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गुड़िया मर्डर केस: गवाह आशीष चौहान का खुलासा- ‘टॉर्चर करने के साथ मुझे दिया गया था इंजेक्शन’
Wed, 08 Jan 2020 10:29 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 08 Jan 2020 10:29 AM IST
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शिमला के चर्चित गुड़िया मर्डर केस में आरोपी सूरज सिंह की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले की सुनवाई चंडीगढ़ की जिला अदालत में हुई। इस दौरान गवाह आशीष चौहान का क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ। आशीष ने अदालत को बताया कि 27 जुलाई को उसे शिमला की अदालत में पेश किया गया था, जहां उसने टॉर्चर का खुलासा किया था।
यह कहना गलत है कि उसने अदालत में खुलासा नहीं किया। आशीष चौहान ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद 11 जुलाई 2017 को दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच आईजी जहूर जैदी की मौजूदगी में आरोपियों ने उसे व्हिस्की और जबरन भांग पिलाई गई। उसे पीएसओ ने इंजेक्शन भी दिया, जिनका नाम वह नहीं जानता, लेकिन चेहरा देखकर पहचान सकता है।
इस दौरान उसे बिजली के झटके देकर टॉर्चर भी किया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। होश में आने के बाद उसे दोबारा टॉर्चर किया गया। यह बात सही है कि इंजेक्शन देने की बात का खुलासा उसने पहली बार किया है। इसके अलावा उससे कई सवाल किए गए।
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एक अन्य गवाह गौरी दत्त शर्मा भी अदालत में मौजूद रहे, लेकिन अदालत का समय खत्म होने के कारण उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके। उनके बयान अगली सुनवाई पर दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा जेल अथॉरिटी ने सभी आरोपियों को अदात में पेश किया। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी।
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यह कहना गलत है कि उसने अदालत में खुलासा नहीं किया। आशीष चौहान ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद 11 जुलाई 2017 को दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच आईजी जहूर जैदी की मौजूदगी में आरोपियों ने उसे व्हिस्की और जबरन भांग पिलाई गई। उसे पीएसओ ने इंजेक्शन भी दिया, जिनका नाम वह नहीं जानता, लेकिन चेहरा देखकर पहचान सकता है।
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इस दौरान उसे बिजली के झटके देकर टॉर्चर भी किया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। होश में आने के बाद उसे दोबारा टॉर्चर किया गया। यह बात सही है कि इंजेक्शन देने की बात का खुलासा उसने पहली बार किया है। इसके अलावा उससे कई सवाल किए गए।
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एक अन्य गवाह गौरी दत्त शर्मा भी अदालत में मौजूद रहे, लेकिन अदालत का समय खत्म होने के कारण उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके। उनके बयान अगली सुनवाई पर दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा जेल अथॉरिटी ने सभी आरोपियों को अदात में पेश किया। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को होगी।
यह है मामला
शिमला से 58 किलोमीटर दूर कोटखाई के एक स्कूल की छात्रा 4 जुलाई 2017 को लापता हो गई थी। दो दिन बाद जंगल से लाश मिली थी। एसआईटी ने स्थानीय युवक समेत पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी था, लेकिन कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 को सूरज की मौत हो गई।
सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजीपी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया।
इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।
सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने आईजीपी जहूर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया।
इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था, लेकिन वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ, जिस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।