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Chandigarh News: गुरुग्राम जेल सुपरिंटेंडेंट सुनील सांगवान का इस्तीफा, दादरी से ठोकेंगे चुनावी ताल

Mon, 02 Sep 2024 12:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2024 12:03 AM IST
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Gurugram Jail Superintendent Sunil Sangwan resigns
-जेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को वीआरएस के लिए लिखा पत्र
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- पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान हैं बेटे


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भौंडसी (गुरुग्राम) जेल के सुपरिंटेंडेंट सुनील सांगवान चरखीदादरी से चुनावी ताल ठोकने की तैयारी में हैं। सांगवान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सरकारी सेवाओं से वीआरएस लेने के लिए गृह व जेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को पत्र भेजा है। संभावना है कि उनका इस्तीफा जल्द ही मंजूर कर लिया जाएगा। जेल विभाग में 22 वर्षों की सेवाओं के बाद अब सुनील सांगवान अपने पिता व पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान की राजनीतिक विरासत को संभालेंगे।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा सुनील सांगवान को चरखी दादरी से विधानसभा चुनाव लड़वा सकती है। इस्तीफा मंजूर होने के बाद सांगवान भाजपा ज्वाइन करेंगे। 2 जनवरी, 2002 को सुनील सांगवान ने जेल विभाग में बतौर डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सरकारी सेवाओं की शुरूआत की थी। उनकी पहली पोस्टिंग गुरुग्राम की भौंडसी जेल में ही हुई थी। संयोग से आज उन्होंने उसी जेल के सुपरिंटेंडेंट रहते हुए इस्तीफा दिया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत व झज्जर जैसी जेलों में सुनील सांगवान ने बतौर सुपरिंटेंडेंट कार्य किया। सुनील सांगवान के बेटे व बेटी दोनों ही सेना में बतौर कैप्टन देश की सेवा कर रहे हैं। सुनील के बेटे की सियाचिन ग्लेशियर और बेटी की अरुणाचल में पोस्टिंग है। चुनाव से पहले जब पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सतपाल सांगवान को भाजपा ज्वाइन करवाई थी तो उनकी इसके लिए सार्वजनिक तौर पर प्रशंसा भी की थी।
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पिता ने भी नौकरी छोड़ की थी राजनीति की शुरुआत
सतपाल सांगवान टेलीकॉम डिपार्टमेंट में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। भूतपूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के सबसे नजदीकियों में सतपाल सांगवान की गिनती होती है। बंसीलाल प्यार से सतपाल सांगवान को ‘बुलडोजर’ कहा करते थे। 1996 में बंसीलाल के कहने पर ही सतपाल सांगवान ने एसडीओ की नौकरी से इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी (हविपा) की टिकट पर चरखी दादरी से विधायक बने। 2009 में भी सतपाल सांगवान दादरी से विधायक बने और उस समय हुड्डा सरकार में पांच वर्षों तक सहकारिता एवं आवास मंत्री रहे।
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