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चंडीगढ़ को वूमन सेल से 'गुल' करेंगी पनाग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 15 Mar 2014 02:42 PM IST
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इस बार के लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ में करीब ढाई लाख महिला वोटर हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस वर्ग पर फोकस करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए पार्टी पहली बार चंडीगढ़ में वुमन सेल बनाने जा रही है।
अभी तक आप का किसी भी राज्य या जिले में वुमन सेल नहीं है। शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान पार्टी प्रत्याशी
गुल पनाग के सामने कुछ कार्यकर्ताओं ने वुमन सेल बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे तत्काल स्वीकार कर लिया है। पार्टी के मुनीष रायजादा ने बताया कि इसका गठन एक-दो दिन में कर दिया जाएगा।
ज्यादातर रूठे कार्यकर्ता माने
गुल पनाग के लिए अच्छी बात यह है कि वह पार्टी के रूठे कार्यकर्ताओं को जोड़ने में काफी हद तक कामयाब रही हैं। सविता भट्टी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जो कार्यकर्ता नाराज हो गए थे, वे अब पार्टी के साथ जुड़ने लगे हैं।
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सेक्टर 21 स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में लगभग सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे। गुल के पिता पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल एचएस पनाग और भाई शेरबीर पनाग भी चुनाव अभियान में जुट गए हैं।
वे भी पार्टी कार्यालय में पहुंचे और वालंटियर के साथ मिलकर रणनीति बनाई। शेरबीर पनाग ने आईटी टीम के साथ मिलकर प्रचार करने के लिए अहम बैठक की, जबकि पिता ने डोर टू डोर प्रचार करने की जिम्मेदारी संभाली।
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अभी तक आप का किसी भी राज्य या जिले में वुमन सेल नहीं है। शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान पार्टी प्रत्याशी
गुल पनाग के सामने कुछ कार्यकर्ताओं ने वुमन सेल बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे तत्काल स्वीकार कर लिया है। पार्टी के मुनीष रायजादा ने बताया कि इसका गठन एक-दो दिन में कर दिया जाएगा।
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ज्यादातर रूठे कार्यकर्ता माने
गुल पनाग के लिए अच्छी बात यह है कि वह पार्टी के रूठे कार्यकर्ताओं को जोड़ने में काफी हद तक कामयाब रही हैं। सविता भट्टी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद जो कार्यकर्ता नाराज हो गए थे, वे अब पार्टी के साथ जुड़ने लगे हैं।
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सेक्टर 21 स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में लगभग सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे। गुल के पिता पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल एचएस पनाग और भाई शेरबीर पनाग भी चुनाव अभियान में जुट गए हैं।
वे भी पार्टी कार्यालय में पहुंचे और वालंटियर के साथ मिलकर रणनीति बनाई। शेरबीर पनाग ने आईटी टीम के साथ मिलकर प्रचार करने के लिए अहम बैठक की, जबकि पिता ने डोर टू डोर प्रचार करने की जिम्मेदारी संभाली।