बात की।
अंकल इकबाल सिंह ने पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह से संपर्क किया। युवती ने बताया कि जब पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने ओमान में स्थित भारतीय दूतावास से बात की और पूरे सबूत सामने रखे तो उसे पांच सितंबर को ओमान के उस मुस्लिम एरिया से भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने आजाद करवाया और वापस भारत जहाज से भेजा। युवती ने बताया कि छह सितंबर को वह अमृतसर एयरपोर्ट पर अपने माता-पिता के पास पहुंची। युवती ने बताया कि छह दिन बाद उसने सबसे पहले खाना खाया।
घर को गिरवी रखकर दो लाख रुपये एजेंट को दिया
युवती कमलजीत कौर ने बताया कि उसके पिता ने घर को गिरवी रखकर दो लाख रुपये एजेंट को देकर मुझे ओमान भेजा था लेकिन अब एजेंट हमें पैसे भी वापस नहीं कर रहा बल्कि उल्टा धमका रहा है। युवती ने केंद्र एवं पंजाब सरकार से मांग की है कि एजेंट पर सख्त कार्रवाई करें और उनके परिवार की आर्थिक सहायता की जाए।
इसके अलावा उसे योग्यता के अनुसार नौकरी पंजाब में ही दी जाए। युवती कमलजीत कौर ने भावुक होते हुए बताया कि उसके पिता सिंकदर सिंह दिहाड़ी करते है। जिन्होंने अपनी मेहनत से बडी मुशिकल के साथ एक छोटा सा घर बनाया था लेकिन मेरे पिता ने मेरी खुशी के लिए गिरवी रख दिया था। अब एजेंट की धोखाधडी से हमें घर को छुडवाना बड़ा मुशिकल हो गया है। मैं पंजाब सरकार से मांग करती हूं कि मेरे परिवार की आर्थिक सहायता की जाए।
छह दिन तक मांस को खाने को दिया
युवती ने बताया कि 29 अगस्त से पांच सितंबर तक उसे रोटी देखने तक को नहीं मिली। वो सिर्फ पानी पीकर अपना पेट भरती रही। जब वो शोर करती तो उसे बंधक बना दिया जाता था और उसे डरा धमका कर चुप करवाया जाता था। युवती ने बताया कि उसे मुस्लिम लोग छह दिन तक जानवरों का मांग खाने को देते रहे लेकिन उसने नहीं खाया।
अगर ओमान रहती तो मेरा जबरन धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता
युवती कमलजीत ने बताया कि अगर वह मुस्लिम लोगों के जुल्म को सहन कर जाती तो जबरन उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता, क्योंकि पहले दिन से ही उस पर बुर्का पहनने और अरबी भाषा सीखने व मुस्लिम महिलाओं की तरह रहने को कहा जा रहा था।
करीब 30 पंजाबी युवतियां अभी वहां फंसी
कमलजीत कौर ने बताया कि उसकी तरह 30 और युवतियां ओमान के गुरुद्वारा साहिब में हैं। वह सभी ओमान के विभिन्न हिस्सों से मुस्लिम लोगों के अत्याचार से बचकर गुरुद्वारा साहिब की शरण में रह रही हैं।
मामला ध्यान में आते ही ओमान में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से किया संपर्क: हरभजन सिंह
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जैसे ही मामला उनके ध्यान में आया तो उन्होंने तुरंत ओमान में स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद वहां के दूतावास अधिकारियों ने लड़की को आजाद करवाकर वापस भारत भेजा। उन्होंने बताया कि इकबाल सिंह निवासी मोहाली ने मामला उनके ध्यान में लाया था।