राम रहीम को उम्रकैद की सजा का इस शहर से सीधा कनेक्शन, अब अगले मामले में इंसाफ की उम्मीद
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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहे गुरमीत राम रहीम के बुरे दिनों की कहानी हरियाणा के फतेहाबाद से होकर गुजरती है। उसके खिलाफ चल रहे चार मुख्य मामलों में तीन मामलों का सीधा कनेक्शन फतेहाबाद जिले से है। इसमें दो मामले तो डेरामुखी के खिलाफ जा चुके हैं। शुक्रवार दोषी करार दिये जाने के बाद अब तीसरे मामले में शिकायतकर्ता को इंसाफ की उम्मीद जगी है।
पहला कनेक्शन : फतेहाबाद के रहने वाले हैं छत्रपति कांड में सीबीआई के गवाह
डेरामुखी को शुक्रवार को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में दोषी करार दिया गया। लेकिन इस मामले में डेरामुखी के खिलाफ गवाही फतेहाबाद के पत्रकारों आरके सेठी व मदन बंसल ने दी है। दरअसल ये दोनों पत्रकार भी डेरा सच्चा सौदा अनुयायियों के गुस्से के शिकार हुए थे।
इसके बाद सीबीआई ने इन दोनों की गवाही को कामन एविडेंस के तौर पर तीनों मामलों में इस्तेमाल किया। छत्रपति कांड में तो सेठी व बंसल की गवाही सीधे तौर पर सीबीआई के काम आई। फतेहाबाद से छत्रपति कांड का ये कनेक्शन डेरामुखी पर भारी पड़ा।
दूसरा कनेक्शन : साध्वी दुष्कर्म मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखने वाली एक पीड़िता फतेहाबाद जिले की
पिछले साल अगस्त माह में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने जिस दुष्कर्म मामले में डेरामुखी को 10-10 साल की कड़ी सजा सुनाई थी। उस मामले में एक पीड़िता फतेहाबाद जिले की ही बताई गई है। पीड़िता पहले डेरा मुख्यालय में साध्वी के तौर पर ही रहती थी।
बाद में उसके व एक अन्य साध्वी द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बाद ही डेरामुखी के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू हुई और सालों की अदालती कार्यवाही के बाद पिछले साल अगस्त में सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दस-दस साल की सजा सुना डाली। इस फैसले के बाद पंचकूला समेत पूरे प्रदेश में तनाव फैल गया था।
तीसरा कनेक्शन : साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में शिकायतकर्ता टोहाना का रहने वाला
डेरामुखी के खिलाफ फतेहाबाद जिले का एक और कनेक्शन भी शायद उस पर भारी पड़ सकता है। डेरामुखी पर डेरा सच्चा सौदा में 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का आरोप है। राम रहीम पर ये सनसनीखेज आरोप लगाने वाला शिकायतकर्ता हंसराज हकीकी फतेहाबाद जिले के टोहाना का रहने वाला है।
यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन शिकायतकर्ता हंसराज हकीकी को उम्मीद है कि जिस तरह से पहले दो मामलों में डेरामुखी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सका, उसी तरह उसके लगाए आरोप भी कोर्ट में सच साबित होंगे और इस मामले में भी डेरामुखी को सजा सुनाई जाएगी।