फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   gst, gst bill, goods & service tax, gst benefits for haryana, gst benefits for punjab

GST लागू होने से पंजाब और हरियाणा को क्या-क्या फायदे होंगे, पढ़िए

Thu, 04 Aug 2016 09:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 04 Aug 2016 09:11 PM IST
विज्ञापन
gst, gst bill, goods & service tax, gst benefits for haryana, gst benefits for punjab
gst
वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) लागू होने से पंजाब और हरियाणा के लोगों को कई तरह के फायदे होंगे। हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने राज्यसभा में पारित हुए वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) अधिनियम का स्वागत करते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार जीएसटी बिल लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रेसवार्ता में वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की टीम जीएसटी बिल लागू करने के लिए रोडमैप तैयार कर रही है। इस बिल को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
विज्ञापन


वित्तमंत्री ने कहा कि जीएसटी के संसद के मानसून सत्र में पारित होने से सभी राज्य अपनी-अपनी विधानसभाओं में संसदीय प्रक्रियाएं पूरी कर वर्ष 2017 के बजट सत्र में इसे पारित कर सकते हैं और तब तक यह बिल कानून का रूप ले लेगा। अभिमन्यु ने कहा कि बिल के लागू होने से राज्यों को किसी भी प्रकार की राजस्व हानि नहीं होगी। किसी भी संभावित नुकसान की स्थिति में बिल लागू होने के बाद पांच वर्षों तक भारत सरकार इसकी भरपाई करेगी।
विज्ञापन


जीएसटी लागू होने से होंगे फायदे
- पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू होगी, जिससे महंगाई दर कम होगी
- जीडीपी में वृद्धि होगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी
- जवाबदेही बढ़ेगी तथा भ्रष्टाचार से मुक्ति
- इस अधिनियम से राज्यों के साथ-साथ उद्योग-व्यापार जगत के अलावा आम उपभोक्ताओं को भी इसका काफी फायदा होगा।

जीएसटी लागू होने से राजस्व में होगी और बढ़ोतरी

gst, gst bill, goods & service tax, gst benefits for haryana, gst benefits for punjab
GST BILL
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि हरियाणा की राजस्व बढ़ोतरी की दर सही दिशा में आगे बढ़ रही है। यह पड़ोसी राज्यों से कहीं बेहतर है। उन्होंने कहा कि जीएसटी बिल के लागू होने के बाद इसमें और बढ़ोतरी होगी।

सातवें वेतन आयोग के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान
वित्तमंत्री ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को लेकर हरियाणा सरकार ने अपने बजट में 4000 करोड़ रुपये का पहले ही प्रावधान किया हुआ है। केंद्र सरकार के साथ ही हरियाणा में इसे लागू कर दिया जाएगा। वर्तमान केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग को छह महीने के अंदर ही अधिसूचित कर दिया। जबकि यूपीए को छठे वेतन आयोग को अधिसूचित करने में दो वर्ष से अधिक का समय लगा था।

माधवन कमेटी की सिफारिशों पर जल्द उठाए जाएंगे जरूरी कदम
अभिमन्यु ने कहा कि माधवन कमेटी के अध्ययन के बाद यह बात सामने आई है कि अगर हरियाणा अपने कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देता है, तो कर्मचारियों का एक बहुत बड़ा वर्ग नुकसान में जाएगा। वेतन विसंगतियों को लेकर माधवन कमेटी की सिफारिशों पर जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक सहित अन्य कई वित्तीय संस्थानों ने जीएसटी बिल को सही बताया है।    

पंजाब में आसान नहीं है जीएसटी की राह

gst, gst bill, goods & service tax, gst benefits for haryana, gst benefits for punjab
डेमो पिक
केंद्र सरकार ने अप्रैल-2017 से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू करने की तैयारी कर ली है, लेकिन पंजाब में जीएसटी लागू करने की राह आसान नहीं है। वजह यह है कि पंजाब में जीएसटी के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा नहीं है। कारोबारियों के पास तो बुनियादी ढांचे की कमी है ही। एक्साइज टैक्सेशन विभाग के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत भी खास अच्छी नहीं है।

विभाग ने तीन साल पहले अपना सिस्टम ऑनलाइन किया था, पर आज तक विभाग सी-फॉर्म ऑनलाइन नहीं कर सका है। पंजाब में करीब दो लाख वैट डीलर हैं। बड़ी संख्या में ऐसे डीलर भी हैं जो रजिस्टर्ड ही नहीं हैं। इसकेअलावा बड़ी संख्या में और छोटे कारोबारी हैं जो वैट नहीं देते, लेकिन वे जीएसटी के दायरे में आएंगे। इनमें से 75 फीसदी से ज्यादा डीलरों के पास आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है।

एक्साइज टैक्सेशन विभाग के लिए यह भी चुनौती है कि जीएसटी लागू होने के बाद जो नए लोग इसकेदायरे में आएंगे, उन्हें कैसे संभाला जाएगा। जीएसटी को लेकर कारोबारियों में तमाम आशंकाए हैं। पंजाब व्यापार मंडल के प्रधान अमृतलाल जैन ने कहा कि विजय केलकर कमेटी ने 16.4 फीसदी टैक्स की सीमा निर्धारित की थी, लेकिन केंद्र ने इसे बढ़ा कर 18 प्रतिशत कर दिया।

डिस्प्यूट ट्रिब्यूनल एक होना चाहिए, पर यहां अलग-अलग हैं। जीएसटी में प्रॉसिक्यूशन और जुर्माने का प्रावधान किया या है। पर यह सब सिर्फ कारोबारियों केलिए हैं। विभागीय अधिकारियों को कहीं भी जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। दुनिया में कहीं भी तीन तरह का जीएसटी नहीं है, इसमें स्टेट, सेंट्रल और इंटिग्रेटेड जीएसटी का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed