बर्ड फ्लू से कैसे बचें? जानने के लिए टिप्स पढ़ें
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प्रशासन के हेल्थ विभाग ने सुखना के तीन किलोमीटर के दायरे में डोर टू डोर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान अगर किसी में फ्लू के लक्षण पाए जाएंगे तो उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रशासन की ओर से सुखना के आसपास तीन किलोमीटर के एरिया को वर्ड फ्लू इफैक्टिड घोषित करने के बाद शनिवार को लोगों की स्वास्थ्य जांच शुरू कर दी गई है।
अभी तक इंसानों में फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। यह कदम सिर्फ एहतियात के तौर पर उठाया जा रहा है।
सुखना का तीन किलोमीटर का दायरा सर्विलांस पर है। लोगों की जांच की जा रही है, जिसमें भी फ्लू जैसे लक्षण मिलेंगे उसे आइसोलेट वार्ड में रखा जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है।
प्रभावित क्षेत्र के लिए गाइडलाइन
- बर्ड्स, पोल्ट्री फार्म व जंगली पक्षियों से सीधे संपर्क से बचें।
- आपके घर के आसपास जहां पक्षी बैठते हों उसे न छुएं।
- पोल्टी फार्म व बर्ड्स मार्केट जाने से बचें।
- अच्छी तरह से पकाए गए मीट को खाएं।
- अंडे की जरदी को बहने या छलकने न दें।
- मीट को कम से कम 30 मिनट तक 70 डिग्री के तापमान पर पकाएं।
इन टिप्स को भी जरूर फोलो करें
- हाथ को साबुन और साफ पानी अच्छी तरह से धोएं। इससे कीटाणु नहीं फैलेंगे।
- एल्कोहल बेस्ड हैंडवाश का इस्तेमाल करें।
- जुकाम-खांसी होने पर मुंह ढक कर रखें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें ।
- 100.4 डिग्री फीवर।
- नाक बह रही हो।
- गले में खराबी हो।
- शरीर में दर्द हो
- बैचेनी हो।
- डायरिया के लक्षण हो।
- सांस लेने में दिक्कत हो।
- सुखना लेक पर बीते दस दिन के भीतर बतखों के संपर्क में आए हो।
तीन किलोमीटर की जद में आते हैं ये एरिया
सेक्टर एक से लेकर सेक्टर 11, किशनगढ़, गोल्फ क्लब, कैंबवाला, नया गांव, आईटी पार्क व सेक्टर 26 का कुछ एरिया।
बतखों को मारने वाले 40 कर्मियों को छुट्टी पर भेजा
सुखना लेक पर बतखों को मारने के लिए चलाए गए आपरेशन में शामिल 40 कर्मियों को दस दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है। इन कर्मियों को विशेष तौर पर निर्देश दिया गया है कि वे अपने घर पर ही रहे। लोगों से ज्यादा न मिले। यदि बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत आए तो तुरंत सूचना दें।
डाक्टर लगातार इन लोगों के संपर्क में है। शनिवार को भी उन्हें चेक किया गया और उन्हें वैक्सीन भी दी गई है। डाक्टरों ने बताया है कि आपरेशन में 40 कर्मियों ने हिस्सा लिया था।
इनमें वाइल्ड लाइफ, स्वास्थ्य कर्मी, नगर निगम, सीपीडीओ, एनिमल हसबेंडरी के लोग शामिल थे। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक जो लोग इसमें शामिल थे, उनके लिए खास तौर पर एहतियात बरतनी होगी।
ये है बर्ड फ्लू का पूरा मामला
सुखना लेक पर अचानक 25 बतखों की मौत हो गई थी। पहले जालंधर लैब ने मौत की वजह भूख और ठंड बताया था मगर इनमें से भोपाल लैब भेज गए एक सैंपल में एच5एन1 (बर्ड फ्लू) वायरस की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट आने के बाद वीरवार को सुखना लेक पर बची सभी बतखों को मार कर जला दिया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों में भी हड़कंप
वर्ल्ड फ्लू के नाम से ही जनरल अस्पताल में दहशत है। अस्पताल के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने मास्क पहन रखा था। वहीं अस्पताल में मरीजों के साथ पहुंचे तीमारदार भी आइशोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज के लिए चिंतित दिखे। हॉलाकि वार्ड के अंदर मरीज की जांच के लिए जाने वाले डॉक्टर भी शतर्क थे। सभी एक दूसरे को मास्क पहने की सलाह देते नजर आए।