फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   H E Harinder Sidhu, Australian High Commissioner address at Chandigarh Press Club

आस्ट्रेलिया जाने वालों के लिए गुड न्यूज, उच्चायुक्त ने दी राहत वाली खबर

Wed, 27 Jul 2016 05:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Wed, 27 Jul 2016 05:20 PM IST
विज्ञापन
H E Harinder Sidhu, Australian High Commissioner address at Chandigarh Press Club
Australian High Commissioner - फोटो : Australian High Commissioner
आस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों के अभिभावकों को उनसे मिलने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब उन्हें वीजा के लिए बार-बार आवेदन की जरूरत नहीं होगी। आस्ट्रेलिया ने भारतीयों के लिए तीन वर्षीय मल्टीपल एंट्री वीजा सिस्टम शुरू किया है। यह जानकारी सोमवार को आस्ट्रेलिया की उच्चायुक्त भारतीय मूल की हरिंदर सिद्धू ने दी। 
विज्ञापन


उन्होंने यहां प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भारतीय अभिभावकों को आस्ट्रेलिया में रह रहे अपने बच्चों के साथ वहां (आस्ट्रेलिया में) समय बिताने के लिए बार-बार वीजा के लिए आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब उन्होंने नया सिस्टम शुरू किया है। इससे उनकी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। 
विज्ञापन


पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय विद्यार्थियों को स्टूडेंट वीजा के मामले में हो रही परेशानियों को सिद्धू ने स्वीकार किया। कहा कि स्टूडेंट वीजा पर आस्ट्रेलिया जाने वालों के लिए नियमों में थोड़ी सख्ती की गई है, क्योंकि इसमें कई अराजक तत्व भी शिक्षा ग्रहण करने के नाम पर आस्ट्रेलिया पहुंच रहे थे। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि इस सख्ती से वास्तविक विद्यार्थियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सिद्धू के अभिभावक मूल रूप से पंजाब के हैं, लेकिन उनका जन्म सिंगापुर में हुआ। उसके बाद उनका परिवार आस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गया। उच्चायुक्त ने कहा कि भारत के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए आस्ट्रेलिया तैयार है। उन्होंने डेयरी, खेल, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा और कई क्षेत्रों में सहयोग की पेशकश की। 

सिद्धू ने कहा कि पिछले साल भारत के साथ उन्होंने 200 लाख आस्ट्रेलियाई डालर का कारोबार किया था। भारत नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर होने के साथ-साथ पांचवां सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट भी है। भारत के साथ आर्थिक रिश्ते बढ़ाने की अभी काफी संभावनाएं हैं।

आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि डेयरी के क्षेत्र में उनका देश भारत को काफी मदद कर सकता है। भारत में एक गाय औसतन साल भर में 1500 लीटर दूध देती हैं, लेकिन उनके देश में एक गाय की क्षमता करीब 5,500 लीटर दूध देने की है। भारत में गायों की ब्रीड बढ़ाने में आस्ट्रेलिया काफी मदद कर सकता है। 

 

पंजाब के लिए सहयोग की मंशा जताई

H E Harinder Sidhu, Australian High Commissioner address at Chandigarh Press Club
Australian High Commissioner - फोटो : amar ujala
पंजाब के लिए सहयोग की मंशा जताई
सिद्धू ने कहा कि आस्ट्रेलिया पंजाब में नष्ट होने वाले खाद्यान्नों को सुरक्षित करने में भी मदद कर सकता है। आस्ट्रेलिया में गेहूं की खेती से लेकर उसे मार्केट तक पहुंचाने में काफी कम उत्पाद नष्ट होता है, जबकि पंजाब में ऐसा नहीं है। हम पंजाब को तकनीक देकर इसे बढ़ा सकते हैं। सिद्धू ने कहा कि सुरक्षा सहयोग में दोनों देश एक-दूसरे को काफी सहयोग कर रहे हैं।

पिछले साल दोनों देशों ने असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो एक बड़ा कदम है। न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में शामिल होने के भारत के दावे को आस्ट्रेलिया ने जोरदार समर्थन दिया। कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने के लिए दोनों देश काम कर रहे हैं। 

आस्ट्रेलिया में भारतीयों की संख्या तीन गुना बढ़ी
आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि पिछले दस वर्षों में आस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या तीन गुना बढ़ी है। बड़ी संख्या में भारतीय युवा आस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए जा रहे हैं। साल 2014 में 46 हजार और साल 2015 में 53 हजार विद्यार्थी आस्ट्रेलिया आए। इस साल यह संख्या 60 हजार तक पहुंचने की संभावना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed